मुजफ्फरनगर की एशिया प्रसिद्ध गुड़ मंडी में भीषण आग: 7 घंटे तक जलता रहा बारदाना गोदाम, लाखों के नुकसान की आशंका

मुजफ्फरनगर एशिया की मशहूर गुड़ मंडी में शुक्रवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गेट नंबर 5 के पास स्थित एक बड़े बारदान और किराना गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ऊंची-ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.

आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग को छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजना पड़ा. करीब सात घंटे तक लगातार राहत और बचाव कार्य के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका. शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है.


सुबह आग की लपटें उठने से बाजार में अफरातफरी मच गई

घटना नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित एशिया की मशहूर गुड़ मंडी की है. जानकारी के मुताबिक, सुबह अचानक गोदाम से धुआं उठता हुआ देखा गया. कुछ ही देर में आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।

स्थानीय लोगों और बाजार समिति के चौकीदारों ने तुरंत इसकी सूचना दुकानदारों, पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी. आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग की लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं और आसपास की दुकानों और घरों में दहशत फैल गई थी.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज हवा और गोदाम में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैल गई।


शॉर्ट सर्किट बनी आग की वजह, प्लास्टिक के सामान ने बढ़ाई तबाही

शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. पीड़ित कारोबारी शुभम गुप्ता के मुताबिक, रात में आई आंधी के कारण बिजली के मीटर और तारों में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिसके बाद अचानक आग लग गई.

गोदाम में बड़ी मात्रा में बोरियां, प्लास्टिक शीट, तिरपाल, रस्सियां, गुड़, मोर्टार और चोकर जैसी ज्वलनशील वस्तुएं रखी हुई थीं। इससे कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, प्लास्टिक सामग्री की मात्रा अधिक होने के कारण आग और धुआं दोनों तेजी से फैल गए, जिससे आग बुझाना काफी मुश्किल हो गया।


दमकल की 6 गाड़ियां और फैक्ट्री के फायर टेंडर मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया. दमकल विभाग की करीब छह गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इसके अलावा आसपास की फैक्ट्रियों से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं ताकि आग पर जल्द काबू पाया जा सके.

फायर ब्रिगेड कर्मियों ने दोनों तरफ से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कई घंटों तक लगातार पानी और फोम का इस्तेमाल किया गया. आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एहतियातन आसपास का इलाका भी खाली करा लिया गया.

अग्निशमन विभाग अधिकारी आरके यादव बताया कि उन्हें रात 1.30 से 2 बजे के बीच आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची.


7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास के बाद करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया. अधिकारियों का कहना है कि अगर दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचता तो आग आसपास की अन्य दुकानों और गोदामों में भी फैल सकती थी.

दमकल अधिकारियों के मुताबिक गोदाम काफी बड़ा था और भारी मात्रा में सामान भरा हुआ था. इस कारण आग पर काबू पाने में काफी समय लग गया.

राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के घायल होने या मरने की कोई सूचना नहीं है।


‘पूरा कारोबार बर्बाद हो गया’- पीड़ित कारोबारी की दर्दभरी कहानी

घटना के बाद पीड़ित व्यवसायी शुभम गुप्ता ने बताया कि उन्हें रात में फोन पर सूचना मिली कि उनकी दुकान में आग लग गयी है. जब वह मौके पर पहुंचे तो पूरा गोदाम जल रहा था।

उन्होंने बताया कि दुकान में किसानों के उपयोग में आने वाली वस्तुएं जैसे रस्सियां, तिरपाल, गुड़, ओखली, चोकर सहित अन्य आवश्यक सामग्री रखी हुई थी, जो आग में पूरी तरह जल गई।

कारोबारी ने भावुक होकर कहा, “हमारा पूरा कारोबार बर्बाद हो गया है. नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हुआ है, लेकिन सबकुछ बर्बाद हो गया है.”


