विधानसभा का विशेष सत्र: कल देहरादून में डायवर्ट रहेंगे रूट, ये ट्रैफिक प्लान देखकर ही घर से निकलें – उत्तराखंड विधानसभा विशेष सत्र कल देहरादून में रूट रहेंगे डायवर्ट, ये है ट्रैफिक प्लान

विधानसभा सत्र के लिए दून पुलिस ने शहर का विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। 28 अप्रैल से सत्र समाप्ति तक क्रियान्वित होने वाली इस योजना के तहत शहर के कई प्रमुख स्थानों पर यातायात एवं कानून व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बैरियर प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। जुलूस को लेकर पुलिस ने भी विशेष योजना बनायी है.


पुलिस के मुताबिक, प्रगति विहार, शास्त्री नगर, बाईपास, डिफेंस कॉलोनी और विधानसभा तिराहा पर बैरियर लगाए जाएंगे, जहां से ट्रैफिक पर नजर रखी जाएगी और नियंत्रित किया जाएगा। सत्र के दौरान शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर रिस्पना क्षेत्र में दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को लालतप्पड़, हर्रावाला और नयागांव में रोका जाएगा।

विधानसभा सत्र के दौरान प्रत्येक संभावित जुलूस हिम पैलेस होटल से ही प्रस्थान करेगा और उनके वाहन रेस कोर्स गुरु नानक ग्राउंड में पार्क किये जायेंगे। जैसे ही जुलूस हिम पैलेस होटल से प्रगति विहार बैरियर की ओर प्रस्थान करेगा, रिस्पना से शहर की ओर आने वाले वाहनों को हरिद्वार बाईपास से ओल्ड बाईपास चौकी की ओर मोड़ दिया जाएगा।

विधानसभा का विशेष सत्र: देहरादून में रहेगी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस बल को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

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खड़गे के बयान पर अयोध्या में बवाल: संत परमहंसाचार्य ने दर्ज कराई शिकायत, कार्रवाई की मांग

अयोध्या में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कथित बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि उनके बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है. इस मामले को लेकर अयोध्या में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है. इस बयान को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में गुस्सा है और इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

संत परमहंसाचार्य ने दी शिकायत
इस मामले में तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंसाचार्य ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने खड़गे के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते हुए अयोध्या थाने में शिकायत दर्ज कराई है. परमहंसाचार्य का कहना है कि ऐसे बयानों से समाज में वैमनस्यता फैलती है और लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं.

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
परमहंसाचार्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष का बयान न सिर्फ अनुचित है बल्कि समाज में तनाव भी पैदा कर सकता है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाए और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

राजनीतिक माहौल गरमा गया
इस पूरे घटनाक्रम के बाद न सिर्फ अयोध्या बल्कि अन्य जगहों पर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इससे साफ है कि मामला धीरे-धीरे बड़ा रूप ले सकता है.

पुलिस ने जांच शुरू की
प्रशासन का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस मामले में किसी तरह की एफआईआर दर्ज होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस घटना ने अयोध्या के साथ-साथ पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

(प्रतिवेदन: (अनूप जयसवाल, अयोध्या)

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मुज़फ्फरनगर पुलिस: एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने नव तैनात महिला कांस्टेबलों को जन सेवा और मिशन शक्ति से संबंधित विशेष निर्देश दिए।

मुजफ्फरनगर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देश्यीय हॉल में नवनियुक्त महिला आरक्षियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरान्त प्रो. संजय कुमार वर्मा द्वारा संबोधित किया गया। इस दौरान उन्हें पुलिस सेवा के मूल सिद्धांतों, जनसेवा की भावना तथा आधुनिक पुलिसिंग की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम में महिला कांस्टेबलों को अनुशासन, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया गया, साथ ही समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया.


