कोटद्वार: बारिश के कारण गुमखाल और सतपुली के बीच आया मलबा, तीन घंटे तक बाधित रहा पौडी हाईवे

भारी बारिश के कारण गुमखाल और सतपुली के बीच मलबा गिरने से पौड़ी हाईवे करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। जिसके चलते डीएम पौडी स्वाति एस कोटद्वार के दौरे पर आयीं. भदौरिया को वैकल्पिक मार्ग डेरियाखाल-सिसल्डी कांडाखाल-सतपुली होते हुए पौड़ी के लिए रवाना होना पड़ा। वैकल्पिक मार्ग की हालत खराब होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम करीब साढ़े पांच बजे बंद हुआ पौड़ी हाईवे रात साढ़े आठ बजे खुल सका।

एनएच 534 पौड़ी हाईवे गुमखाल से सतपुली के बीच पहाड़ों को काटकर चौड़ीकरण के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है। गुरुवार को दिन में दो बजे शुरू हुई बारिश के कारण गुमखाल से करीब सात किमी दूर पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया, जिससे हाईवे अवरुद्ध हो गया। उधर, सतपुली मल्ली में भी शाम करीब साढ़े पांच बजे पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने से हाईवे पर यातायात ठप हो गया।

उत्तराखंड मौसम: पहाड़ से मैदान तक बदला मौसम, देहरादून-मसूरी में बारिश और ओलावृष्टि, गर्मी से राहत

कोटद्वार और दुगड्डा के दौरे पर गए जिलाधिकारी पौड़ी को भी वैकल्पिक रास्ते से लौटना पड़ा। डीएम का वाहन डेरियाखाल से सिसलडी कांडाखाल मार्ग होते हुए सतपुली पहुंचा। सड़क बंद होने से कोटद्वार और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले दर्जनों वाहन दोनों ओर फंस गए। छोटे वाहन और कई बसें सतपुली कांडाखाल सिसलडी मार्ग से गंतव्य के लिए रवाना हुईं। एनएच खंड के सहायक अभियंता खुशवंत शर्मा ने बताया कि देर शाम हाईवे यातायात के लिए खोल दिया गया है। हाईवे पर दिन-रात काम चल रहा है। मौके पर मशीनें पहुंच जाने से मलबा हटाना शुरू कर दिया गया है।

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अयोध्या में बनेगा भव्य ‘दशरथ पथ’, 15 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बढ़ाएगा राम नगरी की पहचान.

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक बार फिर विकास और अध्यात्म का नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. राम नगरी पहले से ही अपनी भव्यता और धार्मिक महत्व के लिए देश-दुनिया में मशहूर है और अब यहां ‘दशरथ पथ’ नाम से एक नया और भव्य कॉरिडोर बनाने की तैयारी है। यह कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति का अनूठा संगम होगा। यह प्रोजेक्ट श्रद्धालुओं को नया अनुभव देगा और अयोध्या की पहचान और मजबूत होगी.

नया कॉरिडोर 15 किलोमीटर लंबा होगा
प्रस्तावित ‘दशरथ पथ’ साकेत पेट्रोल पंप से बिल्वहरि घाट तक बनाया जाएगा. इसकी कुल लंबाई करीब 15 किलोमीटर होगी. यह मार्ग श्रद्धालुओं को सीधे राजा दशरथ की यादों से जोड़ेगा और धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

खंभों पर कला और परंपरा की झलक दिखेगी
इस पूरे मार्ग को खास बनाने के लिए बीच-बीच में कुल 30 भव्य खंभे लगाए जाएंगे। इन स्तंभों पर योग की 15 हस्त मुद्राएं और 15 शस्त्र मुद्राओं की कलाकृतियां बनाई जाएंगी। ये कलाकृतियां न सिर्फ खूबसूरत होंगी बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा को भी प्रतिबिंबित करेंगी।

6 फीट ऊंची प्रतिमाएं बढ़ाएंगी आकर्षण
इन खंभों पर स्थापित की जाने वाली मूर्तियों की ऊंचाई करीब 6 फीट होगी. ये प्रतिमाएं पूरे मार्ग को और भी आकर्षक और आध्यात्मिक माहौल से भर देंगी। यह मार्ग श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अलग अनुभव होगा।

अयोध्या की पहचान और मजबूत होगी
रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ के बाद अब ‘दशरथ पथ’ अयोध्या की भव्यता को और बढ़ाने जा रहा है। इस नए कॉरिडोर से शहर को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

आस्था और विकास का संगम
यह परियोजना अयोध्या में आस्था और आधुनिक विकास के संयोजन को दर्शाती है। आने वाले समय में यह कॉरिडोर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और राम नगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक छवि को और निखारेगा।