व्यापारियों में चिंता, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस भीषण अग्निकांड के बाद गुड़ मंडी के व्यापारियों में चिंता का माहौल है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि जहां बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, बोरियां और ज्वलनशील पदार्थ जमा होते हैं, वहां नियमित विद्युत जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

अग्निशमन विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जल्द ही गुड़ मंडी क्षेत्र में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि व्यापारी आग से बचाव के आवश्यक उपायों को गंभीरता से लें.


सरकारी मदद का आश्वासन

घटना के बाद जिला अध्यक्ष खाद्यान विभाग से जुड़े जीतेन्द्र कुशल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मंत्री जी कपिल देव अग्रवाल इस मामले पर भी चर्चा हुई है.

उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग और बाजार अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित व्यापारियों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किये जायेंगे.


गुड़ मंडी में आग लगने की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी

मुजफ्फरनगर की गुड़ मंडी एशिया की प्रमुख मंडियों में गिनी जाती है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में व्यापारिक गतिविधियां होती हैं। ऐसे में इस तरह की आग की घटनाएं व्यापारियों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तूफान के मौसम में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए मंडी क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है।


मुजफ्फरनगर की एशिया प्रसिद्ध गुड़ मंडी में हुए इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर व्यावसायिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की गंभीर आवश्यकता को सामने ला दिया है। सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन कारोबारी को हुए भारी नुकसान से पूरा मंडी क्षेत्र सदमे में है। इस घटना के बाद अब प्रशासन बाजार में विशेष सुरक्षा और जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में जुट गया है.

Source link

देहरादून: बिल्डरों पर रेरा की कार्रवाई; परियोजना शुरू होने से पहले बैंक खाते का विवरण समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाना चाहिए – देहरादून रेरा ने बिल्डर पर सख्ती की, परियोजना शुरू होने से पहले बैंक खाते का विवरण समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाना चाहिए।

आवासीय परियोजनाओं के शुरू होने से पहले प्रमोटरों को फर्म के बैंक खाता नंबर समाचार पत्रों में प्रकाशित करने होंगे। इतना ही नहीं, उन्हें यह अकाउंट नंबर प्रोजेक्ट परिसर में लगे बोर्ड, होर्डिंग और ब्रोशर आदि में भी दर्ज कराना होगा. ताकि बिल्डर के फरार होने या अन्य मामलों में बैंक खातों का पता लगाने में मदद मिल सके। गुरुवार को नए चेयरमैन नरेश सी मठपाल की अध्यक्षता में हुई रेरा की 36वीं बैठक में यह फैसला लिया गया.

गुरुवार को ही नरेश मठपाल को अध्यक्ष बनाया गया है. इस बैठक में खरीदारों के पक्ष में कई अन्य अहम फैसले भी लिए गए हैं. दरअसल, पिछले कुछ सालों में शहर और राज्य के अन्य हिस्सों में बड़े बिल्डरों ने खरीदारों को धोखा दिया है. इस दौरान कई बिल्डर तो फरार भी हो गये. ताजा मामला पुष्पांजलि बिल्डर और शाश्वत गर्ग के प्रोजेक्ट से जुड़ा है. उनके भागने के बाद सबसे बड़ी समस्या उनके खातों का पता लगाने में थी। रेरा की जांच में पता चला था कि इन बिल्डरों की फर्म के अलावा कई अन्य खातों में भी लेनदेन हुआ है। ऐसे में जिस काम में कुछ दिन या महीने लग जाते, उसमें अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में रेरा के नए चेयरमैन नरेश मठपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में सख्त फैसला लिया गया है.

देहरादून: आईपीएल सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़; पांच गिरफ्तार, दुबई से संचालित ऐप से भी जुड़े लिंक

अध्यक्ष मठपाल ने बताया कि रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराने के बाद प्रत्येक प्रमोटर को अपने प्रोजेक्ट से संबंधित बैंक खातों की सार्वजनिक सूचना राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय समाचार पत्र में प्रकाशित कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा इन अकाउंट नंबरों को ब्रोशर और सभी विज्ञापनों में भी लिखना होगा. ताकि, उनकी जानकारी आम लोगों तक पहुंच सके. इससे प्रमोटर द्वारा अन्य खातों में धनराशि प्राप्त करने की संभावना भी समाप्त हो जाएगी। लोग उन्हीं खातों में पैसा जमा करेंगे जिनकी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है.