पुलिस सेवा को जनसेवा का माध्यम बताते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिये

अपने संबोधन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक अवसर है. उन्होंने महिला कांस्टेबलों से अपेक्षा की कि वे आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी का व्यवहार जनता के बीच पुलिस की छवि तय करता है, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी का आचरण विनम्र और जिम्मेदार होना चाहिए।


महिला अपराधों के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिये गये

कार्यक्रम के दौरान महिला आरक्षियों को महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित अपराध के मामलों में विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार बेहद जरूरी है.

समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए उनसे अपेक्षा की गई कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें।


मिशन शक्ति अभियान को प्राथमिकता का हिस्सा बताया

अभिभाषण के दौरान राज्य सरकार द्वारा किया गया मिशन शक्ति अभियान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में से एक है।

इस अभियान की सफलता में महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय भागीदारी को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया.


आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया

महिला कांस्टेबलों को आधुनिक पुलिसिंग के अनुरूप तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया गया। उन्हें कंप्यूटर आधारित कार्य, पुलिस पोर्टल पर डेटा एंट्री, रिकॉर्ड अपडेट और ऑनलाइन रिपोर्टिंग समय पर और सटीक तरीके से करने का निर्देश दिया गया।

इसके साथ ही फील्ड ड्यूटी को प्रभावी बनाने के लिए उपयोगी मोबाइल एप्लिकेशन, विशेषकर यक्ष ऐप जैसे प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।


साइबर अपराधों और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर मार्गदर्शन

कार्यक्रम में महिला कांस्टेबलों को साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए डिजिटल सतर्कता के महत्व से भी अवगत कराया गया। सेवा के दौरान सोशल मीडिया के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

टीम वर्क, समय पर कार्रवाई और पेशेवर व्यवहार को पुलिस सेवा की सफलता की आधारशिला बताया गया।


उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ व्यक्त की गई उम्मीदें

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने महिला आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी मेहनत, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से जिला पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनायेंगी।

उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मी नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।


कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी मौजूद रहे

इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा एवं क्षेत्राधिकारी जानसठ ऋषिका सिंह भी मौजूद थे. दोनों अधिकारियों ने महिला कांस्टेबलों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया।


प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जिले में तैनात महिला कांस्टेबलों को दिए गए मार्गदर्शन से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि मुजफ्फरनगर पुलिस महिला सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग को प्राथमिकता देकर नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार, संवेदनशील और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।

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दून-डेल्ही एक्सप्रेसवे: ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचे सीएम धामी, बोले- यह कनेक्टिविटी का बेहतरीन उदाहरण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे के बाद सड़क मार्ग से लौटते समय दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का अपना अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली से देहरादून तक का सफर मात्र ढाई घंटे में पूरा किया, जो पहले से काफी कम है.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का बेहतरीन उदाहरण है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में जिस तेजी से सड़क और परिवहन सुविधाओं का विकास हो रहा है, यह उसी का परिणाम है।

उत्तराखंड: महिला आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र कल; विपक्ष की तैयारी पूरी, हंगामे के आसार

अब इसका सीधा लाभ उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दून-दिल्ली आर्थिक गलियारा न केवल यात्रा के समय को कम कर रहा है बल्कि पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

इससे चारधाम यात्रा समेत राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे नये भारत की नई गति बताते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाएं उत्तराखंड के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

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अवधेश प्रसाद का बड़ा हमला: गैस संकट, स्मार्ट मीटर और आरक्षण पर सरकार पर हमला, 2027 में बदलाव का दावा

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता की समस्याएं सुनने में विफल रही है. इस दौरान उन्होंने गैस सिलेंडर की कमी, स्मार्ट मीटर और महिला आरक्षण बिल जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. प्रेस वार्ता में पूर्व राज्य मंत्री पवन पांडे, निवर्तमान जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव समेत अन्य नेता भी मौजूद थे.

