मुज़फ्फरनगर न्यूज़: भारत तिब्बत सहयोग मंच की प्रांतीय कार्यशाला ‘मंथन’ में गूंजा राष्ट्रवाद का स्वर, 110 से अधिक कार्यकर्ताओं ने लिया प्रशिक्षण
मुजफ्फरनगर भारत-तिब्बत सहयोग मंच, मेरठ प्रांत की एक दिवसीय प्रांतीय कार्यशाला ‘मंथन’ का आयोजन आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच किया गया। कार्यक्रम में मेरठ प्रांत के विभिन्न जिलों से आये जिम्मेदार कार्यकर्ताओं, अधिकारियों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यशाला का उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर संवाद और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं शंखनाद के साथ हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र मां सरस्वती एवं आराध्य देव भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से प्रारंभ हुआ। दीपज्योति मंत्र के जाप और शंख ध्वनि से पूरे सभागार में आध्यात्मिक माहौल बन गया।
इसके बाद कू अवि द्वारा वंदे मातरम की संगीतमय प्रस्तुति दी गई, जिससे उपस्थित सभी लोगों में देशभक्ति की भावना और प्रबल हो गई। भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भव्य शिव स्तुति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की तथा पूरा प्रांगण शिवमय हो गया।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों को शिव पुराण भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में मंच पर उपस्थित राष्ट्रीय पदाधिकारियों का जिला मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा शिव पुराण की प्रति भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। यह सम्मान महज औपचारिकता नहीं बल्कि संगठन के आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक भी था।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों एवं भावी योजनाओं पर विस्तृत विचार साझा किये।
प्रांतीय महासचिव डॉ. जयराज सिंह जादौन ने कार्यशाला की विस्तृत रूपरेखा रखी।
मेरठ प्रांत के महासचिव डॉ. जयराज सिंह जादौन ने कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्य को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण सत्र संगठनात्मक विस्तार और कार्यकर्ताओं की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण से संगठन की कार्यक्षमता बढ़ती है और समाज के बीच सकारात्मक संदेश प्रभावी ढंग से जाता है।
राष्ट्रीय महासचिव पंकज गोयल ने कार्यकर्ताओं को प्रेरक संदेश दिया
भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय महासचिव पंकज गोयल ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक अनुशासन एवं निरंतर सक्रियता बनाए रखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि संगठन के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है और भगवान भोलेनाथ की कृपा से सभी लक्ष्य अवश्य पूरे होंगे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभाने का भी आह्वान किया।
अभिभावक अधिकारी रूपेश कुमार ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर जोर दिया
अपने संबोधन में संस्था के मूल पदाधिकारी रूपेश कुमार ने वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में अस्थिरता एवं अशांति का माहौल है. ऐसे समय में भारत की प्राचीन अवधारणा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ दुनिया को शांति और स्थिरता का मार्ग दिखाती है।
उन्होंने कहा कि यही विचारधारा भारत को वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाती है।
स्वामी यशवीर महाराज के ओजस्वी उद्बोधन ने उत्साह बढ़ाया
कार्यक्रम में हिन्दू हृदय सम्राट पूज्य स्वामी यशवीर जी महाराज की प्रेरक उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में विशेष ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने अपने ओजस्वी भाषण से उपस्थित जनसमूह को संगठन के उद्देश्यों एवं राष्ट्रहित में किये गये कार्यों से अवगत कराया।
उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बेहद जरूरी बताया।
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विस्तार मिला
कार्यशाला में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दीपक शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संदीप चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री युवा विभाग एडवोकेट शिवम रावत, प्रदेश अध्यक्ष युवा विभाग अभिषेक प्रधान, विभाग प्रचारक भूपेन्द्र जी एवं विभाग कार्यवाह प्रमोद जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
इन सभी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों और आगामी योजनाओं पर मार्गदर्शन दिया.
पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता हेतु विशेष पहल
कार्यक्रम के तहत पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस पहल के जरिए समाज को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया.
इसके साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. अर्जुन शर्मा (एमडी) ने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह दी।
तीन सत्रों में प्रशिक्षण हुआ, 110 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया
इस एक दिवसीय प्रांतीय कार्यशाला में तीन अलग-अलग सत्र आयोजित किये गये। इनमें मुख्य विभाग, महिला विभाग एवं युवा विभाग के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण प्रकोष्ठ एवं प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के लगभग 110 दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इन सत्रों में संगठनात्मक ढांचे, सामाजिक जिम्मेदारियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिज्ञासा समाधान सत्र में कार्यकर्ताओं ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में कार्यकर्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा वर्ष 2026 के लिए विभिन्न जिलों की कार्यकारिणी की जिम्मेदारियों की घोषणा भी की गई। इस सत्र से कार्यकर्ताओं को संगठन की दिशा और रणनीति को समझने का अवसर मिला.
कार्यक्रम के सफल संचालन में स्थानीय इकाई की सक्रिय भूमिका
कार्यशाला का कुशल संचालन युवा जिला अध्यक्ष अतिन संगल ने किया। आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक सुघोष आर्य ने सभी अतिथियों का नगर आगमन पर आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला संयोजक विष्णु स्वरूप अग्रवाल (जिला महासचिव) ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की सफलता में सह संयोजक सीए अश्वनी कुमार वर्मा, जिला कार्यकारी अधिवक्ता संदीप दास, डॉ. अजय, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. नीतू भारद्वाज, अवनीश गोयल, प्रीति गोयल, मीनू वर्मा, ईशा गर्ग, आरोही सिंह, हरीश उपाध्याय, अरुण राजवंशी, अधिवक्ता शिशुकांत गर्ग, सीए नितिन गर्ग सहित कई कार्यकर्ताओं का योगदान उल्लेखनीय रहा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ और पूरा सभागार ‘हर हर महादेव’ के नारे से गूंज उठा. भारत-तिब्बत सहयोग मंच, मेरठ प्रांत की यह प्रांतीय कार्यशाला ‘मंथन’ संगठनात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक प्रतिबद्धता का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी, जिसने कार्यकर्ताओं को आने वाले वर्षों में राष्ट्र सेवा के नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
