अमेठी में सड़क हादसा, छात्र और युवक गंभीर रूप से घायल; जिला अस्पताल रेफर

शनिवार को अमेठी में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां साइकिल से घर लौट रहे एक छात्र को पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में छात्र और बाइक चालक दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया. दोनों की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है.

संग्रामपुर मोड़ के पास हुआ हादसा
यह हादसा संग्रामपुर मोड़ के पास उस वक्त हुआ, जब छात्रा साइकिल से अपने घर जा रही थी. इसी दौरान पीछे से आ रहे बाइक चालक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गये.

छात्रा कोचिंग से लौट रही थी
जानकारी के मुताबिक पूरे गड़रियन मजरे कसारा निवासी श्वेता पाल जो अमरेश पाल की बेटी है, वह कोचिंग पढ़ने के लिए अमेठी शहर गयी थी. शनिवार को वह पढ़ाई खत्म कर साइकिल से घर लौट रही थी। जैसे ही वह संग्रामपुर मोड़ के पास पहुंची, यह हादसा हो गया.

बाइक चालक की पहचान एवं स्थिति
घायल बाइक चालक की पहचान संग्रामपुर थाना क्षेत्र के तिहैतनपुर निवासी दीपक के रूप में की गयी है. बताया जा रहा है कि दीपक की शादी तीन दिन पहले ही हुई थी. हादसे में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे उनके परिवार में चिंता का माहौल है.

स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाई और दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई
डॉक्टरों के मुताबिक दोनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. फिलहाल दोनों का इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं.

(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)

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देहरादून: आईएसबीटी के पास कार और ट्रक की टक्कर, एसडीआरएफ की टीम ने फंसे हुए युवक को सुरक्षित निकाला, अस्पताल भेजा – आईएसबीटी के पास कार और ट्रक की टक्कर, एसडीआरएफ ने फंसे हुए व्यक्ति को बचाया देहरादून समाचार

माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

द्वारा प्रकाशित: रेनू सकलानी

अद्यतन शनिवार, 18 अप्रैल 2026 10:59 पूर्वाह्न IST

आईएसबीटी के पास कार और ट्रक की टक्कर, एसडीआरएफ ने फंसे व्यक्ति को बचाया देहरादून न्यूज़

एसडीआरएफ ने फंसे हुए व्यक्ति को बचाया
– फोटो : अमर उजाला



देहरादून के मोहबेवाला आईएसबीटी के पास एक कार और ट्रक की टक्कर हो गई। हादसे में एक व्यक्ति ट्रक के अंदर फंस गया। सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और फंसे हुए युवक को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।


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कार में सवार लोगों को जिला पुलिस ने पहले ही अस्पताल भेज दिया था. इसके बाद एसडीआरएफ ने तुरंत ट्रक में फंसे युवक जुनैद (निवासी बागपत) को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला. घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया।

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प्रतापगढ़ में जियो-बीपी पेट्रोल पंप के निर्माण को लेकर विवाद, मारपीट और तोड़फोड़ में 20 पर केस दर्ज

प्रतापगढ़ जिले में एक पेट्रोल पंप के निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है. रिलायंस जियो-बीपी पेट्रोल पंप के निर्माण कार्य के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर बाधा डालने, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई है। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 5 नामजद समेत कुल 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

निर्माण कार्य को लेकर विवाद शुरू हो गया
मामला कंधई थाना क्षेत्र के तरदहा गांव का है, जहां एक पेट्रोल पंप का निर्माण कार्य चल रहा था. पीड़ित अभय प्रताप सिंह के मुताबिक गांव की गाटा संख्या 103 की कुल 1.083 हेक्टेयर भूमि में से 0.360 हेक्टेयर भूमि पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. उन्होंने बताया कि इस जमीन पर धारा 80 की कार्रवाई पूरी होने के साथ ही उपजिलाधिकारी पट्टी द्वारा एनओसी भी जारी कर दी गयी है. यह जमीन उन्होंने विधिवत इसरा देवी से खरीदी थी और उस पर पेट्रोल पंप स्थापित किया जा रहा था.

