उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग की बेटी का उत्तराखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम के लिए चयन, गांव में हुआ भव्य स्वागत

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बच्छणस्यूं पट्टी के मारगांव (पंधरा) की होनहार क्रिकेटर सभ्या नेगी (24) का चयन उत्तराखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। गांव पहुंचने पर सभ्या का भव्य स्वागत किया गया. ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों और फूल मालाओं से उनका सम्मान कर खुशी का इजहार किया.


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सभ्या नेगी दरबान सिंह नेगी की बेटी हैं और उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है। जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर सभ्या ने क्रिकेट की दुनिया में नाम कमाने के लिए कड़ी मेहनत की है. इससे पहले भी बतौर ऑलराउंडर सभ्या ने उत्तराखंड महिला प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन किया था।

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फाइनल मैच में उन्होंने तीन अहम विकेट लेकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. उनकी सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह बिष्ट ने कहा कि सभ्या नेगी ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है और अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनी हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि वह भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन करेगी.

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दादरी में अखिलेश यादव की बड़ी रैली, हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद

उत्तर प्रदेश समाचार: अखिलेश यादव आज दादरी के गौतमबुद्ध नगर में मेहर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक वह सुबह करीब 11 बजे यहां पहुंचेंगे. इस रैली में हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद है. कार्यक्रम के लिए करीब 100 मीटर लंबा पंडाल तैयार किया गया है, जिससे साफ पता चलता है कि कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है.

प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे
रैली से पहले अखिलेश यादव गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद वह मंच से जनसभा को संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम को सिर्फ एक सभा के तौर पर ही नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. इस आयोजन के जरिए पार्टी अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है.

पश्चिमी यूपी में पकड़ मजबूत करने की कोशिश
इस रैली के जरिए समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की करीब 140 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश देना चाहती है. पार्टी बीजेपी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर अपनी रणनीति सामने रखेगी. गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, संभल, शामली, बागपत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया गया है।

नेताओं की अपील और पहले से की गई तैयारी
पूर्व मंत्री जावेद आब्दी, जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। गांव और बूथ स्तर पर लगातार बैठकें कर भीड़ जुटाने की तैयारी की गई है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह रैली सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देगी.

मिहिर भोज विवाद स्थल से विशेष संदेश
यह रैली उसी जगह पर हो रही है जहां 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर विवाद हुआ था. उस समय शिलापट्ट पर “सम्राट मिहिर भोज” लिखे जाने पर गुर्जर समाज ने विरोध किया था। अब उसी जगह को चुनकर एसपी ने खास सियासी संदेश देने की कोशिश की है.

2027 चुनाव की तैयारियों का संकेत
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन किया था, जिसका असर पश्चिमी यूपी में तो दिखा, लेकिन नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में उसे ज्यादा सफलता नहीं मिली. 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बेहतर प्रदर्शन किया. पार्टी के मुताबिक यह रैली 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिसमें जमीनी मुद्दों और सामाजिक समीकरणों पर खास ध्यान दिया जाएगा.

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देहरादून एयरपोर्ट: दून एयरपोर्ट पर आज डिजी यात्रा का शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री राममोहन करेंगे वर्चुअली उद्घाटन

संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट (देहरादून)

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन रविवार, 29 मार्च 2026 11:33 पूर्वाह्न IST

डिजी यात्रा शुरू होने से अब यात्रियों को कतारों में खड़े होने से मुक्ति मिल जाएगी.


देहरादून एयरपोर्ट डिजीयात्रा का आज शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री राममोहन वर्चुअली करेंगे उद्घाटन

देहरादून हवाई अड्डा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

आज से देहरादून एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा शुरू हो रही है. इसके साथ ही फ्लाईब्रेरी, वाईफाई और किड्स जोन भी शुरू किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू इसका वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।


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इसके बाद अब यात्रियों को लाइन में लगने से मुक्ति मिल जाएगी. यहां यात्रियों को चेहरा दिखाते ही प्रवेश मिल जाएगा।

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जया किशोरी ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, बोलीं- ‘बार-बार यहां आने का मन करता है’

आज प्रसिद्ध कथा वाचक जया किशोरी ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन किये. इस दौरान उन्होंने गहरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की और मीडिया से बात करते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं. उन्होंने कहा कि वह यहां दूसरी बार घूमने आई हैं और हर बार यहां आने का मन करता है. मंदिर पहुंचने पर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया और कई लोगों ने उनसे आशीर्वाद लिया.

