महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का हमला, बीजेपी की नीतियों पर उठाए सवाल

महिला आरक्षण बिल को लेकर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की सोच सामंती, संकीर्ण और संकीर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण का मुद्दा सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है. अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि संसद में हाल की घटनाएं लोकतांत्रिक जीत का संकेत हैं और दिखाती हैं कि सरकार सही मायने में लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं कर रही है. उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है.

बीजेपी की सोच पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति दरार पैदा करने वाली है. उनका कहना है कि बीजेपी लोगों के बीच अविश्वास फैलाकर उन्हें आपस में बांटने की कोशिश करती है. उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को भी इसी रणनीति का हिस्सा बताया और कहा कि यह महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास है.

संसद में हार को बताया बड़ा संकेत
सपा नेता ने कहा कि सरकार की नीतियों की हार संसद में साफ दिख रही है. उन्होंने कहा कि जब कोई सरकार संसद में हार जाती है तो इसका मतलब है कि वह लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं कर रही है. ऐसे में सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने दावा किया कि अब विपक्ष सही मायने में जनता की आवाज बनकर उभरा है.

महिलाओं की भूमिका पर जोर
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में महिलाएं बीजेपी को हराने में अहम भूमिका निभाएंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी महिलाओं को बांटने की कोशिश करती है और असल जिंदगी में टीवी सीरियल जैसी राजनीति लागू करना चाहती है, जिससे महिला एकता कमजोर हो सकती है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति बीजेपी की सोच आज भी पुरानी और सामंती है.

विपक्ष की एकता ने की जीत की घोषणा
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के जरिए बीजेपी महिलाओं के बीच दरार पैदा करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष की एकता ने उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया. उन्होंने इसे देश में बढ़ती जनजागरूकता और लोकतंत्र की जीत बताया.

चाय दुकान विवाद पर भी बोले
अखिलेश यादव ने हाल ही में एक चाय की दुकान पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता की दुकान पर यह कहकर कार्रवाई की गई कि एल्युमीनियम के बर्तन में चाय बनाई जा रही थी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई उनके घर भी आता है तो वहां भी एल्युमीनियम के बर्तनों का इस्तेमाल होता है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी चाय बेहतर है.

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देहरादून: लापता युवक का शव यमुना पुल के पास नदी से बरामद, दो दिन से चल रही थी तलाश, एसडीआरएफ ने ट्रक से बरामद किया -Dehradun News दो दिन बाद यमुना पुल के पास नदी से लापता युवक का शव बरामद

संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर (देहरादून)।

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन रविवार, 19 अप्रैल 2026 06:52 अपराह्न IST

युवक 17 अप्रैल से लापता था। सर्च ऑपरेशन में भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। आज दोबारा खोजबीन के बाद शव बरामद हुआ.


देहरादून समाचार लापता युवक का शव दो दिन बाद यमुना पुल के पास नदी से बरामद हुआ

नदी में मिला शव
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



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दो दिन से लापता युवक का शव आज डाकपत्थर क्षेत्र के अंतर्गत यमुना पुल के पास नदी में फंसे ट्रक में मिला। सूचना पाकर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया.


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जानकारी के मुताबिक, युवक 17 अप्रैल से लापता था. सर्च ऑपरेशन में भी उसका कोई सुराग नहीं मिला. आज फिर से अभियान चलाया गया. टीम ने ट्रक के नीचे से संदीप अधिकारी (32) पुत्र प्रताप सिंह अधिकारी निवासी ग्राम बुराष्टी (कछा) चकराता देहरादून का शव बरामद किया।

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कौशांबी में महिला की बेरहमी से हत्या, घर के अंदर मिला खून से सना शव

कौशांबी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. सैनी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। महिला का शव उसके ही घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में डर और चर्चा का माहौल है.

