जानिए क्या हैं ब्लैक हॉक कमांडो…जो कानपुर की सड़कों पर तैनात हैं, यूपी पुलिस की एक अनोखी पहल।

कानपुर समाचार: अब कानपुर में दंगाइयों और उपद्रवियों के लिए मुश्किल घड़ी आने वाली है। शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूत और अभेद्य बनाने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक विशेष और शक्तिशाली इकाई बनाई है, जिसे ‘ब्लैक हॉक’ नाम दिया गया है. काले सुरक्षा कवच से लैस ये कमांडो अब शहर की सड़कों पर उतर चुके हैं. इस यूनिट का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई करना और स्थिति को तुरंत नियंत्रित करना है। पुलिस का मानना है कि इससे शहर में सुरक्षा का स्तर और बेहतर होगा.
60 जवानों की स्पेशल टीम, स्पेशल ट्रेनिंग
यह यूनिट कानपुर जैसे संवेदनशील शहर को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। ‘ब्लैक हॉक’ विंग में 60 चयनित, सक्रिय और ऊर्जावान पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन जवानों को भीड़ नियंत्रण और गुरिल्ला कार्रवाई के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है. ये जवान आधुनिक काले रंग के बॉडी गियर से लैस होंगे, जो इन्हें पथराव और हमलों से सुरक्षित रखेंगे. यह टीम क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तरह काम करेगी और तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लेगी.
मौके पर पूरी ताकत से कार्रवाई
ब्लैक हॉक यूनिट को न सिर्फ तैनाती बल्कि मौके पर फैसले लेने की भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. अगर दंगा, हंगामा या आगजनी जैसी स्थिति बनती है तो ये कमांडो तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं. इनमें लाठीचार्ज, रबर बुलेट से फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़ने का फैसला लेना शामिल है. संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ.विपिन ताड़ा ने बताया कि इस यूनिट का मुख्य उद्देश्य सूचना मिलते ही कम से कम समय में मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना है.
ट्रायल मोड में दस्ता, रूट मार्च जारी
फिलहाल ब्लैक हॉक स्क्वाड ट्रायल मोड में काम कर रहा है. ये जवान हर दिन स्थानीय पुलिस के साथ शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों और संकरी गलियों में रूट मार्च कर रहे हैं. इसका मकसद अपनी मौजूदगी दिखाना, अपराधियों में डर पैदा करना और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है. कानपुर पुलिस की इस पहल से साफ है कि अब शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. ‘ब्लैक हॉक’ कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति पर नजर रखेगा।