मारपीट और धमकी देने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि 27 मार्च 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हरिप्रकाश पांडे, शिव प्रकाश पांडे और पूजा मिश्रा समेत 15-20 लोग मौके पर पहुंचे. इन लोगों ने वहां मौजूद कर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. साथ ही निर्माण कार्य जबरन रुकवा दिया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गयी.

दूसरी बार भी हमला और तोड़फोड़ हुई
अभय प्रताप सिंह के मुताबिक नौ अप्रैल को आरोपी दोबारा मौके पर पहुंचे और उन्हें फिर पीटा। इस दौरान ईंट फेंककर जेसीबी मशीन का शीशा तोड़ दिया गया. उनके बेटे शिखर सिंह को भी पीटा गया. पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है.

पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी है
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 5 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. जांच के दौरान यह भी पता चला है कि एक आरोपी के खिलाफ पहले से ही लूट और मारपीट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है.

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चार धाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऑफलाइन पंजीकरण शुरू, सरकार ने पर्याप्त गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया।

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प्रेम प्रसंग के डर से उठाया दर्दनाक कदम: युवक-युवती ने डंपर के आगे कूदकर की आत्महत्या.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के ताहेरा रोड के पास एक युवक और युवती ने कथित तौर पर डंपर के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग सन्न रह गए. आस-पास मौजूद लोगों ने जब यह नजारा देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. इस घटना से स्थानीय लोग सदमे में हैं.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची.
सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है. घटना स्थल पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरी घटना को समझा जा सके.

प्रेम प्रसंग की आशंका पर पुलिस जांच कर रही है
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक युवक और युवती के बीच प्रेम प्रसंग है. बताया जा रहा है कि युवक ताहेड़ा गांव का रहने वाला था, जबकि युवती यमुनापार इलाके की बताई जा रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी नतीजे पर पहुंचने से इनकार कर दिया है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.

घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गयी
इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. लोग इस बात से हैरान हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह रही होगी जिसके चलते दोनों ने इतना बड़ा कदम उठाया. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आएगी.

(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)

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मुज़फ्फरनगर समाचार: खतौली में एनडीपीएस के आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने वाले तीन गिरफ्तार, फरार विनोद सदस्य की तलाश तेज

मुजफ्फरनगर जिले के खतौली क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट में वांछित एक आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के मामले में खतौली थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस के खिलाफ संगठित बाधा के रूप में देखा जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ने छापेमारी के दौरान पुलिस टीम के साथ बल प्रयोग और अभद्रता कर वांछित आरोपी विनोद मेंबर को छुड़ा लिया था, जिसके बाद उसके खिलाफ अलग से मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.


26 फरवरी को गांजा तस्करी मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था.

जानकारी के मुताबिक खतौली थाना पुलिस ने 26 फरवरी को तीन अवैध मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया था. उनके कब्जे से गांजा और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। इस मामले में खतौली थाने पर धारा 8/20/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.

इसी मामले में खतौली कस्बे के मौहल्ला देवीदास निवासी विनोद मेम्बर पुत्र ओमप्रकाश वांछित चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।


छापेमारी के दौरान आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया गया.

पुलिस टीम ने मोहल्ला देवीदास स्थित आरोपी के घर पहुंचकर उसे पुलिस हिरासत में ले लिया तो आरोपी ने शोर मचाया तो उसके परिजन व साथी मौके पर एकत्र हो गए।

इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार किया और बल प्रयोग कर विनोद सदस्य को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया. इस घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और अलग से मामला दर्ज किया.


घटना के बाद एक विशेष टीम का गठन कर तलाश शुरू की गयी.

आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की घटना के बाद खतौली थाने में धारा 132, 262, 263, 224, 221 बीएनएस और 7 सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया.