Source link

फ़तेहपुर मुठभेड़ में गैंग रेप का 1 लाख रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की गोली से घायल

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के चर्चित गैंग रेप मामले के एक लाख रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ बागा इलाके में ससुर खदेरी नदी के पास जंगल में हुई. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी बब्लू सिंह उर्फ ​​भूत के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल हालत में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में राहत का माहौल देखा गया, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश लगातार जारी थी.

संयुक्त टीम ने सर्च अभियान चलाया था
जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में थाना खागा, हथगांव, थरियांव पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश में अभियान चला रही थी. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि गैंग रेप का आरोपी जंगल इलाके में मौजूद है. पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की, जिसके बाद आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी.

जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी बब्लू सिंह उर्फ ​​भूत घायल हो गया. गोली उसके दोनों पैरों में लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया. घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. पुलिस के मुताबिक आरोपी गढ़ी कस्बे थाना खागा का रहने वाला है और उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं.

आरोपी पर एक लाख का इनाम था
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पर प्रयागराज जोन के एडीजी की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. वह सामूहिक दुष्कर्म, महिलाओं से जुड़ी गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट के मामलों में वांछित था। अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल 315 बोर, चार चले हुए कारतूस, एक जिंदा कारतूस और नकदी बरामद की गई है।

मामला राजनीतिक तौर पर भी गरमा गया था
यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया था. इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे. बीजेपी प्रतिनिधिमंडल को मौके पर जाने से रोके जाने के बाद मामला और राजनीतिक चर्चा में आ गया.

पुलिस आपराधिक इतिहास खंगाल रही है
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है.

(रिपोर्ट:देवेंद्र सिंह,फतेहपुर)

Source link

मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत का बीजेपी पर तीखा हमला, कहा- ‘मंत्र का जाप होगा, लेकिन बहकावे में मत आना’

मुजफ्फरनगर मोरना ब्लॉक स्थित धीराहेड़ी गांव में हुई भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन विस्तार, किसान एकजुटता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर व्यापक रणनीति बनाई गई. बैठक के दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता मो राकेश टिकैत उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कार्यकर्ताओं और किसानों को राजनीतिक रूप से सतर्क रहने की सलाह दी.

बैठक में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, युवा कार्यकर्ता व संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान किसानों से गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने और युवाओं को किसान आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया गया.


‘बीजेपी चला रही है भर्ती अभियान’, राकेश टिकैत का बड़ा बयान

सभा को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में ”भर्ती अभियान” चला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे अपनी पार्टी में शामिल करने की कोशिश की जाती है.

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, ”आप लोगों पर भी डोरे डाले जाएंगे और मंत्रों का जाप किया जाएगा, लेकिन उनके बहकावे में मत आना.” उनके बयान के बाद बैठक में मौजूद किसानों और कार्यकर्ताओं ने भी अपना पुरजोर समर्थन जताया.

राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन की असली ताकत उसकी एकता और जमीनी स्तर पर संगठन में है. किसान संगठित रहेंगे तो उनकी आवाज दबाना आसान नहीं होगा।


संगठन विस्तार और युवा सदस्यता अभियान पर विशेष जोर

बैठक में भारतीय किसान संघ के संगठन विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई. पदाधिकारियों ने कहा कि गांव-गांव तक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा और बड़ी संख्या में युवाओं को संगठन से जोड़ा जाएगा.

राकेश टिकैत ने युवाओं को किसान राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और किसान हितों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े मुद्दे सिर्फ बुजुर्ग किसानों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी इससे जुड़ा है.

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मोरना ब्लॉक सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार सार्वजनिक बैठकें और किसान बैठकें आयोजित की जाएंगी।


15 मई को महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्य तिथि पर कार्यक्रम होंगे.