नंदी हॉल में बैठकर पूजा की
महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया के मुताबिक, मंदिर पहुंचने के बाद जया किशोरी ने नंदी हॉल में बैठकर विधि-विधान से पूजा की. इस दौरान उन्होंने माथे पर तिलक लगाया, गले में महाकाल का पंखा पहना और मंत्र जाप करते हुए भगवान की भक्ति में लीन नजर आईं. पूजा के बाद उन्होंने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना भी कही.

मंदिर समिति ने स्वागत किया
दर्शन-पूजन के बाद मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से जया किशोरी का स्वागत-सत्कार किया गया। इस दौरान उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना भी की.

तत्त्वज्ञान तंत्र की प्रशंसा |
मीडिया से बात करते हुए जया किशोरी ने कहा कि महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था बहुत अच्छी है. उन्होंने बताया कि वह कई मंदिरों में जाती हैं, लेकिन यहां जैसी व्यवस्था कहीं और देखने को नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि मंदिर में कहीं भी खड़े होकर भक्त आसानी से बाबा के दर्शन कर सकते हैं और सभी को संतुष्टि मिलती है.

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
जैसे ही जया किशोरी मंदिर से बाहर आईं तो भक्त उन्हें देखने के लिए उत्साहित हो गए। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं तो कुछ ने उनका आशीर्वाद लिया. कुछ भक्तों ने बताया कि उन्होंने जया किशोरी को पहले सिर्फ टीवी पर देखा था, लेकिन आज उन्हें साक्षात देखने का मौका मिला.

पहले भी भस्म आरती के दर्शन कर चुके हैं
जया किशोरी ने बताया कि वह पहले भी महाकाल मंदिर आ चुकी हैं और भस्म आरती के दर्शन कर चुकी हैं। तभी से उन्हें बार-बार यहां आने की इच्छा हुई।

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उत्तराखंड: रुकी हुई पीसीएस और लोअर पीसीएस परीक्षाओं पर प्रशासन सख्त, 1 अप्रैल को बुलाई बैठक – उत्तराखंड प्रशासन का रुकी हुई पीसीएस और लोअर पीसीएस परीक्षाओं पर सख्त रुख; 1 अप्रैल को बैठक बुलाई गई

उत्तराखंड में पीसीएस और लोअर पीसीएस परीक्षाएं लटकने के मामले में अब सरकार सख्त हो गई है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अब सचिव कार्मिक ने एक अप्रैल को सभी विभागों की बैठक बुलाई है, जिसमें उन्हें अपने रिक्त पदों का अधियाचन, रोस्टर और अन्य जानकारी लेकर पहुंचना होगा।


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25 मार्च को अमर उजाला ने ‘कैसे होगी पीसीएस भर्ती, विभाग खाली पद बताने को तैयार नहीं?’ खबर के जरिए इस साल अब तक राज्य लोक सेवा आयोग से पीसीएस या लोअर पीसीएस का अधियाचन न मिलने का मुद्दा उठाया था।

बताया गया कि कैसे आयोग ने पहले के कैलेंडर में ये परीक्षाएं प्रस्तावित की थीं लेकिन अधियाचन न मिलने के कारण ये संशोधित कैलेंडर से गायब हो गईं. चिंता की बात यह भी है कि सरकार की ओर से लगातार विभागों को पत्र भेजे जाने के बावजूद वे रिक्तियां बताने को तैयार नहीं हैं।

यूकेपीएससी: लोअर पीसीएस मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी, 21 अप्रैल से होगी पीसीएस-जे मुख्य परीक्षा

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यूपी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं, पैनिक खरीदारी से बढ़ी मांग

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी की ताजा खबरों के बीच अब स्थिति साफ हो गई है. राज्य स्तरीय समन्वयक संजय भंडारी ने कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है. केवल 25 और 26 मार्च को घबराहट में खरीदारी के कारण मांग अचानक बढ़ गई, जिससे बिक्री सामान्य से दोगुनी हो गई। हालांकि, सप्लाई पूरी तरह सुचारू रही और तीनों तेल कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

घबराहट में खरीदारी के कारण मांग बढ़ी
संजय भंडारी ने कहा कि दो दिनों की दहशत के कारण लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदा, जिससे मांग बढ़ गई. लेकिन सप्लाई चेन में कहीं कोई रुकावट नहीं आई। उन्होंने कहा कि सिस्टम इतना मजबूत है कि जहां भी मांग बढ़ती है, वहां तुरंत टैंकर भेजकर जरूरत पूरी की जाती है.

