मुजफ्फरनगर मिशन शक्ति एक्शन: एंटी रोमियो टीम ने युवक को नाजायज चाकू के साथ पकड़ा, ए टू जेड चौराहे से गिरफ्तारी

मुजफ्फरनगर कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना नई मण्डी पुलिस की एंटी रोमियो (मिशन शक्ति) टीम ने एक युवक को अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

गिरफ्तारी ए टू जेड तिराहा कट के पास से की गई, जहां पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी. तलाशी के दौरान युवक के पास से एक अवैध चाकू बरामद हुआ।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर व्यापक धरपकड़ अभियान चल रहा है।

जनपद स्तर पर संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के क्रम में नई मण्डी क्षेत्र में निरन्तर निगरानी एवं चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी नई मण्डी के निर्देशन में थाना स्तर पर सक्रिय टीमों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गयी है, जिसके तहत मिशन शक्ति टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।


एंटी रोमियो टीम की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी

नई मण्डी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित एंटी रोमियो टीम ने नियमित चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि देखकर एक युवक को रोका। पूछताछ व तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध चाकू बरामद हुआ।

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए युवक की पहचान थाना नई मंडी क्षेत्र के भरतिया कॉलोनी, कुकरा मंडी रोड निवासी मदनलाल के बेटे रोहित के रूप में हुई है।


अवैध हथियार रखने के आरोप में मामला दर्ज

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जेल भेज दिया गया.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी.


मिशन शक्ति अभियान से सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ाई गई निगरानी

मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस टीमों को सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रूप से सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण बनाए रखना है।

हाल के दिनों में नई मण्डी क्षेत्र में चेकिंग अभियान की तीव्रता बढ़ा दी गई है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी संभव हो सकी है।


कार्रवाई में पुलिस टीम शामिल थी

इस कार्यवाही को सफल बनाने में उपनिरीक्षक शुभम चौहान, महिला कांस्टेबल अंशू, महिला कांस्टेबल रूपा एवं महिला कांस्टेबल सोनिका की भूमिका रही। टीम ने समन्वित तरीके से कार्रवाई की और आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया.


नई मंडी क्षेत्र में एंटी रोमियो टीम की इस कार्रवाई से पता चलता है कि जिला पुलिस अवैध हथियार रखने वालों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सतर्क है. उम्मीद है कि मिशन शक्ति अभियान के तहत चल रही इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी.

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ब्रेकिंग न्यूज़: आधी रात में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, कई घर जलकर राख ग़ाज़ीपुर | अमर उजाला

ब्रेकिंग न्यूज़: आधी रात में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, कई घर जलकर राख ग़ाज़ीपुर | अमर उजाला

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गैस सिलेंडर लीक होने से लगी भीषण आग, पिता को बचाने की कोशिश में बेटी की भी दर्दनाक मौत.

सीतामढी जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिससे पूरा इलाका सदमे में है. यहां खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण अचानक आग लग गयी, जिसने कुछ ही देर में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में एक पिता और उसकी मासूम बेटी जिंदा जल गए. बेटी पहले खुद को बचाने के लिए बाहर निकली थी, लेकिन अपने बीमार पिता को बचाने के लिए फिर से जलते हुए घर में चली गई, जहां दोनों आग में फंस गईं और उनकी मौत हो गई.

खाना बनाते समय हुआ हादसा
यह घटना पुपरी थाना क्षेत्र के मधुबनी रोड की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार गुरुवार को खाना बनाते समय रसोई गैस सिलेंडर अचानक लीक होने लगा. देखते ही देखते आग भड़क उठी और पूरे खपरैल मकान में फैल गई। उस वक्त घर में 50 वर्षीय विनोद कुमार और उनकी 10 वर्षीय बेटी छोटी कुमारी मौजूद थे. विनोद कुमार बीमार थे और चलने में असमर्थ थे।

पिता को बचाने के लिए बेटी फिर आग में कूद पड़ी
आग लगने पर सबसे पहले छोटी लड़की घबरा गई और घर से बाहर निकल आई। लेकिन जब उसे एहसास हुआ कि उसके बीमार पिता अंदर फंसे हुए हैं तो वह बिना कुछ सोचे-समझे फिर से आग में जलते हुए घर में घुस गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों पिता-पुत्री इसकी चपेट में आ गये. इस दर्दनाक हादसे में दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई.