बैठक के दौरान किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैट आगामी पुण्य तिथि को लेकर भी चर्चा हुई। संस्था की ओर से बताया गया कि 15 मई को जगह-जगह श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे.

बीकेयू नेताओं ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है. उनके संघर्ष और आंदोलन आज भी किसानों के लिए प्रेरणास्रोत माने जाते हैं।

बैठक में मौजूद कई वक्ताओं ने कहा कि टिकैत परिवार ने किसानों के हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है और आज भी किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जा रहा है.


हरिद्वार चिंतन महाकुंभ को लेकर भी बनी रणनीति

बैठक में जून माह में हरिद्वार में प्रस्तावित चिंतन महाकुंभ को लेकर भी चर्चा हुई. संगठन के नेताओं ने कहा कि इस कार्यक्रम में किसान आंदोलन, कृषि नीति, एमएसपी, गन्ना भुगतान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

बीकेयू पदाधिकारियों ने कहा कि चिंतन महाकुंभ न केवल एक संगठनात्मक बैठक होगी बल्कि किसानों की भविष्य की रणनीति तय करने का मंच भी होगा. इसमें विभिन्न राज्यों से किसान प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.


धीराहेड़ी गांव में एकत्र हुए किसान व ग्रामीण

यह बैठक बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के निर्देश और जिला अध्यक्ष चौधरी नवीन राठी के नेतृत्व में आयोजित की गई. कार्यक्रम के आयोजन में ब्लॉक अध्यक्ष अनुज राठी ने अहम भूमिका निभाई।

बैठक में मोरना ब्लॉक के कई गांवों से किसान शामिल हुए। ग्रामीणों ने खेती, बिजली, सिंचाई, फसलों की लागत और बाजार व्यवस्था से संबंधित स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि इसी तरह की बैठकें जिले भर में जारी रहेंगी, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके.


पश्चिमी यूपी की राजनीति में किसान संगठनों की सक्रियता बढ़ी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान संगठनों की सक्रियता लगातार बढ़ती दिख रही है. किसान आंदोलन के बाद से बीकेयू और अन्य किसान संगठन लगातार ग्राम स्तर पर बैठकों और पंचायतों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि पश्चिमी यूपी में किसान संगठन केवल कृषि मुद्दों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं का प्रमुख हिस्सा बन गए हैं। ऐसे में आने वाले समय में राकेश टिकैत के बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन सकते हैं.


संगठन किसानों को एकजुट रखने का प्रयास कर रहा है

बैठक में संगठन की एकता पर बार-बार जोर दिया गया. नेताओं ने कहा कि अगर किसान बंट गये तो उनकी समस्याओं का समाधान करना मुश्किल हो जायेगा. इसी वजह से ग्रामीण स्तर पर संवाद बढ़ाने और किसानों को संगठित रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है.

बीकेयू नेताओं ने दावा किया कि आने वाले समय में किसानों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन और जनसभाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा.


Source link

उत्तराखंड: राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी पहुंचे सीएम योगी, शैक्षणिक सभागार का किया शिलान्यास – उत्तराखंड: राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी पहुंचे सीएम योगी; शैक्षणिक सभागार की आधारशिला रखी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी यमकेश्वर में शैक्षणिक सभागार का शिलान्यास किया। इस सभागार का निर्माण बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के दादा पंडित स्व. इसे तोताराम द्विवेदी की स्मृति में बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का विकास राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है. उन्होंने कहा कि सीमांत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना समय की मांग है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि से जुड़े इस क्षेत्र में शिक्षा और संस्कार दोनों को समान महत्व दिया जाना चाहिए. उन्होंने बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी के योगदान की सराहना की।

योगी का अपने गांव में पहाड़ी अंदाज: गढ़वाली भाषा में ग्रामीणों को दिया निमंत्रण, बोले- ‘सभी लोग भाट खैकान जरूर जाएं’

