स्कूल चलो अभियान मुज़फ्फरनगर 2026: वहलना से हुआ भव्य शुभारंभ, हर बच्चे को स्कूल भेजना प्रशासन का बड़ा संकल्प

मुजफ्फरनगर बुधवार 1 अप्रैल से शिक्षा जागरूकता का व्यापक अभियान शुरू हुआ। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल इस अभियान की शुरुआत वहलना स्थित कंपोजिट स्कूल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम से हुई, जहां जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की और शिक्षा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह एवं ऊर्जा का माहौल देखा गया. विद्यार्थियों के हाथों में शिक्षा से संबंधित प्रेरक संदेश लिखी तख्तियां थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश गूंज रहा था।


राज्य मंत्री कपिल अग्रवाल ने कहा, हर बच्चे को स्कूल भेजना सरकार की प्राथमिकता है।

स्कूल चलो अभियान मुज़फ्फरनगर 2026 के औपचारिक उद्घाटन के अवसर पर राज्य सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल अग्रवाल कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए आगे आएं और शिक्षा को जीवन में प्राथमिकता बनाएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसका लाभ हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाया जा रहा है.


जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मो वीरपाल निर्वाल कहा कि शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की पहचान है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के नामांकन में रुचि लें और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान तभी सफल होंगे जब समाज के सभी वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी निभायेंगे.


जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने अभियान की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी

स्कूल चलो अभियान मुज़फ्फरनगर 2026 जिला मजिस्ट्रेट के अधीन उमेश मिश्रा उन्होंने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान की जायेगी जो अभी भी स्कूल से बाहर हैं या जिन्होंने स्कूल छोड़ दिया है.

उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम घर-घर जाकर अभिभावकों से सम्पर्क करेगी तथा बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कराने हेतु विशेष प्रयास किये जायेंगे।


ड्रॉपआउट बच्चों को वापस शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर

अभियान के तहत उन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जो किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें फिर से स्कूल से जोड़ा जाएगा.

इसके साथ ही ऐसे परिवारों की भी पहचान की जा रही है जहां आर्थिक या सामाजिक कारणों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.


निःशुल्क सुविधाओं से बढ़ेगा नामांकन, अभिभावकों को दी गयी जानकारी

स्कूल चलो अभियान मुज़फ्फरनगर 2026 इस दौरान अभिभावकों को यह भी बताया गया कि सरकार की ओर से छात्रों को कई तरह की मुफ्त सुविधाएं दी जा रही हैं. इनमें वर्दी, पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग, जूते-मोजे और पौष्टिक मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इन सभी सुविधाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाया जा सके।


ईंट भट्ठों और मलिन बस्तियों के बच्चों पर विशेष फोकस रहेगा

अभियान के तहत ईंट भट्टों, मलिन बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन ने इन इलाकों में विशेष टीमें सक्रिय कर बच्चों को स्कूल से जोड़ने की रणनीति तैयार की है.

इस पहल को ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.


जागरूकता रैली में शिक्षा के प्रेरक नारे गूंजते रहे

विद्यालय परिसर से जागरूकता रैली निकाली गयी स्कूल चलो अभियान मुज़फ्फरनगर 2026 मुख्य आकर्षण था. विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा के महत्व को दर्शाने वाले संदेश दिए।

“मम्मी-पापा हमें पढ़ाओ, स्कूल जाओ और हमारा नाम लिखाओ” जैसे नारों से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया और लोगों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश गया।


शिक्षकों ने घर-घर जाकर प्रेरित करने का संकल्प लिया

अभियान के तहत शिक्षकों व शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें नामांकन के लिए प्रेरित किया जायेगा.

यह पहल अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


स्कूल चलो अभियान 2026 से शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीदें मुजफ्फरनगर

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना ​​है कि इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में नामांकन दर में काफी वृद्धि होगी. साथ ही स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रयास किये जायेंगे.

इस अभियान के माध्यम से शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं।


सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे छात्रों तक पहुंचाने पर जोर

अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। सहायता राशि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही है।

इस व्यवस्था से शिक्षा के प्रति विश्वास और बढ़ा है।


जन प्रतिनिधियों और प्रशासन की संयुक्त पहल बनी अभियान की ताकत

स्कूल चलो अभियान मुज़फ्फरनगर 2026 योजना के सफल संचालन में जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासन की संयुक्त भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलने की संभावना बढ़ गयी है.

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे.


विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने अभियान को प्रेरणादायक बना दिया

जागरूकता रैली में छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बना दिया। बच्चों के उत्साह ने बता दिया कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है.

इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी सहायक होते हैं।


मुजफ्फरनगर में शिक्षा के नये कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम

प्रशासन की सक्रियता और शिक्षा विभाग की रणनीतिक योजना को देखते हुए यह अपेक्षित है स्कूल चलो अभियान मुज़फ्फरनगर 2026 जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस अभियान के माध्यम से हर बच्चे को स्कूल भेजने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जाएगा और जिला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा.


स्कूल चलो अभियान मुजफ्फरनगर 2026 के भव्य शुभारंभ से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन और शिक्षा विभाग जिले के हर बच्चे को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। जन प्रतिनिधियों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी से यह अभियान न केवल नामांकन दर बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि मुजफ्फरनगर को शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रेरक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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