आंकड़ों में दिखी बढ़त
26 मार्च 2026 को ईंधन आपूर्ति में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई. पेट्रोल की आपूर्ति 15 हजार किलोलीटर से बढ़कर 29 हजार किलोलीटर यानी करीब 2.9 करोड़ लीटर हो गई. वहीं, डीजल की सप्लाई 28 हजार किलोलीटर से बढ़कर 51 हजार किलोलीटर यानी 5.01 करोड़ लीटर हो गई.

लखनऊ में रिकार्ड बिक्री
26 मार्च को लखनऊ में कुल 18,64,000 लीटर ईंधन की बिक्री हुई. इसमें 10,98,000 लीटर पेट्रोल और 7,66,000 लीटर डीजल शामिल था. यह बिक्री शहर के 269 पेट्रोल पंपों से हुई, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है.

एलपीजी की मांग भी बढ़ी
एलपीजी की मांग में भी अचानक उछाल आया. 26 मार्च को 11.90 लाख सिलेंडर बुक हुए, जिनमें से 7.83 लाख की डिलीवरी हुई. सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 10 लाख बुकिंग और 7 लाख डिलीवरी का होता है.

कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित?
दो दिनों तक लखनऊ,सीतापुर,बहराइच और गोंडा में उच्च दबाव देखा गया। गोरखपुर, महराजगंज, बस्ती और अयोध्या में हालात अब सामान्य हो गए हैं. अधिकारियों का मानना ​​है कि एक-दो दिन में पूरे राज्य में स्थिति सामान्य हो जायेगी.

स्टॉक की स्थिति मजबूत
राज्य में 4.85 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं. डिस्ट्रीब्यूटर के पास डेढ़ दिन का और बॉटलिंग प्लांट के पास 4 दिन का स्टॉक है. पेट्रोल पंपों पर 4-5 दिन का स्टॉक उपलब्ध है. कुल मिलाकर 15-18 दिनों का भंडार उपलब्ध है, जबकि देश में 60 दिनों का कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है।

कंपनियां मिलकर आपूर्ति संभाल रही हैं
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम मिलकर सप्लाई बनाए रख रहे हैं। ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए हर पेट्रोल पंप पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त सप्लाई भेजी जा रही है.

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उत्तराखंड: पीएम मोदी के दौरे के उद्घाटन समारोह को लेकर देहरादून प्रशासन अलर्ट पर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की समीक्षा की

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की संभावित भागीदारी और जिले के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम सविन बंसल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये.

डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल संभावित भ्रमण मार्ग का निरीक्षण करने और सड़क से संबंधित सभी कार्य जैसे सौंदर्यीकरण, डिवाइडर मरम्मत और सड़क सुधारीकरण को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने यूपीसीएल को सख्त निर्देश भी दिये कि अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान सड़क किनारे पड़ी केबलों को तत्काल हटाया जाये, ताकि यातायात में कोई बाधा उत्पन्न न हो और मार्ग सुरक्षित एवं व्यवस्थित रहे.

डीएम ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, बैठने की सुविधा एवं मोबाइल शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. नगर निगम को कार्यक्रम स्थल और संभावित मार्ग पर विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया है.

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इसके अलावा डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को ध्यान में रखते हुए संभावित मार्ग पर चल रहे सभी निर्माण कार्यों की पूर्व स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न न हो. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा सौंपी गई जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि तैयारियों में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


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राजघाट में महायज्ञ के दौरान लगी भीषण आग, मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियां

राजघाट पर चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान अचानक भीषण आग लग गई। इस महायज्ञ का आयोजन स्वामी जीयर जी महाराज के मार्गदर्शन में किया जा रहा था. आग लगने की घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी गई. घटना के वक्त दयाशंकर सिंह भी मौके पर मौजूद थे, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गयी.

महायज्ञ में अचानक आग लगना
बताया जा रहा है कि बटी बाबा घाट के पास इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा था. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इसी बीच अज्ञात कारणों से आग लग गई, जो तेजी से फैली और पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही वहां मौजूद लोगों में डर और दहशत की स्थिति पैदा हो गई.

