रामपुर में स्पा सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में 6 अवैध सेंटर सील

उत्तर प्रदेश के रामपुर में अवैध रूप से चल रहे स्पा सेंटरों पर पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. शुक्रवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अचानक छापेमारी कर कई स्पा सेंटरों की जांच की गई, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं. जांच के बाद 6 स्पा सेंटरों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अन्य स्पा संचालकों में भी डर का माहौल बन गया. अधिकारियों ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी की
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के निर्देश पर की गयी. छापेमारी में सिटी मजिस्ट्रेट, सिविल लाइन थाना प्रभारी, मिशन शक्ति टीम, नगर पालिका परिषद और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल रहे। टीम के अचानक पहुंचने से स्पा सेंटरों में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं की घेराबंदी कर दी और गहन तलाशी अभियान चलाया।
जांच में कई बड़ी खामियां सामने आईं
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने स्पा सेंटरों के लाइसेंस, कर्मचारियों के दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच की. इसमें पता चला कि ज्यादातर स्पा सेंटर बिना वैध अनुमति के चल रहे थे। कई सेंटरों ने नगर परिषद से अनुमति नहीं ली थी और फायर सेफ्टी के लिए जरूरी एनओसी भी नहीं थी।
कर्मचारियों का पूरा रिकार्ड भी नहीं मिला
जांच टीम ने यह भी पाया कि कई स्पा सेंटरों में कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था। पहचान पत्र और रजिस्टर से जुड़े नियमों की अनदेखी की जा रही थी, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही मानी जा रही है. इन सभी कमियों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया.
इन स्पा सेंटरों को सील कर दिया गया
कार्रवाई के दौरान रोज थेरेपी स्पा सेंटर (गन्ना सोसायटी), गोल्ड क्लासिक स्पा एंड सैलून (आवास विकास), गोल्डन हैंड स्पा सेंटर (फ्रेंड्स कॉलोनी और शौकत अली रोड), मैंगो स्पा सेंटर (शौकत अली रोड) और प्रियंका लीफ स्पा पार्लर (एलआईसी रोड) बंद कर दिए गए।
अधिकारियों की सख्त चेतावनी
एसपी सोमेंद्र मीणा ने कहा कि जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने सभी संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील की है. इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है और इसे कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है.