मां भी झुलसी, अस्पताल में भर्ती
घटना के वक्त विनोद कुमार की पत्नी रीना देवी घर से बाहर गयी हुई थी. जब उसे हादसे की जानकारी मिली तो वह दौड़कर मौके पर पहुंची और अपने पति और बेटी को बचाने की कोशिश की. इस दौरान आग की चपेट में आने से वह भी गंभीर रूप से झुलस गयी. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची. स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. पिता-पुत्री की मौत हो चुकी थी. बताया जा रहा है कि छोटी कुमारी चार बहनों में सबसे छोटी थी, जिसके कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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मुजफ्फरनगर: गांधी कॉलोनी में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक, लोगों का फूटा गुस्सा- प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

मुजफ्फरनगर शहर के गांधी कॉलोनी क्षेत्र सहित आसपास के कई मोहल्लों में आवारा कुत्तों और बंदरों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय निवासियों की समस्याओं को गंभीर स्तर तक बढ़ा दिया है। लगातार हो रही घटनाओं व प्रशासनिक कार्रवाई में देरी से नाराज लोगों ने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र सौंपकर समस्या के समाधान की मांग तेज कर दी है.

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्थिति अब सामान्य असुविधा से आगे बढ़कर सुरक्षा संकट तक पहुंच गई है, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया है.


गांधी कॉलोनी, शिवनगर, मदनपुरी और सुभाष नगर में घटनाएं बढ़ीं।

निवासियों के मुताबिक, गांधी कॉलोनी के अलावा शिवनगर, मदनपुरी और सुभाष नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में भी आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सुबह-शाम इनकी सक्रियता बढ़ने से लोगों को घर से निकलने में परेशानी हो रही है।

खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है, क्योंकि कई बार जानवरों के अचानक हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।


सबसे ज्यादा खतरा स्कूल और ट्यूशन जाने वाले बच्चों को है

स्थानीय अभिभावकों ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है. स्कूल और ट्यूशन के समय सड़कों पर आवारा कुत्तों के झुंड नजर आते हैं, जिससे दुर्घटना या हमले की आशंका बनी रहती है.

कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर भेजना कम कर दिया है, जिससे दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियाँ भी प्रभावित हो रही हैं।


कुत्तों के काटने की घटनाओं पर बढ़ रहा आक्रोश

क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में कुत्तों के काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है. लगातार बढ़ती घटनाओं ने लोगों के सब्र की सीमा पार कर दी है.

नागरिकों का मानना ​​है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.


इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की गयी

गांधी कॉलोनी निवासी भाटिया ने बताया कि 30 मार्च 2026 को जिलाधिकारी से मिलकर इस समस्या के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी थी. उस समय प्रशासन ने समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

इससे स्थानीय लोगों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है.


लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया

बढ़ती समस्या के विरोध में एक सप्ताह पहले स्थानीय नागरिकों ने गांधी कॉलोनी मेन रोड स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने धरना दिया था. इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

हालांकि, क्षेत्रवासियों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है.


समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा. लोगों का कहना है कि यह मुद्दा अब जनसुरक्षा से जुड़ा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

क्षेत्रवासियों की मांग है कि आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़ने और उनके पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था जल्द शुरू की जाए.


पार्षद अमित पटपटिया ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की

गांधी कॉलोनी के पार्षद मो अमित पटपटिया कहा कि बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। प्रशासन ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।

उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए नगर निगम एवं संबंधित विभाग संयुक्त रूप से ठोस कार्रवाई करें ताकि क्षेत्र में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सके।


स्थानीय लोगों की मांग-भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करे प्रशासन

क्षेत्रवासियों का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या अब सामान्य नागरिक सुविधा का मामला नहीं, बल्कि सुरक्षा का मुद्दा बन गई है। लोग चाहते हैं कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित करे.

