गोरखपुर में लेडी डॉन गैंग पर कार्रवाई, रंगदारी मामले का फरार आरोपी बंटी वर्मा गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. मशहूर ‘लेडी डॉन’ अंशिका सिंह के गैंग से जुड़े फरार आरोपी आकाश उर्फ बंटी वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वह काफी समय से फरार था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. सोमवार को उसे नंदानगर रेलवे लाइन के पास से पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. इस कार्रवाई से गिरोह के खिलाफ चल रही जांच को और मजबूती मिली है.
रंगदारी और फायरिंग का मामला
यह पूरा मामला 20 जनवरी का है, जब अंशिका सिंह ने सूबा बाजार निवासी हॉस्पिटल मैनेजर विशाल मिश्रा से रंगदारी मांगी थी. आरोप है कि पैसे न मिलने पर अंशिका ने अपने साथियों अर्जुन वर्मा और बंटी वर्मा के साथ मिलकर सिंघड़िया इलाके में मॉडल शॉप के पास फायरिंग कर दी. गोली विशाल मिश्रा को नहीं लगी, बल्कि उनके ड्राइवर अमिताभ निषाद के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया.
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई
फायरिंग के बाद मौके पर मौजूद लोगों की मदद से विशाल मिश्रा ने अंशिका सिंह को तमंचे समेत पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अंशिका और उसके साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया. इसके बाद अंशिका को जेल भेज दिया गया। बाद में पुलिस ने अर्जुन वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया, जबकि बंटी वर्मा फरार हो गया.
काफी तलाश के बाद हुई गिरफ्तारी
कई दिनों की तलाश के बाद अब पुलिस ने बंटी वर्मा को भी पकड़ लिया है. इस पूरे गैंग के खिलाफ पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है, जिससे आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
अंशिका सिंह जेल में भी चर्चा में हैं
बताया जा रहा है कि अंशिका सिंह करीब डेढ़ महीने से गोरखपुर जिला जेल में बंद हैं, लेकिन उनकी गतिविधियां अब भी चर्चा में हैं. सूत्रों के मुताबिक, वह जेल में सामान्य रूप से रह रही हैं और अन्य महिला कैदियों के साथ समय बिताती हैं। वह मनोरंजन के लिए भोजपुरी गानों पर डांस भी करती हैं.
वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप
अंशिका सिंह पर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने और उनसे पैसे ऐंठने का भी आरोप है. पुलिस के मुताबिक, उसके जाल में कई लोग फंस गए थे, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल थे. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
