यूपी में कृषि परिवर्तन के 9 साल, अन्नदाता को मिला नया आधार

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास में कृषि हमेशा से एक अहम मुद्दा रहा है, लेकिन लंबे समय तक किसान सिर्फ वादों तक ही सीमित रहे। अब पिछले 9 सालों में खासकर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. सरकार का दावा है कि खेती सिर्फ उत्पादन तक ही सीमित नहीं रह गई है बल्कि इसे एक मजबूत आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित किया गया है। बीज से लेकर बाजार तक किसान को केंद्र में रखने का प्रयास किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है।

किसान को केंद्र में रखकर नीतियां बनाईं
2017 के बाद से कृषि नीतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब किसान को केवल फसल उगाने वाला नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधि का हिस्सा माना जाता है। बीज से बाज़ार तक योजना के माध्यम से किसानों को हर स्तर पर समर्थन देने का प्रयास किया गया है।

किसानों को आर्थिक मजबूती देने पर जोर
इन 9 वर्षों में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए गए। 86 लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया गया, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 3.12 करोड़ किसानों को 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाओं से जोखिम कम करने में मदद मिली है.

गन्ना क्षेत्र में सुधार और रिकॉर्ड भुगतान
गन्ना किसानों के लिए भी स्थिति बेहतर हुई है। पहले जहां भुगतान में देरी आम बात थी, वहीं अब 3.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान हो चुका है. इसके साथ ही राज्य इथेनॉल उत्पादन में भी आगे बढ़ा है, जिससे कृषि और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय बना है.

सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ
सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। सिंचाई क्षमता 82 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 105 लाख हेक्टेयर हो गयी है। 1300 से अधिक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और सोलर पंप लगाए जा चुके हैं। विशेषकर बुन्देलखण्ड जैसे क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।

आधुनिक तकनीक से खेती को नई दिशा
खेती को आधुनिक बनाने के लिए ड्रोन तकनीक, ई-मंडी और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। 15 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षित कर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। हालाँकि, छोटे किसानों के लिए इन सुविधाओं तक पहुँच अभी भी एक चुनौती बनी हुई है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया सहारा
पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और बागवानी के क्षेत्र में भी राज्य ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है।

आगे का रास्ता और चुनौतियाँ
इन 9 वर्षों में कृषि क्षेत्र में कई सुधार हुए हैं, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती इन सुधारों को स्थायी बनाना है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि ये योजनाएं किसानों की आय में कितनी स्थायी वृद्धि कर पाती हैं।

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मुजफ्फरनगर: छपार साइबर हेल्पडेस्क की बड़ी सफलता, साइबर ठगी के शिकार पीड़ित के खाते में वापस आये 1.75 लाख रुपये

ज़िला मुजफ्फरनगर छपार थाना क्षेत्र में साइबर क्राइम के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर हेल्पडेस्क थाना छपार की प्रभावी एवं त्वरित कार्यवाही से ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी रकम 1,75,000 रूपये सुरक्षित उसके बैंक खाते में वापस आ गयी। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली, बल्कि आम नागरिकों के बीच पुलिस की सक्रियता और विश्वास भी मजबूत हुआ. 💻🚨


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में प्रभावी साइबर अपराध नियंत्रण अभियान चलाया गया

साइबर अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मो. संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जिले भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ थाना छपार पुलिस की सघन निगरानी में साइबर हेल्पडेस्क टीम लगातार सक्रियता से कार्य कर रही है।

पुलिस की इसी सतर्कता एवं तकनीकी समन्वय के परिणामस्वरूप साइबर ठगी के मामले में पीड़ित को पूरी रकम वापस दिलाने में सफलता मिली, जो जिले में साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.


ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू हो गयी

छपार थाना क्षेत्र के गांव सिंभालकी निवासी राम कुमार शर्मा ने 14 अक्टूबर 2025 को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी कर उनके खाते से 1,75,000 रुपये निकाल लिये.

शिकायत मिलते ही साइबर हेल्पडेस्क टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत तकनीकी प्रक्रिया शुरू की और संबंधित बैंकिंग चैनलों के साथ समन्वय किया। लगातार प्रयास के बाद पूरी रकम पीड़ित के खाते में सुरक्षित वापस आ गई।

इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की तत्परता का स्पष्ट संदेश गया है.


पीड़ित परिवार ने पुलिस का आभार जताया

पैसे वापस मिलने के बाद पीड़ित राम कुमार शर्मा और उनके परिवार ने राहत की सांस ली. उन्होंने पुलिस की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार जताया।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस कार्रवाई को सराहनीय बताया और कहा कि इस तरह की सफल पहल से आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होता है. ग्रामीण इलाकों में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच यह कार्रवाई एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरी है.


साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच सतर्कता बेहद जरूरी है

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. फर्जी लिंक, आकर्षक ऑफर, लॉटरी मैसेज और केवाईसी अपडेट के नाम पर भेजे जाने वाले मैसेज के जरिए आम लोगों को निशाना बनाया जाता है.

ऐसे में लोग अक्सर जल्दबाजी या लालच में लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनकी बैंकिंग जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती है और आर्थिक नुकसान होता है।


“डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर धोखाधड़ी के नये तरीके से सावधान रहें

हाल के दिनों में साइबर अपराधियों द्वारा “डिजिटल गिरफ्तारी” के नाम पर लोगों को डराकर उनसे पैसे ठगने के मामले सामने आए हैं। अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए कार्रवाई का डर दिखाते हैं और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं.

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फोन या वीडियो कॉल के जरिए ऐसी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है. ऐसे मामलों में तुरंत सतर्क रहना और संबंधित अधिकारियों को सूचित करना जरूरी है।


बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें, तुरंत हेल्पलाइन से संपर्क करें

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य कर लें।

यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए या ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके अलावा मुजफ्फरनगर साइबर सेल के हेल्पलाइन नंबर 9454401617 या नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर हेल्पडेस्क से भी मदद प्राप्त की जा सकती है।


साइबर हेल्पडेस्क सक्रिय होने से जनता का विश्वास बढ़ा

छपार थाने के साइबर हेल्पडेस्क की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि समय पर शिकायत दर्ज करने और त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराध के कारण खोए हुए पैसे की वसूली संभव है। पुलिस प्रशासन तकनीकी संसाधनों और विशेषज्ञ टीमों की मदद से ऐसे मामलों में लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है.

जिले में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि नागरिक सुरक्षित रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।


थाना छपार पुलिस साइबर हेल्पडेस्क द्वारा सम्पूर्ण राशि 1,75,000 रूपये लौटाने की यह कार्यवाही साइबर अपराध के विरूद्ध पुलिस की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर तुरंत सतर्क हो जाएं और समय रहते शिकायत दर्ज कराकर अपने पैसे और पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

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नैनीताल: खुपी के पास तेज रफ्तार बस पलटी, ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ हादसा, एक की मौत, आठ घायल -Nainital BusAccident तेज रफ्तार बस खुपी के पास पलटी, मृत मृत घायल उत्तराखंड समाचार

हल्द्वानी से पहाड़ की ओर जा रही केमू बस खुप्पी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि बस ने भवाली जा रही टैक्सी गाड़ी को ओवरटेक (पास) करने की कोशिश की, तभी दोनों गाड़ियों की टक्कर हो गई. टक्कर के बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। ग्रामीणों के मुताबिक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल है. इसके अलावा सात अन्य यात्री भी घायल हुए हैं.

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. सभी घायलों को 112 सेवा के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.

ज्योलीकोट चौकी प्रभारी श्याम बोरा ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

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निरहुआ के मंच पर पहुंचते ही कामाख्या धाम महोत्सव गानों और बयानों से रंगा हुआ हो गया

अयोध्या जिले के रुदौली क्षेत्र में आयोजित मां कामाख्या धाम महोत्सव उस वक्त बेहद खास हो गया, जब भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ मंच पर पहुंचे. उनके आगमन से पूरा पंडाल उत्साह और उमंग से भर गया। हजारों दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका स्वागत किया. महोत्सव में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम पहले से ही चल रहे थे, लेकिन निरहुआ की मौजूदगी ने इसे और भी यादगार बना दिया.

गीतों पर दर्शक खूब थिरके
मंच पर आते ही निरहुआ ने अपना लोकप्रिय गाना ‘चले जब छाप के बाबा का बुलडोजर’ पेश किया, जिसे सुनते ही दर्शक झूमने लगे. पूरे पंडाल में उत्साह और उमंग का माहौल बन गया। इसके बाद उन्होंने ‘नई झुलनी के छइयां बलम दुपहरी…’ गाना गाकर माहौल को और भी रंगीन बना दिया. लोग काफी देर तक उनके गानों पर थिरकते नजर आए.

देवी गीतों से माहौल भक्ति में डूब गया
निरहुआ ने कई देवी गीत प्रस्तुत कर न सिर्फ मनोरंजन किया बल्कि कार्यक्रम को भक्तिमय भी कर दिया. इससे महोत्सव का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आये.

भारी भीड़ ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया
कार्यक्रम में करीब 8 हजार लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को भव्य और सफल बना दिया. भीड़ को संभालने के लिए आयोजकों ने पहले से ही अच्छे इंतजाम किए थे, जिसके चलते कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो गया.