यमकेश्वर क्षेत्र में बनने वाला यह आधुनिक शैक्षिक सभागार विद्यार्थियों के शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विकास में सहायक सिद्ध होगा। बीकेटीसी अध्यक्ष एवं भाजपा नेता हेमन्त द्विवेदी द्वारा महाविद्यालय के एडमिन ब्लॉक के ऊपर लगभग 1800 वर्ग फुट क्षेत्रफल में एक ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें कार्यशालाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं एवं अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस मौके पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर योगेश कुमार शर्मा मौजूद रहे।

Source link

जल जीवन मिशन में लापरवाही पर डीएम ने अपनाया सख्त रुख, अधिकारियों को दी कार्रवाई की चेतावनी

अमेठी जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रही ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं को लेकर जिलाधिकारी संजय चौहान ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए हैं। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए डीएम ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी कार्य तय समय सीमा के अंदर पूरे किये जाने चाहिए. बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, जल निगम विभाग के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारी भी मौजूद रहे।

हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने पर जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने परियोजनाओं के तहत पाइपलाइन बिछाने, जल कनेक्शन, सामग्री की उपलब्धता और जल गुणवत्ता परीक्षण की विस्तृत समीक्षा की। डीएम ने अधिकारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और जहां कार्य धीमा पाया गया, उसमें तेजी लाने का निर्देश दिया.

लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा गुणवत्ता की कमी पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सभी एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. डीएम ने कहा कि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और यह जरूरी है कि योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे.

गांवों में जाकर जांच करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को गांवों में जाकर योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि मौके पर जाकर कार्यों का निरीक्षण करना चाहिए। पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच और पाइपलाइन कार्यों की निगरानी पर भी जोर दिया गया।

समय सीमा के अंदर कार्य पूरा करने का निर्देश
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए इसमें किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)

Source link

मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा का सख्त निरीक्षण, परेड से लेकर डायल-112 तक की व्यवस्थाओं की परखी तैयारियां

मुजफ्फरनगर शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन का माहौल पूरी तरह से अनुशासन, सतर्कता और पुलिस प्रशिक्षण के रंग में नजर आया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचकर परेड की सलामी ली और पुलिसकर्मियों की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल में अनुशासन, एकरूपता और तत्परता बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए.

परेड के दौरान पुलिसकर्मियों की टीमवार ड्रिल कराई गई, जिसमें शारीरिक फिटनेस, हथियार संचालन और ड्यूटी के प्रति सतर्कता को विशेष प्राथमिकता दी गई. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के नियमित निरीक्षण का मकसद पुलिस बल को हर स्थिति के लिए तैयार रखना है.


परेड का संचालन सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ मिश्र ने किया

रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित शुक्रवार की परेड का संचालन करते सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा कृत। परेड में भाग लेने वाले पुलिसकर्मियों ने अनुशासित तरीके से मार्च करके अपने प्रशिक्षण और समन्वय का प्रदर्शन किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने परेड के दौरान विभिन्न टुकड़ियों का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, वर्दी, हथियारों की स्थिति और शारीरिक फिटनेस का आकलन किया। उन्होंने परेड ग्राउंड में उपस्थित जवानों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करते हुए दौड़ का भी आयोजन किया।

सूत्रों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि नियमित अभ्यास और अनुशासन उनकी ड्यूटी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है.


शस्त्र संचालन एवं रख-रखाव के संबंध में दिये गये महत्वपूर्ण निर्देश

निरीक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को हथियारों के उचित संचालन एवं रख-रखाव का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस बल की दक्षता सिर्फ संख्या से नहीं बल्कि उसकी तैयारी और उपकरणों की स्थिति से तय होती है.

उन्होंने जवानों को सभी हथियारों की नियमित सफाई, जांच और तकनीकी रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनका तुरंत उपयोग किया जा सके। अधिकारियों ने हथियार चलाने का अभ्यास भी कराया और जवानों को कई व्यवहारिक बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया.