स्थानीय स्तर पर यह भी सुझाव दिया गया है कि संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी और विशेष धरपकड़ अभियान शुरू किया जाए.


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कौशांबी मेडिकल कॉलेज में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कौशांबी जिले के स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में तीन दिवसीय “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। 16 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक चले इस कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया गया. कार्यक्रम में डॉक्टर, शिक्षक और विद्यार्थियों ने मिलकर समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया और महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने की. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक सामाजिक जरूरत नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है. उन्होंने सभी संकाय सदस्यों, चिकित्सा कर्मियों और छात्रों से अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के बारे में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

स्वास्थ्य एवं जागरूकता पर विशेष सत्र
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कई शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विशेष व्याख्यान दिए गए, जिनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया, मानसिक स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विद्यार्थियों को इन विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी, ताकि वे समाज में जागरूकता फैला सकें.

सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से दिया संदेश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेमिनार, नुक्कड़ नाटक एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय था “नारी सम्मान एवं सशक्तिकरण”। इसके अलावा कॉलेज परिसर में जागरूकता रैली भी निकाली गयी. इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और लैंगिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।

समापन एवं भविष्य की योजनाएँ
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी स्टाफ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज में जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे। इस अवसर पर संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं एमबीबीएस प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र उपस्थित थे।

(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)

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मुजफ्फरनगर: मां-बेटी से छेड़छाड़ के आरोप में पूर्व मंत्री के बेटे समेत दो गिरफ्तार, कमजोर धाराओं और जल्द जमानत पर उठे सवाल

मुजफ्फरनगर के नई मण्डी क्षेत्र में दिखाई दिया छेड़छाड़ का मामला इससे स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर नई बहस शुरू हो गई है। पुलिस ने मां-बेटी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक पूर्व मंत्री का रिश्तेदार था। -सुधीर बालियान ऐसा परिवार से बताया जा रहा है. जानकारी यह भी सामने आई है कि घटना का वीडियो पीड़िता ने ही रिकॉर्ड किया है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है.

पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और दोनों को हिरासत में लिया गया.


देर रात टहलने निकली मां-बेटी से बदसलूकी का आरोप

बताया गया कि घटना उस वक्त हुई जब मां-बेटी देर रात रेलवे रोड इलाके में टहलने के लिए निकली थीं. इसी दौरान वहां पहुंचे दो युवकों ने कथित तौर पर उस पर अभद्र टिप्पणी की और उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की.

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दोनों युवक नशे की हालत में थे और उन्होंने अनुचित भाषा का प्रयोग कर असहज स्थिति पैदा कर दी. घटना के दौरान महिलाओं ने हिम्मत दिखाई और अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की, जो बाद में शिकायत का अहम आधार बनी.


वीडियो रिकार्डिंग से शिकायत का आधार मजबूत हुआ

घटना के वक्त पीड़िता द्वारा बनाया गया वीडियो इस मामले में अहम माना जा रहा है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की पुष्टि की और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी.

महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में ऐसे डिजिटल साक्ष्य जांच प्रक्रिया को तेज करने में अहम भूमिका निभाते हैं. यही वजह रही कि शिकायत मिलने के कुछ देर बाद ही पुलिस हरकत में आ गई.


पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर मामला दर्ज कर लिया है

इस मामले में जिन युवकों को आरोपी बनाया गया उनकी पहचान पचेड़ा रोड निवासी आर्यमान रघुवंशी और शिवपुरी निवासी शौर्य गुप्ता के रूप में हुई. पीड़िता की शिकायत के आधार पर नई मंडी थाने में दोनों के खिलाफ छेड़छाड़ संबंधी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलते ही जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई और आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.


“क्या रेट है?” इस तरह की टिप्पणियों से विवाद बढ़ गया, सामाजिक प्रतिक्रिया तेज हो गई

घटना से जुड़ी एक कथित टिप्पणी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई.

यह आरोप सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में गुस्सा फैल गया. महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में अक्सर ऐसी घटनाएं व्यापक सामाजिक प्रतिक्रिया को जन्म देती हैं.