गठित टीमों ने लगातार छापेमारी कर इस मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपियों की पहचान मुहल्ला देवीदास निवासी सुंदर पुत्र ओमप्रकाश, आलू मिल चांदबाग मस्जिद क्षेत्र निवासी सोनू पुत्र अल्लारखां और मुहल्ला देवीदास निवासी उपेन्द्र पुत्र टीटू के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें भी हिरासत में ले लिया जाएगा.


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई चल रही है

यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर जोन के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई. अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक अमृत जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी खतौली रामाशीष यादव एवं थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने किया.

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस कार्यवाही में बाधा डालने और आरोपियों को भगाने जैसी घटनाओं को गंभीर अपराध माना जाएगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम ने सक्रिय भूमिका निभायी

इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर नरेश सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार बालियान और उपनिरीक्षक अनिल तोमर समेत खतौली पुलिस टीम की अहम भूमिका रही. टीम की सतर्कता एवं त्वरित कार्यवाही से आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका।

पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य आरोपी विनोद मेंबर की तलाश भी तेज कर दी गई है.


खतौली क्षेत्र में एनडीपीएस के आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की घटना के बाद हुई त्वरित कार्रवाई से साफ है कि पुलिस कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है.

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चारधाम यात्रा 2026: परिवहन विभाग की नई पहल, तीर्थयात्रियों को यात्रा किट प्रदान करेगा, पहली बार जल रहित मूत्रालय भी स्थापित करेगा

चारधाम यात्रा को देखते हुए परिवहन विभाग ने वाहनों की जांच और व्यवस्था के अलावा नई पहल भी की है। इसमें पहली बार बायो टॉयलेट की तरह वाटरलेस यूरिनल लगाया जाएगा। इससे कोई गंध या गंदगी नहीं होगी. इसके अलावा यात्रियों को एक ट्रैवल किट भी दी जाएगी, जिसमें उल्टी बैग से लेकर सैनिटाइजर तक पांच उपयोगी चीजें होंगी।

उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि पहली बार यात्रा मार्ग पर जल रहित यूरिनल लगाने की व्यवस्था की गई है. फिलहाल सात का ऑर्डर दिया गया है. यह लगभग ट्रेनों में लगे बायोटॉयलेट की तरह है, जिसमें पेशाब से पानी और यूरिया अलग कर दिया जाता है. इससे बदबू और गंदगी नहीं होती.

इसके अलावा ट्रैवल किट में उल्टी बैग, यूरिनल बैग, सैनिटाइजर, वेट वाइप्स और कूड़ा रखने के लिए एक छोटा बैग होगा। इसे वाहनों में मौजूद यात्रियों की संख्या को देखते हुए चेक पोस्ट के माध्यम से एक निश्चित संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पहली बार की गयी है.

नारसन चेक पोस्ट पर यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय बनाया जाएगा

परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुविधा के लिए नारसन चेक पोस्ट पर प्रतीक्षालय बनाने का निर्णय लिया है। यहां ग्रीन कार्ड बनाने की भी सुविधा होगी. ऐसे में अगर काम में समय लगेगा तो यात्री वेटिंग रूम में इंतजार कर सकेंगे। यहां कूलर से लेकर इंटरनेट, एलईडी की सुविधा भी दी जाएगी। परिवहन अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों की यात्रा के लिए वाहनों की भी व्यवस्था की गई है.

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अस्थाई चेक पोस्ट बनाई गई

परिवहन विभाग ने देहरादून जिले में पांच और सोनप्रयाग में एक चेकपोस्ट बनाई है। परिवहन विभाग की सामान्य चेकिंग टीमों के अलावा मोबाइल टीमों को भी तैनात करने का निर्णय लिया गया है. चारधाम यात्रा मार्ग पर नौ मोबाइल टीमें तैनात की जाएंगी।


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92% अंक पाने वाले छात्र ने की आत्महत्या, कानपुर में दर्दनाक घटना

उत्तर प्रदेश के कानपुर के पनकी इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सीबीएसई कक्षा 10 में 92 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली 16 वर्षीय छात्रा ने परिणाम घोषित होने के अगले दिन फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि आत्महत्या करने से पहले छात्रा ने अपने दोस्तों को एक वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी थी, जिसमें उसने गहरी मानसिक पीड़ा व्यक्त की थी. इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.