घर के अंदर खून से सना शव मिला
यह घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के कमंगलपुर उसरैना गांव की है. यहां रहने वाली महिला का शव उसके घर के अंदर मिला, जिसकी पहचान सोनाली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त वह घर में अकेली थी. अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर उस पर हमला कर दिया और सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी. मौके पर खून के निशान साफ ​​नजर आ रहे थे, जिससे घटना की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

घटना से इलाके में दहशत फैल गयी
महिला की हत्या की खबर फैलते ही गांव और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गये. इस घटना से लोग बेहद डरे हुए हैं और सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं. यह घटना दिन के उजाले में हुई या रात में, इसके बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है.

पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत भी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे. टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की।

हर पहलू से जांच की जा रही है
पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है. इसमें पारिवारिक विवाद, पुरानी दुश्मनी या अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है. फिलहाल हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है.

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतक के परिजनों से भी तहरीर ले ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

जल्द खुलासे का दावा
पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा. आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है ताकि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके.

(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)

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चारधाम यात्रा: यमुनोत्री धाम जा रहे नासिक के तीर्थयात्री की मौत, सांस लेने में हो रही थी दिक्कत – चारधाम यात्रा 2026 यमुनोत्री धाम जा रहे नासिक के तीर्थयात्री की मौत, सांस लेने में हो रही थी दिक्कत

संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट (उत्तरकाशी)

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन रविवार, 19 अप्रैल 2026 07:27 अपराह्न IST

यमुनोत्री पैदल मार्ग पर चढ़ाई के दौरान एक तीर्थयात्री की मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक प्रथम दृष्टया मौत सांस की बीमारी से हुई है।


चारधाम यात्रा 2026 में नासिक से यमुनोत्री धाम जा रहे तीर्थयात्री की मौत, सांस लेने में हो रही थी दिक्कत

यमुनोत्री धाम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



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यमुनोत्री धाम की यात्रा आज से शुरू हो गई है. इस दौरान नासिक के एक यात्री की फुटपाथ पर चढ़ने के दौरान मौत हो गई. डॉक्टरों के मुताबिक प्रथम दृष्टया मौत सांस की बीमारी से हुई है।


जानकीचट्टी अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, नेपाली मूल का एक मजदूर एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल ले गया। डॉ. हरदेव सिंह ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 65 वर्ष थी. प्रथम दृष्टया मौत सांस की समस्या के कारण हुई है।

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एसआई राजेश कुमार ने बताया कि मृतक के अन्य साथी यमुनोत्री धाम गए हैं। उसके साथियों के आने के बाद ही पहचान हो सकेगी।

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नाबालिग से रेप मामले में आरोपी को 25 साल की सजा, बलिया कोर्ट का सख्त फैसला

बलिया जिले में नाबालिग से रेप के गंभीर मामले में विशेष अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है. करीब ढाई साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था. इस फैसले को समाज में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर एक कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

कैसे घटी घटना?
यह मामला भीमपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है. जानकारी के मुताबिक, 23 नवंबर 2023 की सुबह गांव के ही रहने वाले बंटी चौहान नाम के युवक ने 15 साल की लड़की को शादी का झांसा देकर अपहरण कर लिया. लड़की के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़िता की मां तुरंत थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस की कार्रवाई एवं जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया. कुछ देर बाद पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया. पूछताछ के दौरान पीड़िता ने अपने साथ हुए रेप की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी. जांच पूरी होने पर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया.

कोर्ट का फैसला और सज़ा
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के मुताबिक मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथमकांत की अदालत में हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 35,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.

कड़ा संदेश और न्याय की उम्मीद
इस मामले में पीड़िता की मजबूत पैरवी के कारण ही आरोपी को सजा मिल सकी. कोर्ट के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है. इससे यह भी साफ हो जाता है कि ऐसे मामलों में कानून सख्त कार्रवाई करता है और दोषियों को सजा जरूर मिलती है.

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गाजीपुर में अंतरधार्मिक विवाह चर्चा में मुस्लिम लड़की ने हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए

गाजीपुर जिले में एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां एक मुस्लिम लड़की ने सनातन परंपरा के अनुसार हिंदू लड़के से शादी की। शादी में अग्नि के सात फेरे, सिन्दूर दान और वैदिक मंत्रोच्चार जैसी सभी रस्में पूरी की गईं। खास बात यह थी कि इस शादी के लिए शादी के कार्ड भी छपवाए गए थे, जिसमें लड़की का बदला हुआ नाम अंजू लिखा था। इस शादी को लेकर पूरे इलाके में उत्साह और चर्चा का माहौल है.