पूर्व मंत्री के बेटे का नाम सामने आने के बाद मामला चर्चा का केंद्र बन गया है.

घटना सामने आने के बाद यह भी चर्चा में आया कि आरोपियों में से एक पूर्व मंत्री सुधीर बालियान का बेटा बताया जा रहा है. इस तथ्य ने पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और अधिक संवेदनशील बना दिया.

स्थानीय स्तर पर लोगों ने अपेक्षा जताई कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और कानून के तहत समान रूप से कार्रवाई हो.


कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आरोप

घटना के बाद एक और मुद्दा चर्चा में आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. इससे पुलिस कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए।

कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में सख्त धाराएं लगाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके.


शांतिभंग की धारा में पेशी के बाद जमानत दे दी गई

सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शांति भंग करने से जुड़े प्रावधानों के तहत पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जल्द ही जमानत मिल गई. इस घटनाक्रम से मामले को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर आरोपों के बावजूद जल्द जमानत मिलने से जांच प्रक्रिया की दिशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है.


पुलिस का बयान- कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई

नई मंडी क्षेत्राधिकारी राजू कुमार साव ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.


महिला सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद शहर में महिला सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है. देर रात सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की भी मांग की गई है।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने से ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है.


सामाजिक संगठनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

स्थानीय सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति की सामाजिक या राजनीतिक पृष्ठभूमि से जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

ऐसी घटनाएं समाज में सुरक्षा की भावना को प्रभावित करती हैं, इसलिए पारदर्शी कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जाती है।


स्थानीय नागरिकों की नजर अब आगे की कार्रवाई पर है

मामले में शुरुआती कार्रवाई के बाद अब स्थानीय लोगों की निगाहें आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं. नागरिकों का कहना है कि महिलाओं से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से ही विश्वास को मजबूत किया जा सकता है।

इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून के समान अनुपालन को लेकर समाज कितना सजग है.


रेलवे रोड इलाके में सामने आया यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं माना जा रहा है, बल्कि महिला सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया की गंभीरता को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है. अब शहर की नजर आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर है, ताकि पीड़ित पक्ष को आश्वस्त किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया जा सके.



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सीएम धामी हुए नाराज: अफसरों ने 22 हजार शिकायतें जबरन बंद कीं, आंकड़े देखकर नाराज; अधिकारियों को दी ये चेतावनी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नाराज अधिकारियों ने जबरन बंद की 22 हजार शिकायतें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नाराज अधिकारियों ने 22,000 शिकायतें जबरन बंद कर दीं

सीएम धामी
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

उत्तराखंड के अधिकारियों ने जनता की 22,246 शिकायतों को जबरन बंद कर दिया। सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नजर इस आंकड़े पर पड़ी तो वे नाराज हो गए. उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई भी अधिकारी जबरन शिकायत बंद करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


कहा कि जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष अथवा संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर शिकायतों को जबरन बंद करने की कार्रवाई न की जाए।

सीएम धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की.

उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन सिर्फ एक टेलीफोन नंबर नहीं बल्कि जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण तब तक किया जाए जब तक शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित न हो जाए।

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अयोध्या के बीकापुर में भीषण आग, 300 बीघे गेहूं की फसल जलकर राख

अयोध्या जिले के बीकापुर ब्लॉक क्षेत्र में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है, जहां ग्राम सभा बैंती कला के खेतों में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. सोमवार की रात करीब एक बजे लगी आग से सैकड़ों बीघे गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गयी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से भर गया. ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और सभी आग बुझाने की कोशिश करने लगे, लेकिन स्थिति पर काबू पाना आसान नहीं था.

