सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का खुलासा, प्रोजेक्ट मैनेजर दो लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने परिवार कल्याण विभाग के एक प्रोजेक्ट मैनेजर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के बाद सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर पैसे की मांग कर रहा था. झांसी से आई विजिलेंस टीम ने पूरी योजना बनाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया. इस घटना के बाद जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है.
होटल में 2 लाख रुपए लेते पकड़ा गया आरोपी
जानकारी के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय में तैनात प्रोजेक्ट मैनेजर जितेश सोनी को 12 सदस्यीय विजिलेंस टीम ने एक होटल में 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है. यह टीम झांसी से आई थी और पहले से ही पूरे मामले पर नजर रखे हुए थी.
ट्रांसफर के नाम पर पैसों की मांग की गई
पीड़ित मेराज मोहम्मद ने बताया कि वह पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई में तैनात थे, लेकिन बाद में उन्हें पनवाड़ी सीएचसी से संबद्ध कर दिया गया। इस दौरान यह बात सामने आई कि सीएमओ के रिटायरमेंट से पहले पैसे देकर उनका दोबारा कबरई स्थानांतरण कराया जा सकता है।
पहले 3.5 लाख रुपए की डिमांड, फिर 2 लाख रुपए में डील फाइनल हुई
आरोप है कि जितेश सोनी ने पहले इस काम के लिए साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की थी. बाद में बातचीत के बाद सौदा दो लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को पैसे लेने के लिए राघव होटल के सर्विस सेंटर पर बुलाया गया.
रंगे हाथ गिरफ्तार, पूछताछ जारी
जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी.
कार्रवाई से हड़कंप मच गया
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है. इसके बाद जिले के अन्य सरकारी महकमों में भी खलबली मच गई। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी.