शादी के सीजन में गैस की कमी का आरोप
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि शादी के मौसम में गैस सिलेंडर की भारी कमी है. उन्होंने दावा किया कि सिलेंडर ब्लैक में 4000 से 5000 रुपये में बेचे जा रहे हैं. उनका कहना है कि आम लोग इस समस्या से परेशान हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है.

स्मार्ट मीटर को लेकर उठे सवाल
सपा सांसद ने प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 76 लाख स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं. उनके मुताबिक इन मीटरों से बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है. उन्होंने बताया कि पहले बिल 1000 रुपये का आता था, अब यह बढ़कर 1500 से 2000 रुपये तक पहुंच गया है.

मीटर हटाने और पैसे वापस करने की मांग की
अवधेश प्रसाद ने सरकार से सभी स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से लिया गया अतिरिक्त पैसा वापस किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह जनता के साथ अन्याय है और इसे जल्द बंद किया जाना चाहिए.

महिला आरक्षण विधेयक और जाति जनगणना पर वक्तव्य
उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को ”राजनीतिक खेल” बताया और कहा कि यह विधेयक 2023 में पहले ही पारित हो चुका है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जाति जनगणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे से ध्यान भटका रही है.

डिप्टी सीएम पर निशाना, 2027 का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले अपनी स्थिति तय करनी चाहिए. उन्होंने उन्हें एक हारा हुआ नेता बताते हुए कहा कि वह पार्टी के आशीर्वाद से उपमुख्यमंत्री बने हैं. अंत में उन्होंने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और बीजेपी सत्ता से बाहर हो जायेगी.

(रिपोर्टः अनूप जायसवाल,अयोध्या)

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राकेश टिकैत का बयान: ममता बनर्जी ने किया जीत का दावा, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप- 2027 यूपी चुनाव और लोकदल को लेकर भी दिया बड़ा संदेश

मुजफ्फरनगर किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत राष्ट्रीय राजनीति को लेकर एक बार फिर खुलकर प्रतिक्रिया दी. उनके ताजा बयान ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, केंद्र की राजनीति और उत्तर प्रदेश के 2027 के चुनावी समीकरणों को लेकर एक नई चर्चा छेड़ दी है।

टिकैत ने साफ कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष रहेगी ममता बनर्जी जीत पक्की मानी जा सकती है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की राजनीति पर खुलकर अपनी राय रखी.


पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा दावा- मतदाता जागरूक हैं, माहौल साफ है

बयान में पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को लेकर राकेश टिकैत का आकलन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. उन्होंने कहा कि राज्य में मतदाता पहले से अधिक जागरूक नजर आ रहे हैं और भारी मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत है कि जनता निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है.

बकौल टिकैत, करीब 90 फीसदी वोटिंग जैसी स्थिति बताती है कि मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। उनका मानना ​​है कि अगर वोटिंग निष्पक्ष तरीके से हुई तो इसका सीधा फायदा ममता बनर्जी को हो सकता है.


बीजेपी की रणनीति पर लगाए गंभीर आरोप

अपने राजनीतिक भाषण के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी बल्कि विपक्षी दलों के जन प्रतिनिधियों को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर सांसदों और विधायकों को दबाव में दल बदलने के लिए मजबूर किया जाता है, तो चुनाव प्रक्रिया के महत्व पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

उन्होंने टिप्पणी की कि कई बार जांच एजेंसियां ​​पहले कार्रवाई करती हैं और बाद में वही नेता सत्तारूढ़ दल में शामिल हो जाते हैं. इस तरह की राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है.


प्रवासियों की भागीदारी के लिए एक निर्णायक संकेत

टिकैत ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में बाहर काम करने वाले लोग भी मतदान को लेकर काफी जागरूक नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी मतदाता सक्रिय रूप से मतदान करने और अपना नाम मतदाता सूची से हटने से बचाने का प्रयास कर रहे हैं.

उन्होंने इसे लोकतांत्रिक जागरूकता का सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि इस प्रकार की भागीदारी चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है.