छात्रा ने वॉयस रिकार्डिंग अपने दोस्तों को भेजी थी
मृतक छात्रा की पहचान वैशाली सिंह के रूप में की गई है, जो पांकी थाना क्षेत्र के रतनपुर शिवालिक भवन में अपने परिवार के साथ रहती थी. आत्महत्या से पहले उसने अपने कुछ दोस्तों को अपने मोबाइल पर एक वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी थी. इसमें उन्होंने कहा, ”अब मैं जिंदा नहीं रह पा रही हूं, मैं एक जिंदा लाश बन गई हूं।” इस मैसेज से उनकी मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.

पारिवारिक स्थिति एवं शिक्षा विवरण
वैशाली अपने भाई और मां के साथ रहती थी. उनके पिता वीरेंद्र सिंह का दो साल पहले निधन हो गया था। उनकी मां एक कपड़े के शोरूम में काम करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं। वैशाली केंद्रीय विद्यालय अर्मापुर की छात्रा थी और पढ़ाई में काफी अच्छी मानी जाती थी.

भाई ने शिक्षकों पर लगाए गंभीर आरोप
वैशाली के भाई प्रिंस ने स्कूल के कुछ शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वह कहती हैं कि टीचर अक्सर वैशाली की तुलना उनसे करते थे और ताने मारते थे। शिक्षक कहते थे, “तुम्हारा भाई आलसी था, क्या तुम भी उसके जैसे बन जाओगे?” भाई के मुताबिक इन बातों से वैशाली मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी.

तानों से छात्रा टूट गई थी
परिवार वालों का कहना है कि वैशाली ने अच्छे नंबर लाकर खुद को साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन लगातार मिल रहे तानों से वह अंदर से टूट गई थी। बताया गया कि उनका भाई भी पहले इसी स्कूल में पढ़ता था, लेकिन 11वीं क्लास में कम नंबर आने पर उसने स्कूल छोड़ दिया था. इसके बाद टीचर्स उसे उसकी बहन को लेकर ताना मारते थे।

पुलिस ने शुरू की जांच, मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया के मुताबिक मामले की गहराई से जांच की जा रही है। छात्र के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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मुज़फ्फरनगर समाचार: इंडियन पोटाश लिमिटेड रोहाना कलां की पहल- गन्ना किसानों को बांटे गए 1500 लाइट ट्रैप, कीट नियंत्रण पर विशेष बैठक

मुजफ्फरनगर रोहाना कलां स्थित इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल पीएमकेएस) चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र में बढ़ती कीट और बीमारियों की समस्या और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस पहल का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराकर फसल उत्पादन को सुरक्षित और बेहतर बनाना था।

बैठक में जिला गन्ना अधिकारी, इकाई प्रमुख, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, विभागाध्यक्ष, अपर प्रबंधक व सहायक प्रबंधक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। 🌾


टॉप बोरर, थ्रिप्स और ब्लैक चिट्टा जैसे कीटों पर विशेष जानकारी दी गई

बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने की फसल में तेजी से फैल रहे प्रमुख कीट रोगों जैसे टॉप बोरर, थ्रिप्स और ब्लैक स्पॉट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि समय रहते इनकी पहचान करना और नियंत्रण के सही उपाय अपनाना बहुत जरूरी है।

विशेषज्ञों ने बताया कि अगर शुरुआती चरण में इन कीटों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है।


1500 लाइट ट्रैप का निःशुल्क वितरण, किसानों को बड़ी राहत

बैठक के दौरान इंडियन पोटाश लिमिटेड ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए टॉप बोरर नियंत्रण हेतु 1500 लाइट ट्रैप निःशुल्क वितरित किये। ये उपकरण कीटों को आकर्षित कर उन्हें नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि लाइट ट्रैप के इस्तेमाल से रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण अनुकूल तरीके से कीट नियंत्रण संभव हो सकेगा.