मंत्री और विधायक मौके पर पहुंचे
घटना के वक्त परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मौके पर मौजूद थे और उन्होंने तुरंत राहत कार्यों की निगरानी शुरू कर दी. उनके साथ अभय सिंह भी मौजूद थे. दोनों नेताओं ने स्थिति को संभालने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की.

अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रखी. दमकल कर्मियों ने आसपास का इलाका खाली करा लिया ताकि कोई जनहानि न हो.

अराजकता का माहौल
आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. श्रद्धालु इधर-उधर भागते नजर आए। हालांकि, राहत टीम के समय पर पहुंचने से स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है.

कारणों की जांच जारी है
फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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उत्तराखंड: बड़ी सौगात, पहाड़ों की शान से संवरेगा राज्य, विशेष सहायता योजना के तहत मिलेंगे 3460 करोड़ रुपये – केंद्रीय विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया जाएगा

नए वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड को प्राइड ऑफ हिल्स के लिए 4225 करोड़ रुपये की सौगात मिलेगी। इस बार केंद्र सरकार ने राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के दिशानिर्देशों में यह प्रावधान जोड़ा है।

सरकार की ओर से जारी सूचना के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में उत्तराखंड को बड़ी आर्थिक राहत और विकास के लिए मजबूत प्रोत्साहन मिला है. इस बार गाइडलाइंस में प्राइड ऑफ हिल्स नाम से एक विशेष प्रावधान जोड़ा गया है। जिसके तहत पहाड़ी राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

इस महत्वपूर्ण पहल के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड को 3460 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन प्राप्त होगा, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे और समग्र विकास को नई गति मिलेगी। राज्य को अप्रतिबंधित निधि के रूप में 765 करोड़ रुपये भी मिलेंगे, जिससे राज्य सरकार अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाओं को लागू करने में सक्षम होगी।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से उत्तराखंड विकास के नये आयाम स्थापित कर रहा है. प्रदेश तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।


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PWD मुख्यालय में रहस्यमयी आग: अहम फाइलें जलीं, टेंडर घोटाले पर उठे बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मुख्यालय में 19-20 मार्च की रात लगी आग अब बड़े सवाल खड़े कर रही है. आधिकारिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट बताया गया है, लेकिन विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस आग में सड़क परियोजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जल गये. हाल ही में करोड़ों रुपये के टेंडरों को लेकर विवाद भी सामने आए थे. ऐसे में विपक्ष इस घटना को संदिग्ध मान रहा है और भ्रष्टाचार के सबूत मिटने की आशंका जता रहा है. मामले को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है.

निर्माणाधीन इमारत में आग
यह आग निर्माण भवन स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर के अंबेडकर सेल के कमरा नंबर ए-014 में लगी. 19 मार्च की रात कम्प्यूटर उपकरणों में आग लग गई। 20 मार्च की सुबह जब कमरा खोला गया तो अंदर धुआं था, हालांकि आग बुझ चुकी थी। अधिकारियों के मुताबिक, आग एक कमरे तक ही सीमित थी।

आधिकारिक बयान और प्रश्न
विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि आग से कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज क्षतिग्रस्त नहीं हुआ और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही. उन्होंने यह भी कहा कि आग दूसरे कमरों तक नहीं फैली. लेकिन विभागीय सूत्र इस दावे से सहमत नहीं हैं.

सूत्रों का बड़ा दावा
सूत्रों के मुताबिक इस आग में सड़क निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें, प्राक्कलन दस्तावेज और कंप्यूटर उपकरण पूरी तरह जल गये. बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में सैकड़ों करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए थे, जिसमें कई विवाद सामने आए थे. ऐसे में आग लगने की घटना को संदिग्ध माना जा रहा है.

अखिलेश यादव का बयान
इस मामले पर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भले ही फाइलें जल जाएं लेकिन सड़कें छिप नहीं सकतीं. उन्होंने संकेत दिया कि 2027 में नई सरकार आने पर इस पूरे मामले की जांच की जाएगी.

टेंडर विवाद से जुड़ा मामला
सूत्रों का कहना है कि हाल ही में टेंडर को लेकर घोटाले की बात सामने आई है. एक विधायक के घर पर छापेमारी के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है. विपक्ष का आरोप है कि यह आग सबूत मिटाने की साजिश हो सकती है.

जांच जारी है, सवाल बाकी हैं
विभाग ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिये हैं. लेकिन सवाल अभी भी बना हुआ है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या जानबूझकर लगाई गई.

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