डायल-112 वाहनों की भी जांच की गई, यहां तक ​​कि हूटर और मेडिकल किट की स्थिति भी जांची गई।

शुक्रवार की परेड के बाद एसएसपी ने रिजर्व पुलिस लाइन में मौजूद वाहनों का भी निरीक्षण किया. इस दौरान सभी पुलिस वाहनों का संचालन कर उनके हूटर, फ्लैश लाइट, संचार उपकरण तथा प्राथमिक चिकित्सा किट की स्थिति की जांच की गई।

अधिकारियों ने विशेष रूप से डायल-112 वाहनों की कार्यप्रणाली पर ध्यान दिया। पुलिसकर्मियों को निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर समय पर पहुंचने और किसी भी सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

एसएसपी ने कहा कि जन सुरक्षा एवं विश्वास कायम रखने में डायल-112 की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में रिस्पांस टाइम बेहतर रखना और हर वक्त अलर्ट रहना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है.


कैंटीन और बैरक का निरीक्षण, पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर भी फोकस

निरीक्षण कार्यक्रम केवल परेड तक ही सीमित नहीं था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन में संचालित कैंटीन एवं बैरक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई और रहने की सुविधाओं का जायजा लिया।

सूत्रों के अनुसार, एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को जवानों को बेहतर भोजन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. पुलिस विभाग में लगातार बढ़ते काम के बोझ के बीच यह भी कहा गया कि जवानों के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.


मोटर परिवहन शाखा में वाहनों के रजिस्टर व स्थिति की जांच की गयी

इसके बाद एसएसपी ने मोटर ट्रांसपोर्ट शाखा का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस वाहनों की साफ-सफाई, तकनीकी स्थिति व रख-रखाव से संबंधित अभिलेखों की जांच की गयी.

उन्होंने शाखा में रखे रजिस्टरों एवं रिकार्डों का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को सभी रिकार्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश दिये। चालकों व संबंधित कर्मचारियों को वाहन रखरखाव में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई।

पुलिस विभाग के मुताबिक किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वाहनों की तकनीकी स्थिति का मजबूत होना बेहद जरूरी माना जाता है.


अर्दली रूम में सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश

निरीक्षण कार्यक्रम के अंतिम चरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आदेश कक्ष में अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हालचाल लिया। इस दौरान विभिन्न प्रशासनिक मामलों, अभिलेखों एवं लंबित कार्यों की समीक्षा की गयी.

एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किये जाएं और विभागीय अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाए. उन्होंने अभिलेखों एवं दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया।


कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थसहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के.मिश्रा, प्रतिसार निरीक्षक उदल सिंह सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के नियमित निरीक्षण से पुलिस व्यवस्था मजबूत होती है और जवानों में काम के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है.


जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया

मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन लगातार कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुलिस बल को तकनीकी और शारीरिक रूप से सक्षम बनाने पर काम कर रहा है। शुक्रवार का परेड एवं निरीक्षण कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पुलिस बल के नियमित प्रशिक्षण, संसाधनों की जांच और प्रशासनिक निगरानी के जरिये आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण और जन सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है.


शुक्रवार को मुजफ्फरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परेड एवं निरीक्षण कार्यक्रम से यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस प्रशासन अनुशासन, फिटनेस एवं त्वरित कार्रवाई को लेकर गंभीर है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा द्वारा परेड, वाहन, डायल-112 व्यवस्था एवं पुलिस कर्मियों की सुविधाओं की गहन समीक्षा से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश गया है. आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में ऐसे निरीक्षण अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Source link

देहरादून: निवेश की आड़ में 1.32 करोड़ की ठगी करने का आरोपी, एसटीएफ ने आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया – देहरादून क्राइम: निवेश की आड़ में 1.32 करोड़ की ठगी करने का आरोपी राजस्थान में गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक और सदस्य रिंकू को राजस्थान से गिरफ्तार किया है. आरोपी लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसा निवेश कराते थे। मामले में अब तक कुल पांच शातिर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है.

