अमेठी में दिव्यांग दंपत्ति पर केस की तैयारी, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली एक बार फिर विवादों में आ गई है. इस बार मामला बेहद संवेदनशील है, जहां दोनों पैरों से दिव्यांग दंपत्ति की मदद करने के बजाय उनके खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. यह घटना तब सामने आई जब दंपति ने अस्पतालों में सुविधाओं की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। अब इस कार्रवाई को लेकर आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है.
वीडियो के माध्यम से समस्या उठाई गई
जानकारी के मुताबिक, दोनों पैरों से दिव्यांग पति-पत्नी ने अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की कमी दिखाते हुए एक वीडियो बनाया था. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि अस्पतालों में व्हीलचेयर और अटेंडेंट जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. यह वीडियो 7 मिनट से ज्यादा लंबा बताया जा रहा है, जिसमें उनकी परेशानी साफ नजर आ रही है.
स्वास्थ्य विभाग ने दर्ज कराई शिकायत
स्वास्थ्य विभाग ने इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए मदद करने के बजाय इसे अनुचित माना. विभाग की ओर से दिव्यांग व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए जगदीशपुर कोतवाली में तहरीर दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि वीडियो में स्थिति दिखाई गई है और सवाल उठाया गया है कि जब पति-पत्नी दोनों चलने में असमर्थ हैं तो स्ट्रेचर तक कैसे पहुंचे.
व्हीलचेयर की मांग को मुद्दा घोषित किया गया
दिव्यांग दंपत्ति का कहना है कि उन्होंने वीडियो के जरिए व्हीलचेयर की मांग उठाई थी, क्योंकि उनके लिए चल पाना संभव नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि यह वीडियो किसी छुपे तरीके से नहीं बनाया गया था, बल्कि खुलेआम अपनी समस्या दिखाने के लिए बनाया गया था. इसके बावजूद इस दौरान अस्पताल के किसी भी कर्मचारी ने उनकी मदद नहीं की.
लोगों में नाराजगी और सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को दिव्यांगों की मदद करनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट उन पर कार्रवाई करना असंवेदनशीलता को दर्शाता है. यह कदम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है.
प्रशासन मौन, आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और दिव्यांग जोड़े को न्याय मिल पाता है या नहीं.
(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)