कैसे हुई ये अनोखी शादी?
यह मामला करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के विशंभरपुर ग्राम पंचायत का है. यहां के निवासी चंचल कुमार गौड़ की शादी भरौली कला निवासी स्वर्गीय निजामुद्दीन अंसारी की बेटी अंजू (बदला हुआ नाम) से हुई। दो-तीन दिन पहले लट्ठूडीह स्थित एक मैरेज हॉल में शादी हुई थी. मुस्लिम लड़की ने सनातन धर्म अपनाकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी की और पूरे रीति-रिवाज के साथ सात फेरे लिए।

मंत्रोच्चार और परंपराओं के बीच विवाह
विवाह समारोह में मंडप के नीचे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे और सिन्दूर दान की रस्म पूरी की गई। इस दौरान दूल्हा-दुल्हन दोनों बेहद खुश नजर आए. कार्यक्रम में शामिल लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. शादी में गांव के लोगों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों के सदस्य भी मौजूद थे.

काफी समय से प्रेम संबंध था
जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच काफी समय से प्रेम संबंध था. कुछ समय पहले ही दोनों ने घर छोड़ दिया था और इस रिश्ते से उनका एक बच्चा भी है। अब इस बच्चे को सामाजिक मान्यता दिलाने और रिश्ते को कानूनी जामा पहनाने के लिए दोनों परिवारों की सहमति से ये शादी कराई गई.

पारिवारिक सहमति एवं वर्तमान स्थिति
युवक के पिता हरिशंकर गौड़ ने बताया कि परिवार ने अब उनके बेटे और बहू के रिश्ते को स्वीकार कर लिया है. लड़की के माता-पिता और भाई भी इस शादी से सहमत हैं और समय-समय पर बेटी से मिलने आते हैं। फिलहाल ये नवविवाहित जोड़ा अपने परिवार से दूर किराए के मकान में अपनी जिंदगी गुजार रहा है.

समाज में चर्चा का विषय
यह अंतरधार्मिक विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. कई लोग इसे सामाजिक सौहार्द और व्यक्तिगत फैसले की मिसाल मान रहे हैं. वहीं कुछ लोग इसे बदलते समाज की नई सोच के तौर पर भी देख रहे हैं.

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सीएम धामी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस: महिला आरक्षण बिल के विरोध को लेकर विपक्ष पर लगाए आरोप, कहा- ये नारी शक्ति का अपमान – सीएम धामी ने देहरादून में की प्रेस कॉन्फ्रेंस, महिला आरक्षण बिल के विरोध पर लगाए कई आरोप

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन रविवार, 19 अप्रैल 2026 03:43 अपराह्न IST

महिला आरक्षण बिल को लेकर सीएम धामी ने कहा कि जिस तरह से बिल का विरोध किया गया वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है.


सीएम धामी ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महिला आरक्षण बिल के विरोध पर कई आरोप लगाए

सीएम धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो



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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के संसद में पारित नहीं हो पाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर कई आरोप लगाए.


सीएम धामी ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में भारत की संसद द्वारा पारित किया गया था और इसमें प्रावधान किया गया था कि नारी शक्ति के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था, लेकिन जिस तरह से कांग्रेस पार्टी और उसके सभी सहयोगियों ने इस पूरे मामले को रोका है, वह नारी शक्ति का अपमान है। एक ऐतिहासिक फैसला होने वाला था. यह अवसर हमारी महिलाओं, हमारी बहनों और हमारी बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता था। लेकिन उन्होंने पूरी ‘मातृशक्ति’ को हरा दिया.”