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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Pauri News: जंगल में बकरियां चरा रही महिला का संतुलन बिगड़ा, पहाड़ी से गिरकर दर्दनाक मौत – Pauri News: जंगल में बकरी चरा रही महिला का संतुलन बिगड़ा, पहाड़ी से गिरकर दर्दनाक मौत

एक दर्दनाक हादसे में पौड़ी जिले के पाबौ विकासखंड के ढिकवाली गांव में एक महिला की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई।



जानकारी के अनुसार, कांति देवी रोजाना की तरह अपनी बकरियों को चराने गांव के पास जंगल में गयी थी. इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया, जिससे वह अपना संतुलन खो बैठी और गहरी ढलान में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गयी.



घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाबू ले जाया गया। लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी.

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अयोध्या के मजनाई गांव में 2100 महिलाओं के सामूहिक ‘दुख दुरिया’ कार्यक्रम में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला.

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मिल्कीपुर क्षेत्र में स्थित मजनाई ग्राम सभा में एक अनोखा और भव्य धार्मिक आयोजन देखने को मिला। यहां ग्राम प्रधान श्रीमती राजदेई एवं प्रधान प्रतिनिधि कैलाश जयसवाल ने अपने पुत्र कार्तिक जयसवाल के जन्म के उपलक्ष्य में सामूहिक दुख दुरिया कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में करीब 2100 महिलाओं ने हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना कर माहौल को भक्तिभाव से धार्मिक रंग में रंग दिया. पूरे आयोजन में श्रद्धा, परंपरा और सामाजिक एकता की झलक साफ नजर आई।

2100 महिलाओं की भागीदारी से आयोजित हुआ विशेष आयोजन
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात ये रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया. ‘दुख दुरिया’ में करीब 2100 महिलाओं ने एक साथ हिस्सा लिया और पूरे विधि-विधान से पूजा की. यह घटना गांव में चर्चा का विषय बनी रही.

अवसान माता की पूजा
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पूरी श्रद्धा व विधि-विधान से अवसान माता की पूजा-अर्चना की. इस दौरान भक्ति गीत भी गाए गए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. इस धार्मिक अनुष्ठान में महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

पूजन सामग्री और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें
प्रधान प्रतिनिधि कैलाश जयसवाल ने सभी महिलाओं को संपूर्ण पूजन सामग्री उपलब्ध करायी। साथ ही कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी 2100 महिलाओं को दीवार घड़ियां भेंट की गईं। उनके लिए नाश्ते और पानी की भी उचित व्यवस्था की गई, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।

सैकड़ों लोगों ने जिम्मेदारी ली
कार्यक्रम को सफल बनाने में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जी जान से मेहनत की. इनमें प्रवेश जयसवाल, जगजीवन जयसवाल, अर्जुन जयसवाल, आशीष मौर्य, चंचल चौहान, राजेंद्र जयसवाल, सुनील मौर्य, राजकुमार, गुडडू पांडे, मोहम्मद रिजवान, नवनीत जयसवाल, रमेश चौहान, लालचंद, सुमित जयसवाल, जगननाथ जयसवाल, अश्विनी पांडे, रामजस मौर्य, अमरनाथ जयसवाल, जगदीश जयसवाल, अनुज जयसवाल, प्रसून और हरिप्रसाद यादव समेत कई लोग शामिल रहे.

महिलाओं ने आशीर्वाद दिया
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने प्रधान प्रतिनिधि कैलाश जयसवाल के पुत्र कार्तिक जयसवाल को आशीर्वाद दिया और आयोजन की सराहना की. महिलाओं ने उन्हें प्रसाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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अलकनंदा में शव मिलने से खुलासा: क्षेत्र पंचायत सदस्य ने की थी हत्या, हाथ-पैर बांधकर नदी में दफनाया – कर्णप्रयाग अलकनंदा में शव मिलने का मामला सुलझा क्षेत्र पंचायत सदस्य ने की थी युवक की हत्या

संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग (चमोली)

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन गुरु, 30 अप्रैल 2026 06:31 अपराह्न IST

10 मार्च को लंगासु में अलकनंदा नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने एक शव देखा। 24 मार्च को मृतक की पत्नी ने कोतवाली हत्याकांड में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की.


कर्णप्रयाग में अलकनंदा में शव मिलने का मामला सुलझा, क्षेत्र पंचायत सदस्य ने की थी युवक की हत्या

हत्याकांड की गुत्थी सुलझाती पुलिस टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

पुलिस ने नदी में मिली लाश के मामले का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने हत्या के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने पहले व्यक्ति की हत्या की. जिसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर उसे कार में डालकर नदी में फेंक दिया गया. उसका सामान और मोबाइल फोन भी नदी में फेंक दिया गया. आरोपी व्यक्ति क्षेत्र पंचायत सदस्य भी है.

