धोखाधड़ी मामले में चंद्रमा देवी को भेजा गया जेल, कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी

अमेठी से एक बड़ा कानूनी मामला सामने आया है, जहां पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और उद्योगपति राजेश मसाला की पत्नी चंद्रमा देवी को धोखाधड़ी के आरोप में अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में प्रभारी जिला जज राकेश पांडे की अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी. यह मामला काफी समय से चर्चा में था और अब कोर्ट के इस फैसले के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है.
कोर्ट में सरेंडर के बाद की गई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, उच्च न्यायालय के निर्देश पर चंद्रमा देवी ने गुरुवार को एसीजेएम चतुर्थ भाव्या श्रीवास्तव की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था. इससे पहले भी उनकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है. सरेंडर के बाद मामले की सुनवाई हुई, जिसमें बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजीजुर्रहमान और डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट के सामने आरोपों को गंभीर बताया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी और चंद्रमा देवी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया.
धोखाधड़ी का आरोप क्या है?
यह पूरा मामला उद्योग व्यापार मंडल अमेठी के नगर अध्यक्ष घनश्याम सोनी की शिकायत से जुड़ा है. आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए चंद्रमा देवी ने कथित तौर पर फर्जी तरीके से लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी और संगम लाल सोनी के नाम पर मकान की रजिस्ट्री करा ली थी. इस मामले को लेकर काफी समय से जांच और कानूनी प्रक्रिया चल रही थी.
आगे की सुनवाई 30 मार्च को होगी
कोर्ट ने इस मामले में नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय की है. अब सभी की निगाहें इस तारीख पर टिकी हैं, जब आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.
इलाके में चर्चा का माहौल
चंद्रमा देवी जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि की पत्नी हैं। इसी वजह से ये मामला और भी ज्यादा चर्चा में है. कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे इलाके में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.
(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)