यूपी 2027 चुनाव पर भी दिया अहम संकेत

राकेश टिकैत के बयान का एक अहम हिस्सा उत्तर प्रदेश की आने वाली राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ा था. उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में संभावित गठबंधन समीकरणों पर भी अपनी राय व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में क्षेत्रीय दलों की भूमिका अहम होने वाली है और गठबंधन की राजनीति में सम्मानजनक भागीदारी जरूरी है.


इकरा हसन के बयान का समर्थन, लोकदल की भूमिका पर जोर

इकरा हसन 2027 के चुनाव में लोकदल लोकदल को 50 सीटें मिलने की बात पर जवाब देते हुए टिकैत ने कहा कि लोकदल जैसी पार्टी का आधार मजबूत है और उसे उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि किसी भी गठबंधन में सहयोगी दलों के साथ संतुलित और सम्मानजनक समझौता होना जरूरी है. उनका मानना ​​है कि क्षेत्रीय दलों की ताकत को नजरअंदाज करना व्यावहारिक राजनीति के अनुरूप नहीं है.


सेब की खेती का उदाहरण देकर राजनीति पर सांकेतिक कटाक्ष किया गया.

राजनीतिक चर्चा के दौरान टिकैत ने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि पहाड़ी इलाकों में उगाए जाने वाले सेब की गुणवत्ता अलग होती है, जबकि मैदानी इलाकों में एक ही किस्म उगाने पर गुणवत्ता बदल जाती है.

उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रजाति के पौधे मेरठ क्षेत्र में भी लगाए गए हैं और उन्होंने खुद भी अपने घर पर पौधे लगाए हैं. इस उदाहरण के माध्यम से उन्होंने संकेत दिया कि राजनीति में भी वास्तविक जन समर्थन और परिस्थितियों द्वारा निर्मित समर्थन में अंतर होता है।


गठबंधन की राजनीति में संतुलन की जरूरत पर जोर दिया

टिकैत ने कहा कि किसी भी बड़े चुनाव में गठबंधन की मजबूती तभी संभव है जब सभी सहयोगियों को समान सम्मान मिले. उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में क्षेत्रीय दलों की अनदेखी राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकती है.

उनका यह बयान आगामी चुनावी रणनीतियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.


बयान का असर राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है

विश्लेषकों का मानना ​​है कि राकेश टिकैत का बयान सिर्फ एक क्षेत्रीय प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापक राजनीतिक विमर्श पर भी पड़ सकता है. किसान आंदोलन के बाद अक्सर टिकैत की राजनीतिक टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाता है।

उनके इस बयान ने पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक चुनावी चर्चा को नई दिशा दे दी है.


विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी बढ़ सकती है

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि टिकैत की टिप्पणी के बाद आने वाले दिनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो सकती है. चुनावी माहौल में ऐसे बयान अक्सर राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन जाते हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं कभी-कभी व्यापक राजनीतिक संदेश भेजती हैं।


मुजफ्फरनगर में दिए गए राकेश टिकैत के ताजा बयान ने पश्चिम बंगाल के चुनावी समीकरणों से लेकर उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक गठबंधनों तक कई स्तरों पर नई बहस को जन्म दे दिया है। इन टिप्पणियों का आने वाले समय में चुनावी रणनीतियों और गठबंधन की दिशा पर कैसा असर दिखेगा, इस पर राजनीतिक विश्लेषकों और जनता दोनों की नजर है.

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उत्तराखंड मौसम: अब गर्मी से राहत के आसार; आज कई जिलों में बारिश, तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने के संकेत दे रहा है। अधिकतम तापमान में गिरावट शुरू हो गयी है. साथ ही मंगलवार से और राहत मिलने के आसार हैं.

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को राज्य के कई जिलों में बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की संभावना है. इसके अलावा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी उम्मीद है, ऐसे में गर्मी से राहत मिल सकती है. केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कई स्थानों पर बिजली गिरने, ओलावृष्टि और बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और 4400 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है.