वैज्ञानिक तकनीक अपनाने पर दिया जोर

विशेषज्ञों ने किसानों से पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की अपील की। समय पर निरीक्षण, संतुलित उर्वरक प्रयोग तथा कीट नियंत्रण के वैज्ञानिक उपाय अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को नई दिशा दी जा सकती है।


फसल की गुणवत्ता में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

बैठक में अधिकारियों ने किसानों से यह भी कहा कि फसल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी बहुत जरूरी है. यदि किसान समूह बनाकर सामूहिक रूप से कीट नियंत्रण के उपाय अपनाएँ तो परिणाम अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आय में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।


किसानों को समय पर पहचान एवं प्रबंधन के लिए जागरूक किया गया

कार्यक्रम के दौरान किसानों को संदेश दिया गया कि समय पर कीट एवं रोगों की पहचान एवं उचित प्रबंधन ही अच्छी पैदावार की कुंजी है। नई तकनीकों का प्रयोग और वैज्ञानिक सलाह का पालन करके फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है।

अधिकारियों ने किसानों को नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करने और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों से संपर्क बनाए रखने की भी सलाह दी।


क्षेत्रीय स्तर पर कृषि जागरूकता कार्यक्रमों की बढ़ती भूमिका

ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इंडियन पोटाश लिमिटेड की इस पहल को क्षेत्रीय स्तर पर गन्ना उत्पादन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऐसी जागरूकता बैठकों से किसानों को समय पर सही जानकारी मिलती है और वे अपनी फसलों को नुकसान से बचाने में सफल होते हैं.


रोहाना कलां क्षेत्र में आयोजित इस किसान गोष्ठी एवं 1500 लाइट ट्रैप वितरण अभियान को गन्ना उत्पादन को सुरक्षित एवं बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता में सकारात्मक सुधार के साथ-साथ कीट नियंत्रण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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चारधाम यात्रा 2026: पटेल भवन में कंट्रोल रूम शुरू, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा, 24 घंटे होगी मॉनिटरिंग – चारधाम यात्रा के लिए पटेल भवन में कंट्रोल रूम शुरू, 24 घंटे होगी मॉनिटरिंग उत्तराखंड समाचार

चारधाम यात्रा का कंट्रोल रूम शुक्रवार से पटेल भवन में शुरू हो गया है। इस कंट्रोल रूम से यात्रा पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी. आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि यात्रा के मद्देनजर पुलिस की ओर से सभी तैयारियां कर ली गई हैं. करीब एक सप्ताह पहले पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

गढ़वाल रेंज कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि पिछले अनुभवों के आधार पर यात्रा को और अधिक डिजिटल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में बांटा गया है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिला पुलिस के साथ ही पीएसी, होम गार्ड और पीआरडी के जवानों को तैनात किया गया है।

इनके अलावा एसडीआरएफ, एटीएस, बम निरोधक दस्ता और जल पुलिस की टीमें भी जगह-जगह तैनात रहेंगी. चारों धामों और यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए अलग-अलग जगहों से ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग स्थल और रुकने के स्थान भी बनाए गए हैं।

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पुलिस मुख्यालय की ओर से जिन अधिकारियों को यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे, उन्होंने निरीक्षण पूरा कर सभी को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए मार्गों पर बॉटल नेक, ब्लैक स्पॉट एवं लैंड स्लाइड जोन चिन्हित कर वहां आवश्यक पुलिस बल एवं अन्य विभागों की टीमें तैनात की गई हैं।

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