मिशन शक्ति चरण-5 मुजफ्फरनगर: जिला जज-डीएम-एसएसपी ने जिला जेल का किया निरीक्षण, महिला बंदियों को दिया अधिकार और सुरक्षा का संदेश
ज़िला मुजफ्फरनगर में मिशन शक्ति फेस-5 मुजफ्फरनगर जेल का निरीक्षण इसके तहत जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से जिला जेल का व्यापक निरीक्षण किया. इस निरीक्षण में जिला जज मो वीरेंद्र कुमार सिंहजिला अधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा प्रधानमंत्री की मौजूदगी से अभियान को खास अहमियत मिली. निरीक्षण का उद्देश्य जेल में बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और विशेषकर महिला बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की व्यवस्थाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया और शासन की मंशा के अनुरूप सुधारात्मक निर्देश दिये।
मिशन शक्ति चरण-5: मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण के दौरान बैरक से लेकर रसोई तक की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
निरीक्षण की शुरुआत पुरुष और महिला बैरक के निरीक्षण से हुई, जहां अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और रहने की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया कि कैदियों को निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण प्रदान किया जाए।
रसोई का निरीक्षण करते हुए भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं निर्धारित मेनू के अनुपालन की समीक्षा की गयी. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि भोजन व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये तथा बन्दियों को समय पर पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाये।
मिशन शक्ति फेस-5 मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण का मुख्य केन्द्र बना महिला बंदियों से संवाद।
इस निरीक्षण का सबसे अहम पहलू महिला जेल में जाकर महिला कैदियों से सीधा संवाद स्थापित करना था. अधिकारियों ने महिला बंदियों को उनके अधिकार, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
उन्हें महिला हेल्पलाइन 1090 और 181 अन्य आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी तरह की समस्या होने पर वे बिना डरे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं.
महिला बंदियों को आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास के साथ जीवन की नई दिशा अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे भविष्य में सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ सकें।
मिशन शक्ति फेस-5 मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण में आत्मरक्षा एवं कानूनी अधिकारों पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने महिला बंदियों को आत्मरक्षा के उपाय, कानूनी सहायता के अधिकार और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य महिला कैदियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज में फिर से सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार करना था।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान का मूल उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करना है, ताकि वे किसी भी स्थिति में सुरक्षित महसूस कर सकें.
पुरुष बंदियों से भी सुविधाओं व समस्याओं की जानकारी ली
मिशन शक्ति चरण-5 मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण के दौरान न केवल महिला बंदियों से बल्कि पुरूष बंदियों से भी संवाद स्थापित किया गया। अधिकारियों ने जेल में उपलब्ध सुविधाओं का हाल जाना और कैदियों द्वारा बतायी गयी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये.
इस दौरान अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि शिकायतों का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए।
कारागार कार्यालय, अभिलेख व्यवस्था एवं आगंतुक रजिस्टर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के अगले चरण में जेल कार्यालय का दौरा शामिल था, जहां रिकॉर्ड रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित करने के लिए कि दौरा प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है, विजिट रजिस्टर की जाँच की गई।
अधिकारियों ने निर्देश दिये कि सभी अभिलेखों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखा जाये, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे.
मिशन शक्ति चरण-5 मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की तकनीकी जांच
जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों ने जैमर सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया। यह सुनिश्चित किया गया कि सुरक्षा उपकरण पूरी तरह से कार्यशील स्थिति में रहें और किसी भी तकनीकी कमी को तुरंत ठीक किया जाए।
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिये.
जेल अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गयी
निरीक्षण के दौरान जेल में स्थित अस्पताल का भी गहनता से निरीक्षण किया गया. अधिकारियों ने कैदियों को दी जा रही दवाओं की उपलब्धता, ओपीडी व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया।
निर्देश दिये गये कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जायेगी तथा प्रत्येक बन्दी को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाये।
मिशन शक्ति चरण-5: मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण में प्रशासनिक अनुशासन और सतर्कता पर जोर
निरीक्षण के अंत में जिला जेल अधीक्षक को शासन की मंशा के अनुरूप सभी बंदियों को आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये। साथ ही शातिर बंदियों पर लगातार नजर रखने और जेल परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कड़ी निगरानी रखने को कहा गया.
जेल परिसर की साफ-सफाई को प्राथमिकता देने तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया.
पुलिस बल को सतर्कता एवं संवेदनशीलता बनाये रखने के निर्देश दिये गये
मिशन शक्ति फेस-5 मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण के दौरान जेल में तैनात पुलिस बल को भी अनुशासन, सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी करने के निर्देश दिये गये। अधिकारियों ने कहा कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जायेगी.
इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक मो सिद्धार्थ के. मिश्रा एवं क्षेत्राधिकारी नई मण्डी राजू कुमार साव अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।
मिशन शक्ति चरण-5 मुजफ्फरनगर जेल निरीक्षण के तहत आयोजित इस संयुक्त निरीक्षण को महिला सुरक्षा, कैदियों के अधिकारों की रक्षा और जेल प्रणालियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देश से स्पष्ट है कि जेल में सुरक्षा, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कैदियों को सुधारात्मक वातावरण प्रदान किया जा सके.