चमोली: गर्मी के कारण उच्च हिमालयी इलाकों में पिघल रही बर्फ, धौली नदी का जलस्तर बढ़ा, बनी झील जैसे हालात

इसके अलावा अन्य पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है जबकि मैदानी जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में बदलाव का सीधा असर मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक के तापमान में देखने को मिलेगा. बाकी पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश और तूफान की आशंका है. वहीं, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.

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अमेठी की दलित बस्ती में भीषण आग से तबाही… एक दर्जन घर जलकर राख, खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर परिवार।

अमेठी समाचार: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी तबाह कर दी। कोतवाली क्षेत्र के मोचवा मजरे सराय हीरमती गांव की दलित बस्ती में रविवार शाम भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला. इस घटना में करीब एक दर्जन परिवारों के घर पूरी तरह जलकर राख हो गये. आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

देखते ही देखते मकान राख में तब्दील हो गया
प्रत्यक्षदर्शी रामकिशोर यादव के मुताबिक, आग अचानक भड़की और कुछ ही देर में पूरी कॉलोनी में फैल गई। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई उस पर काबू नहीं पा सका. इस दौरान घरों में रखा सारा राशन, कपड़े, बर्तन और रोजमर्रा का सामान जलकर राख हो गया।

मवेशी भी मर गये
इस भीषण अगलगी में दो मवेशी भी घायल हो गये, जिससे प्रभावित परिवारों का नुकसान और बढ़ गया. गांव के लोगों का कहना है कि अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा है और वे पूरी तरह से बेघर हो गए हैं.

खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं
अगलगी के बाद से सभी प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे इस भीषण गर्मी में पेड़ों के नीचे रात गुजार रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से अब तक मौके पर कोई ठोस मदद नहीं पहुंची है.

सरकार से मदद की मांग तेज
प्रभावित परिवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जल्द से जल्द राहत मुहैया कराने की मांग की है. उनका कहना है कि रहने और खाने की व्यवस्था तुरंत की जाए, ताकि वे इस संकट से बाहर आ सकें.

बीजेपी नेता पहुंचे, बांटी राहत सामग्री
घटना की जानकारी मिलने पर सोमवार की दोपहर भाजपा नेता अमरेंद्र सिंह पिंटू गांव पहुंचे. उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें राहत के तौर पर राशन किट वितरित किये। उन्होंने अन्य जन प्रतिनिधियों और आम लोगों से भी मदद के लिए आगे आने की अपील की.

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मुज़फ्फरनगर: भीषण गर्मी के बीच जानसठ रोड पर ट्रांसफार्मर में लगी आग, समय रहते टला बड़ा हादसा

मुजफ्फरनगर बढ़ती गर्मी के बीच आग लगने की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं. इसी क्रम में रविवार देर रात जानसठ रोड स्थित एक विद्युत ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. कुछ ही मिनटों में ट्रांसफार्मर से उठ रही ऊंची लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं और इलाके की बिजली आपूर्ति तुरंत बाधित हो गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और उसके तुरंत बाद आग तेजी से फैलने लगी. रात में हुई इस घटना से इलाके के लोग चिंतित हो गये.


आग की तेज लपटों से आसपास के लोग घबरा गए, मौके पर भीड़ जमा हो गई।

घटना के बाद ट्रांसफार्मर के आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित दूरी बनाकर स्थिति पर नजर रखने लगे। गर्म हवा के साथ उठ रही आग की लपटों ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर आग कुछ देर और फैलती तो खतरा आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच सकता था। यही कारण था कि लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी.


बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरे इलाके में अंधेरा छाया हुआ है.

आग लगने के तुरंत बाद संबंधित ट्रांसफार्मर से जुड़े इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गयी. अचानक बिजली गुल होने से आसपास के कई मोहल्लों में अंधेरा छा गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

रात में बिजली बाधित रहने से गर्मी से राहत पाने के साधन भी प्रभावित हुए, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गयी. बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने में जुट गयी.