गुरुवार को चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कोतवाली में प्रेस वार्ता का आयोजन किया. एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि 10 मार्च को स्थानीय लोगों ने लंगासू में अलकनंदा नदी के किनारे एक शव देखा. इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए शवगृह में रखवा दिया।

24 मार्च को मृतक की पत्नी ने कोतवाली हत्याकांड में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने शख्स के फोन की कॉल डिटेल निकाली. तो उसकी आखिरी लोकेशन नंदप्रयाग पाई गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक वहां एक ढाबे पर काम करता था.

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सहारा सिटी मामले में नगर निगम की बड़ी जीत, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लंबे समय से चल रहे सहारा सिटी विवाद में नगर निगम को बड़ी राहत मिली है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सहारा कमर्शियल की याचिका खारिज कर दी है. इस फैसले से नगर निगम की कार्रवाई को कानूनी मान्यता मिल गयी है. करीब 170 एकड़ में फैले इस मामले में कोर्ट के फैसले से प्रशासन का पक्ष मजबूत हुआ है और साफ हो गया है कि नियमानुसार की गई कार्रवाई सही थी.

लीज उल्लंघन पर कार्रवाई की गई
लीज शर्तों के उल्लंघन के आरोप में गोमतीनगर स्थित सहारा सिटी को नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया था। नगर निगम ने कहा कि 1994 में दिए गए पट्टे की कई शर्तों का पालन नहीं किया गया. इसके अलावा निर्माण और उपयोग से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी सामने आया था.

गेट सील नियंत्रण
जांच के बाद नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर के सभी छह गेट सील कर दिए। इसके साथ ही प्रशासनिक नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद सहारा समूह ने इसे गलत बताते हुए अदालत में चुनौती दी.

कई बार नोटिस दिए गए
नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि कार्रवाई से पहले कंपनी को कई बार मौके दिये गये. वर्ष 2020 और 2025 में कई बार नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने को कहा गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद ही अंतिम कार्रवाई की गई।

कोर्ट ने कार्रवाई को सही माना
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना. कोर्ट ने पाया कि नगर निगम की कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुरूप थी. इसी आधार पर सहारा की याचिका खारिज कर दी गई. इस फैसले को नगर निगम के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है.

लीज अवधि समाप्त होने के बाद विवाद बढ़ गया
इस मामले में यह भी सामने आया कि 30 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद भी जरूरी विकास कार्य नहीं किये गये. इस कारण प्रशासन को हस्तक्षेप कर सख्त कदम उठाना पड़ा.

अधिकारियों की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में नगर आयुक्त गौरव कुमार के नेतृत्व में कई अधिकारियों ने अहम भूमिका निभायी. मजबूत कानूनी तैयारी और दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा, जिससे फैसला उसके पक्ष में आया.

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उत्तराखंड मौसम: पहाड़ों से मैदानों तक बदला मौसम, देहरादून-मसूरी में बारिश और ओलावृष्टि, गर्मी से राहत

प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद आज देहरादून में भारी बारिश हुई. भारी ओलावृष्टि भी हुई.

मौसम विभाग ने खासतौर पर देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि और भारी बारिश की आशंका है. अचानक बदलते मौसम को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें. साथ ही बारिश और तेज हवाओं के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है.

केदारनाथ यात्रा: मौसम विभाग का दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट, ग्राउंड जीरो पर डीएम, देर रात पहुंचे कंट्रोल रूम

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फ़तेहपुर रेप केस में फरार आरोपी पर 1 लाख रुपये का इनाम, तलाश में जुटीं 7 टीमें

फ़तेहपुर समाचार: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मंगेतर को बंधक बनाकर रेप के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. फरार आरोपी बब्लू सिंगौर पर इनाम की राशि अब बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है. यह घोषणा प्रयागराज जोन के एडीजी ने की है. इस आरोपी पर पहले 25 हजार, फिर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.

इनाम बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि अभियुक्त बब्लू थाना खागा सिंगौर में दर्ज मुकदमे में वांछित है। एडीजी प्रयागराज जोन ने पहले घोषित 50 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है, ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके.

कई धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए विशेष जांच शुरू कर दी है.

पुलिस की 7 टीमें तलाश कर रही हैं
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कुल 7 टीमें बनाई गई हैं. ये टीमें लगातार अलग-अलग राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. पुलिस को आरोपी की विभिन्न रेलवे प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी की भी जानकारी मिली है, जिसके आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी गई है.

अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है. उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. जरूरत पड़ी तो गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी और उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है.

पीड़िता की सुरक्षा और सहायता पर जोर
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को उससे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है. पीड़िता को चिकित्सा एवं कानूनी सहायता दी जा रही है और उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी जारी है.

जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा
पुलिस ने कहा है कि इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी. वरिष्ठ अधिकारी लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

(रिपोर्ट:देवेंद्र सिंह,फतेहपुर)

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देहरादून एयरपोर्ट: जॉली ग्रांट से बद्रीनाथ-केदारनाथ के लिए उड़ानें शुरू, 20 मई तक बुकिंग फुल

संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट (देहरादून)

द्वारा प्रकाशित: रेनू सकलानी

अद्यतन गुरु, 30 अप्रैल 2026 10:23 पूर्वाह्न IST

जौलीग्रांट हेलीपैड से दो धाम के लिए उड़ान शुरू हुई। है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि एमआई 17 की 20 मई तक की बुकिंग फुल हो चुकी है।


जॉली ग्रांट उत्तराखंड से दो पवित्र स्थानों बद्रीनाथ केदारनाथ के लिए हेली सेवा हेलीकॉप्टर उड़ानें शुरू

जौलीग्रांट
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



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आज सुबह जॉली ग्रांट हेलीपैड से दोनों धामों बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर की उड़ानें शुरू हो गईं। पूजा के बाद सुबह करीब सात बजे रुद्राक्ष एविएशन का एमआई-17 हेलीकॉप्टर विभिन्न स्थानों से कुल 16 श्रद्धालुओं को लेकर दोनों धामों के लिए उड़ान भरा। लगातार चौथे साल जौलीग्रांट से बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए उड़ान शुरू की गई है।

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मौसम अनुकूल रहा तो हेलीकॉप्टर दिन में दो बार उड़ान भरेगा। जिसमें कुल 40 श्रद्धालु आ-जा सकेंगे। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि एमआई 17 की 20 मई तक की बुकिंग फुल हो चुकी है। यह उड़ान बरसात का मौसम शुरू होने से पहले करीब 15 जून तक संचालित की जाएगी। उसके बाद बारिश के बाद 15 या 20 सितंबर के बाद ये उड़ानें दोबारा शुरू की जाएंगी.

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यूपी में आंधी-बारिश: 18 की मौत, कई जिलों में तबाही, बिजली व्यवस्था ठप

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दीवार गिरने, पेड़ टूटने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में कुल 18 लोगों की मौत हो गई. सबसे ज्यादा असर अवध क्षेत्र में देखने को मिला, जहां 13 लोगों की जान चली गई. कई जगहों पर लोग घायल भी हुए हैं. तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया. प्रशासन और राहत टीमें स्थिति को संभालने में जुटी हुई हैं.

सर्वाधिक नुकसान अवध क्षेत्र में
आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर अवध क्षेत्र में देखने को मिला. सुल्तानपुर में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि अमेठी और अयोध्या में 3-3 लोगों की मौत हो गई. पूर्वांचल के जिलों में 5 लोगों की मौत की भी खबर है. इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

लखनऊ में बिजली और यातायात प्रभावित
तेज आंधी और बारिश के कारण राजधानी लखनऊ में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई. 100 से ज्यादा बिजली के खंभे गिर गये और कई जगहों पर तार टूट गये. पेड़ गिरने से सड़कों पर यातायात बाधित हो गया. उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल की कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं. लखनऊ के अलावा अमेठी,रायबरेली,सीतापुर में भी तेज बारिश के साथ ओले गिरे।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक यह बदलाव मध्य क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हुआ है, जो उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय है। अगले 24 घंटे तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है. कई जिलों में वज्रपात और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.

तेज हवाओं और बारिश का असर
कई जिलों में तेज हवाएं और बारिश दर्ज की गई. वाराणसी में हवा की गति 109 किमी प्रति घंटा और अयोध्या में 87 किमी प्रति घंटा रही. गोरखपुर में 19.2 मिमी, प्रयागराज में 11.2 मिमी, वाराणसी में 9 मिमी और अमेठी और आज़मगढ़ में 5 मिमी वर्षा दर्ज की गई.

बांदा सबसे गर्म जिला रहा
इतनी बारिश के बावजूद बांदा सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, लखनऊ में पेड़ गिरने से 400 से ज्यादा गांवों और कस्बों में 3 से 7 घंटे तक बिजली गुल रही.

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