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फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन पर बने मकानों पर संकट, निस्तारण टीम ने लिया कब्जा

अयोध्या के नाका इलाके में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी चिंता की खबर सामने आई है। अब फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन पर बने 50 से ज्यादा मकान खतरे में पड़ गए हैं। जानकारी के मुताबिक डिस्टलरी संपत्ति से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद परिसमापन टीम ने खाली जमीन पर कब्जा कर लिया है. इस कार्रवाई के बाद यहां रहने वाले लोगों में भय और भ्रम का माहौल है. लोगों को अब अपने घरों के भविष्य की चिंता सताने लगी है.

कितने घर आये दायरे में?
तहसील सूत्रों के मुताबिक नाका क्षेत्र में कुल 50 से अधिक मकान इस विवाद के घेरे में हैं। इनमें से करीब 19 मकान फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन पर बने हैं, जबकि करीब 35 मकान 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की सीमा में आते हैं। इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं.

डिस्टलरी की जमीन पर क्या है विवाद?
बताया जा रहा है कि फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन ‘नॉन जेडए’ श्रेणी की है, यानी शहर की जमींदारी श्रेणी में आती है. इस डिस्टिलरी पर बकाया चुकाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में परिसमापन का मामला चल रहा है। कोर्ट ने डिस्टिलरी की संपत्ति बेचकर बकाया चुकाने का आदेश दिया है.

परिसमापन टीम की कार्रवाई
इसी आदेश के तहत संपत्तियों का आकलन करने के लिए निस्तारण टीम मौके पर पहुंची। 21 अप्रैल को कोर्ट में काउंटर दाखिल करने से पहले टीम ने जमीन का निरीक्षण किया। टीम के साथ सदर तहसील से एक राजस्व निरीक्षक और एक लेखपाल भी मौजूद थे। तहसील प्रशासन की मदद से टीम को खाली जमीन पर कब्जा भी दिला दिया गया।

प्रशासन की चुप्पी और लोगों की चिंता
इस पूरे मामले में एसडीएम रामप्रसाद तिवारी ने कोई भी स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया है. वहीं, स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है. उन्हें डर है कि आने वाले समय में उनके घरों पर भी कार्रवाई हो सकती है.

आगे क्या होगा
फिलहाल यह मामला कोर्ट में लंबित है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी. प्रभावित परिवार अब फैसले का इंतजार कर रहे हैं. प्रशासन और निस्तारण टीम की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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उत्तराखंड भूकंप: बागेश्वर जिले में भूकंप के झटकों से सहमे लोग, एक घंटे में तीन बार हिली धरती

संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन रविवार, 19 अप्रैल 2026 02:49 अपराह्न IST

दो हल्के झटकों के बाद 11:31 बजे जिले में तीसरा झटका महसूस किया गया. जिससे लोग दहशत में आ गये.


उत्तराखंड समाचार बागेश्वर में बच्छन और बदियाकोट के पास एक घंटे में तीन बार भूकंप के झटके आए।

भूकंप



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बागेश्वर जिले में आज भूकंप के झटके महसूस किये गये। एक घंटे के भीतर तीन बार धरती कांपी और लोग डरकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ और 11:31 बजे तक जारी रहा. भूकंप का केंद्र कपकोट तहसील के बदियाकोट, सोराग और बाछम क्षेत्र के आसपास दर्ज किया गया।


दो हल्के झटकों के बाद 11:31 बजे जिले में तीसरा झटका महसूस किया गया. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई. इसका केंद्र बदियाकोट-सोराग क्षेत्र के पास जमीन से पांच किमी की गहराई पर था. इससे पहले सुबह 10:32 बजे 3.1 तीव्रता और 10:46 बजे 2.6 तीव्रता के झटके आए थे. चूंकि भूकंप का केंद्र कपकोट के दूरस्थ बाछम, सोराग और बदियाकोट क्षेत्र में था, इसलिए इन क्षेत्रों में झटके अधिक महसूस किए गए। जिले की अन्य तहसीलों में भी हल्के झटके महसूस किये गये।

अक्षय तृतीया पर चारधाम यात्रा की शुरुआत: गंगोत्री-यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुले, मां गंगा-यमुना के जयकारे।

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