एसएसपी एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि श्रीनगर, पौडी गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी कि अक्टूबर और दिसंबर 2025 के बीच वह 71 वेल्थ एनहांसमेंट नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था. ग्रुप में रजत वर्मा और मीना भट्ट नाम के लोगों ने कथित तौर पर प्रतिदिन पांच प्रतिशत से अधिक मुनाफा कमाने का वादा किया था. इसके बाद फर्जी लिंक के जरिए पीड़ित का रजिस्ट्रेशन कराया गया और अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के जरिए करीब 1.32 करोड़ रुपये निवेश कराए गए।

कुछ देर बाद जब पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान, एसटीएफ ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि गिरोह के तीन सदस्य महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, जो किसी अन्य मामले में पटियाला जेल में बंद थे। उसे वारंट पर देहरादून लाया गया और जेल भेज दिया गया। एक अन्य आरोपी अरवाज़ सैफी को पहले ही गाजियाबाद से गिरफ्तार किया जा चुका है।

देहरादून: आईपीएल सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़; पांच गिरफ्तार, दुबई से संचालित ऐप से भी जुड़े लिंक

Source link

उद्यान विभाग की योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, किसानों को डीबीटी से मिलेगा अनुदान

जनपद अमेठी में उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अब किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जायेगा। जानकारी देते हुए जिला उद्यान पदाधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि विभाग ने योजनाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. किसानों का चयन “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” के आधार पर किया जाएगा और पात्र किसानों को अनुदान राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। विभाग ने किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील की है ताकि उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके.

ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इच्छुक किसान वन यूपी औद्यानिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को अपना जिला, नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पासवर्ड दर्ज करना होगा. इसके बाद मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन किया जाएगा. सत्यापन पूरा होने के बाद किसान को अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी।

आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य
ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खतौनी से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। साथ ही संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को एक ऑनलाइन पावती प्राप्त होगी। जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि आवेदन के बाद आधार कार्ड, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की स्पष्ट छायाप्रति तथा खतौनी की मूल प्रति जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें।

आपको कई योजनाओं से लाभ मिलेगा
उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत किसानों को केला वृक्षारोपण, आम वृक्षारोपण, मसाला कार्यक्रम एवं सब्जी उत्पादन कार्यक्रम का लाभ दिया जायेगा। सब्जी कार्यक्रम में संकर लौकी, करेला, तरबूज, ककड़ी, टमाटर, गोभी और फूलगोभी जैसी फसलों की खेती शामिल है। विभाग का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती और बागवानी के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

काम पूरा होने के बाद अनुदान दिया जाएगा
जिला उद्यान पदाधिकारी ने बताया कि सरकार के आदेश के अनुसार किसानों को अपने खर्च पर ही कार्य पूरा करना होगा. कार्य पूरा कर रसीद जमा करने के बाद विभागीय सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद निर्धारित अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)

Source link

मुजफ्फरनगर में ‘ऑपरेशन सवेरा’ की बड़ी कार्रवाई: 5 मादक पदार्थ तस्कर गिरफ्तार, 5 करोड़ का डोडा पोस्त और गांजा बरामद 6.5 लाख वसूले गए

मुजफ्फरनगर पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए पांच नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है. थाना कोतवाली नगर पुलिस ने “ऑपरेशन सवेरा” अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से करीब 12 किलो 998 ग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6.5 लाख रुपये बताई जा रही है.

बरामद मादक पदार्थों में 9 किलो 846 ग्राम डोडा पोस्त और 3 किलो 152 ग्राम गांजा शामिल है. पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के नेटवर्क को तोड़ने में यह कार्रवाई बड़ी सफलता मानी जा रही है.


‘ऑपरेशन सवेरा’ के जरिए नशे के खिलाफ चल रहा बड़ा अभियान

सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा पूरे क्षेत्र में “ऑपरेशन सवेरा” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री और अवैध नशीली दवाओं के व्यापार को प्रभावी ढंग से रोकना है।

नशे के अंधेरे से जीवन के उजाले की ओर थीम पर चल रहे इस अभियान के तहत सहारनपुर रेंज के तीनों जिलों में लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां की जा रही हैं.