अग्निशमन विभाग की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया. सबसे पहले एहतियात के तौर पर बिजली सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी गई ताकि आग बुझाते समय कोई अतिरिक्त खतरा न हो.

इसके बाद दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया. समय पर कार्रवाई के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया.


भीषण गर्मी के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं

हाल के दिनों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण आग लगने की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अधिक गर्मी के कारण ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ जाता है, जिससे तकनीकी खराबी की आशंका बढ़ जाती है।

इसके अलावा तेज धूप और शुष्क वातावरण के कारण छोटी सी चिंगारी भी बड़ी घटना में तब्दील हो सकती है. यही कारण है कि प्रशासन लगातार सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है.


प्रशासन ने बिजली उपकरणों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया

इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मरों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया है. अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में नियमित निरीक्षण और रखरखाव बेहद जरूरी हो जाता है.

बिजली विभाग के कर्मचारियों को पुराने उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


समय रहते आग पर काबू पाने से जनहानि टल गई

राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई. अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के रिहायशी इलाकों को नुकसान हो सकता था।

स्थानीय नागरिकों ने अग्निशमन विभाग की तत्परता की सराहना की और कहा कि त्वरित कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया.


गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने की अपील

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली के उपकरणों के पास ज्वलनशील वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए और यदि किसी भी प्रकार की चिंगारी या धुआं दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करना चाहिए।

प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है ताकि सामूहिक सतर्कता से ऐसे हादसों को रोका जा सके.


जानसठ रोड पर ट्रांसफार्मर में लगी आग ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि बढ़ती गर्मी के साथ विद्युत उपकरणों की सुरक्षा और निगरानी बेहद जरूरी हो गई है। अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा तो टल गया, लेकिन इस घटना ने प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने का स्पष्ट संदेश दे दिया है.

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देहरादून: रोमियो लेन केस; पुलिस मुख्यालय ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट, एसएसपी ने बंद कराया था बार – देहरादून रोमियो लेन बार हादसा पुलिस मुख्यालय ने 24 घंटे के अंदर मांगी रिपोर्ट

रोमियो लेन बार कांड में पुलिस मुख्यालय ने भी सख्त रुख अपनाया है. मुख्यालय ने पूरे मामले को स्पष्ट करते हुए 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है. इसमें एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी मुरुगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल को तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा गया है।


घटना बीते शनिवार रात करीब 12.30 बजे की है. देहरादून में सभी बार और पब आदि को रात 11 बजे तक खोलने की अनुमति है। हाल ही में ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या के बाद इसे और सख्त कर दिया गया. इसके बाद ज्यादातर पब और बार के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी देहरादून पुलिस ने अपने हाथ में ले ली. पिछले शनिवार को भी ऐसा ही हुआ था कि तय समय से करीब डेढ़ घंटे बाद तक बार के बाहर भीड़ लगी थी. इस पर बार को बंद कराने के लिए पुलिस टीमें वहां पहुंचीं लेकिन संचालक ने मनमानी की।

देर रात तक लगा रहा जाम: बार बंद कराने पहुंची पुलिस तो आगे आए आईजी, खुद डंडा लेकर पहुंचे कप्तान

इसके बाद खुद एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल को हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्होंने वहां जाकर पूरे स्टाफ को ग्राउंड फ्लोर पर खड़ा कर दिया और समय सीमा का पालन करने के निर्देश दिए. इसके बाद बार खाली हो गया. चूंकि इस मामले में एक बड़े पुलिस अधिकारी का नाम भी सामने आ रहा है, इसलिए इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है. ऐसे में जब घटना को लेकर खबर प्रकाशित हुई तो सोशल मीडिया पर भी कई प्रतिक्रियाएं आने लगीं. इस पर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है और तीनों अधिकारियों से 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है.

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