आग कैसे लगी और कितना नुकसान हुआ?
ग्राम सभा बैंती कला के तालाबी खेतों में अचानक आग लग गई, जिससे करीब 300 बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। खेतों में पहले से मशीनों से काटे गए गेहूं के पेड़ और भूसा भी पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, क्योंकि उनकी मेहनत से कमाई गई पूरी फसल एक ही रात में बर्बाद हो गई।

ग्रामीणों का प्रयास और तेज हवा बाधा बन गयी
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गयी. ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास करने लगे। लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई. लोगों ने पानी व अन्य साधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।

फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मोर्चा संभाला
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पीआरबी 112 पुलिस मौके पर पहुंच गई। कड़ी मशक्कत के बाद टीमें आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं। काफी देर की मशक्कत के बाद धीरे-धीरे आग पर काबू पाया गया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को बचाया जा सका।

कारणों की जांच जारी है
ग्रामीणों के अनुसार आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है. प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आग आकस्मिक थी या इसके पीछे कोई और कारण था। फिलहाल किसानों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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रतनपुरी पटाखा फैक्ट्री में लगी आग: बिना लाइसेंस के चल रहे पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग, दो नाबालिग झुलसे- मुजफ्फरनगर के डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे.

मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर माफी गांव में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक पटाखा गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. इस हादसे में वहां काम कर रहे दो नाबालिग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग तेजी से फैली, जिससे कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आग पर काबू पाया जा सका.


इलाके में पटाखा बनाने का काम चल रहा था

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गांव निवासी उमरेज पुत्र कसमुद्दीन के घर के पड़ोस में पटाखा निर्माण से संबंधित गोदाम संचालित हो रहा था। बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था.

घटना वाले दिन अचानक आग लगने के कारण परिसर में रखे ज्वलनशील पदार्थ ने आग को तेजी से फैलने दिया, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो गयी.


घटना में दो नाबालिग गंभीर रूप से झुलस गए

आग लगने के समय गोदाम के अंदर काम कर रहे दो किशोर इसकी चपेट में आ गए। घायल बच्चों की पहचान कादिर पुत्र कासिम (उम्र करीब 15 वर्ष) और हुजैफा पुत्र आजम (उम्र करीब 15 वर्ष) के रूप में हुई है।

दोनों को गंभीर हालत में तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है.


फायर ब्रिगेड और पुलिस की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और रतनपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। संयुक्त प्रयास से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और फैलने से रोक लिया गया.

अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के अन्य घरों और खेतों को भी नुकसान होने की आशंका थी।


बिना लाइसेंस के चल रहा था गोदाम, संचालक मौके से फरार

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित पटाखा गोदाम के संचालन के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं लिया गया था. घटना के बाद गोदाम संचालक मौके से फरार बताया जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गोदाम जिले के लोनी में स्थित है गाजियाबाद इसे कुछ लोगों ने किराये पर ले रखा था और यहां पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था. इस जानकारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है.


क्षेत्राधिकारी व पुलिस टीम ने मौका मुआयना किया

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी फुगाना/बुढ़ाना यतेंद्र सिंह नगर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई और गोदाम की स्थिति का जायजा लिया.

जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों के अभाव को गंभीरता से लिया जा रहा है।


डीएम उमेश मिश्र और एसएसपी संजय वर्मा ने घटना स्थल का जायजा लिया.

दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मो उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

प्रशासन ने साफ किया कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


अवैध पटाखा निर्माण पर प्रशासन सख्त, जांच तेज

इस घटना के बाद प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में चल रही ऐसी सभी इकाइयों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

स्थानीय पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुट गई है और गोदाम को किराये पर लेने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है.


ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद गांव मोहम्मदपुर माफी और आसपास के इलाके में लोगों में चिंता का माहौल देखा गया. ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण जैसी गतिविधियां गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं.

लोगों ने प्रशासन से ऐसे अवैध गोदामों की नियमित जांच व निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है.


प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश, आगे की कार्रवाई जारी

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है. गोदाम संचालन में शामिल व्यक्तियों की भूमिका, सुरक्षा मानकों की स्थिति और लाइसेंसिंग पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है.


मोहम्मदपुर माफ़ी में पटाखा गोदाम में आग लगने की यह घटना अवैध रूप से संचालित विस्फोटक इकाइयों के जोखिमों को उजागर करती है। दो नाबालिगों के जलने से मामला और गंभीर हो गया है, जिसके बाद प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इलाके में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और उन्हें तेज किया जाएगा.

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