मुजफ्फरनगर में इस अभियान की शुरूआत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने की संजय कुमार वर्मा की देखरेख में चलाया जा रहा है। इस कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत ​​जैनसहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा एवं थाना प्रभारी कोतवाली नगर ब्रिजेश कुमार शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


पहले आरोपी को मंदिर के पीछे खाली प्लॉट से पकड़ा गया.

पुलिस के मुताबिक, कोतवाली नगर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर इन तस्करों को गिरफ्तार किया गया. पहली गिरफ्तारी मिमलाना रोड निवासी यूसुफ पुत्र फारूक की हुई, जिसे न्यू गुडलक बारात घर के पास मंदिर के पीछे खाली प्लॉट से गिरफ्तार किया गया।

उसके कब्जे से 1 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ. आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इलाके में अवैध गांजा सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा था और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है.


रेलवे लाइन के पास से दो आरोपी पकड़े, भारी मात्रा में डोडा पोस्त बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांव पीनना निवासी वंश उर्फ ​​वड्डू और विशाल को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को बुढ़ाना-शाहपुर रोड पर रेलवे लाइन के किनारे सड़क से पकड़ा गया।

उनके कब्जे से 9 किलो 846 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ, जिसकी बाजार में भारी कीमत बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी आसपास के जिलों में भी ड्रग्स सप्लाई कर रहे थे. पुलिस अब इनके नेटवर्क और संपर्कों को खंगालने में जुटी है.


मोटरसाइकिल सहित गांजा बरामद, चरथावल रोड से हुई गिरफ्तारी

एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने खतौली क्षेत्र निवासी असलम पुत्र नईमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को चरथावल-नियाजूपुरा रोड पर शनिदेव मंदिर के पीछे से पकड़ा गया।

पुलिस ने उसके कब्जे से 1 किलो 250 ग्राम अवैध गांजा और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बाइक के जरिए अलग-अलग इलाकों में गांजा सप्लाई करते थे. पुलिस उसके मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच कर रही है।


हाईवे किनारे से गांजा तस्कर भी पकड़ा गया

कोतवाली नगर थाना पुलिस ने सुनील कुमार पुत्र ब्रहम सिंह निवासी मेरठ को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को सलेमपुर-लकड़संधा दधेडू हाईवे के पास से पकड़ा गया।

उसके कब्जे से 802 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपी हाईवे के रास्ते से ड्रग्स सप्लाई करने की योजना बना रहा था.

जानकारों का मानना ​​है कि हाईवे और रेलवे रूट के जरिए छोटे-छोटे नेटवर्क के जरिए नशे की तस्करी तेजी से बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है.


पुलिस टीम की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता

इस कार्रवाई में थाना कोतवाली नगर की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही. गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक ब्रिजेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक शशि कपूर, मिलन चौधरी, विक्रांत कुमार, हेड कांस्टेबल देवेन्द्र सैनी, कांस्टेबल वेदराम, सुधीर कुमार, अनुज, दिनेश गौतम, नवीन सैनी व सुल्तान सिंह शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बढ़ने नहीं दिया जाएगा। आने वाले दिनों में भी अभियान के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


पुलिस का फोकस युवाओं को नशे से बचाने पर है

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अवैध नशीली दवाओं का कारोबार न केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन गया है, बल्कि एक सामाजिक चुनौती भी बन गया है। अधिकांश युवा नशे की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ‘ऑपरेशन सवेरा’ के जरिए न सिर्फ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है बल्कि लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास कर रही है.


मुजफ्फरनगर में “ऑपरेशन सवेरा” के तहत की गई यह कार्रवाई अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्त रणनीति को दर्शाती है। अलग-अलग जगहों से पांच तस्करों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी से यह संकेत मिल रहा है कि पुलिस अब ड्रग्स नेटवर्क पर लगातार दबाव बना रही है. प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और जिले में सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे.

Source link