अपहरण, जबरन शादी और तीन तलाक…अब बच्चों के खतना का दबाव, गाजीपुर में महिला आयोग के सामने बयां हुआ हिंदू महिला का दर्द

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. मोहम्मदाबाद क्षेत्र निवासी एक हिंदू महिला ने अपने पति अफसर हुसैन पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसका अपहरण किया गया, फिर जबरन शादी की गई और अब उसके बच्चों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला जा रहा है. महिला ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय आरोपी का समर्थन कर रही है और उसके चरित्र पर सवाल उठा रही है. इस मामले को सुनकर महिला आयोग की टीम भी हैरान रह गई.
2009 में अपहरण कर लिया और तीन साल तक बंधक बनाकर रखा
पीड़िता के मुताबिक, उसकी परेशानियां साल 2009 में शुरू हुईं. उसने बताया कि मुस्लिम बहुल गांव के रहने वाले अफसर हुसैन ने उसका अपहरण कर लिया था. इसके बाद उन्हें करीब तीन साल तक महाराष्ट्र के एक गांव में बंधक बनाकर रखा गया. महिला का आरोप है कि जब वह 2012 में गांव लौटी तो गांव के लोगों के दबाव में उसकी जबरन शादी अफसर हुसैन से करा दी गई. इस शादी से महिला के दो बच्चे हैं, जिनमें 14 साल की बेटी और 8 साल का बेटा शामिल है।
तीन तलाक के बाद भी दबाव जारी है
महिला का कहना है कि साल 2018 में अफसर हुसैन ने उसे तीन तलाक दे दिया था. इसके बावजूद वह उसे नहीं छोड़ रहा है। पीड़िता का आरोप है कि अब वह बच्चों का जबरन धर्म परिवर्तन कराना चाहता है. खासकर 8 साल के बेटे का खतना कराने का दबाव बनाया जा रहा है. महिला ने बताया कि जब उसने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई. इसी डर के कारण वह अपना घर छोड़कर कहीं और छिपकर रहने को मजबूर हैं।
पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए
जनसुनवाई के दौरान महिला ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान को अपने सिर के घाव भी दिखाए. उन्होंने बताया कि करीब 10 दिन पहले उन पर चाकू से हमला किया गया था. लेकिन पुलिस ने उचित कार्रवाई करने के बजाय गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर दी, ताकि मामला हल्का हो जाए. महिला ने भावुक होकर कहा कि अब पुलिस उसके चरित्र पर सवाल उठा रही है. उन्होंने कहा कि अगर उनका चरित्र इतना खराब है तो उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाना चाहिए ताकि वह शांति से रह सकें.
महिला आयोग ने पुलिस को लगाई फटकार
महिला की पूरी कहानी सुनने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने मौके पर मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने निर्देश दिया कि महिला को तुरंत निष्पक्ष चिकित्सा दी जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए. आयोग ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके.