राजनीतिक बयान भी चर्चा में रहे
मीडिया से बात करते हुए निरहुआ ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी और योगी आदित्यनाथ तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे. उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है.

गैस और ईंधन की कमी पर क्या कहें
पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कमी पर निरहुआ ने कहा कि यह वैश्विक परिस्थितियों का असर है. उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और एक दूसरे का सहयोग करने की अपील की.

आयोजकों ने भव्य स्वागत किया
कार्यक्रम में विधायक रामचन्द्र यादव और ट्रस्ट के अध्यक्ष रविकांत तिवारी ने निरहुआ का स्वागत किया. आयोजन को सफल बनाने में सभी का अहम योगदान रहा.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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मुजफ्फरनगर में रामनवमी की भव्य शोभा यात्रा ने रचा आस्था का इतिहास, श्री सनातन धर्म सभा भवन में दिव्य झांकियों और महाआरती से गूंजा शहर

मुजफ्फरनगर रामनवमी कार्यक्रम में भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला.जब झाँसी की रानी स्थित श्री सनातन धर्म सभा भवन में रामनवमी का त्यौहार अत्यंत धूमधाम, अनुशासन और धार्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण “जय श्री राम” के नारों से गूंजता रहा और भक्तों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आये भक्तों ने भाग लिया और भगवान श्री राम के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया. पारंपरिक झाँकियाँ, भव्य महाआरती, उत्सव पत्रिका का विमोचन और शहरव्यापी जुलूस ने इस धार्मिक आयोजन को एक ऐतिहासिक स्वरूप दिया।


भव्य झांकियों ने त्रेतायुग के दिव्य दृश्य को जीवंत कर दिया

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक केंद्र भगवान विष्णु के स्वरूप से शुरू हुई झांकियों की शृंखला रही, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया। इसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के बाल रूप का अत्यंत मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

झांकियों के माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन के विभिन्न प्रेरक प्रसंगों का प्रभावी मंचन किया गया। कलाकारों की भाव-भंगिमा और प्रस्तुति इतनी जीवंत थी कि दर्शक खुद को त्रेतायुग की पवित्र भूमि में मौजूद महसूस करने लगे।

इस दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर जयकारे लगाते रहे और पूरा परिसर भक्ति के माहौल से गूंजता रहा।


मुख्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को बढ़ा दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, शोभित गुप्ता एवं अरविन्द भारद्वाज की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में सांस्कृतिक जागरूकता एवं धार्मिक एकता का सशक्त माध्यम बताया।

अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।


महाआरती में उमड़ा आस्था का सागर

कार्यक्रम के दौरान आयोजित भव्य महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लिया और सामूहिक रूप से भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना की. दीपों की रोशनी, शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

महाआरती के बाद प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने पूरे अनुशासन एवं व्यवस्था के साथ प्रसाद वितरण सुनिश्चित कराया।


उत्सव पत्रिका का विमोचन विशेष आकर्षण रहा

पर्व पत्रिका का विमोचन भी किया गया, जिसे श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। इस पत्रिका में रामनवमी के महत्व, भगवान श्री राम के जीवन आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर आधारित प्रेरणादायक सामग्री शामिल थी।

भक्तों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी पत्रिकाएँ समाज में सकारात्मक सोच और धार्मिक चेतना को बढ़ावा देती हैं।


जुलूस में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी

रामनवमी के अवसर पर निकाली गई भव्य शोभा यात्रा टाउन हॉल मैदान से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए पुन: टाउन हॉल पहुंची. इस दौरान शहर में जगह-जगह भक्तों ने भगवान श्रीराम के परिवार की आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया.

इस जुलूस में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी देखी गयी. पूरे रास्ते भक्ति संगीत और मंत्रोच्चार से माहौल पूरी तरह राममय हो गया।


समिति पदाधिकारियों ने अतिथियों का भव्य स्वागत किया

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष शंकर स्वरूप, मंत्री सतीश ठेकेदार, उपाध्यक्ष शिव चरण दास, कोषाध्यक्ष अमित, कार्यालय मंत्री अंजुल, सुखदेव मित्तल एडवोकेट, नवीन ठेकेदार, अनुराग अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, जनार्दन स्वरूप, प्रवीण गुप्ता, अनिल बंसल प्रचार मंत्री, अजय गर्ग, साधुराम गर्ग एडवोकेट एवं व्यवस्था प्रमुख सुरेश पांडे एवं अन्य पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।

आयोजन की सफलता में सभी अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभायी तथा व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया।


वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाता आयोजन

रामनवमी कार्यक्रम कोई नया आयोजन नहीं है बल्कि वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है, जिसका आयोजन श्री सनातन धर्म सभा भवन द्वारा वर्षों से लगातार किया जा रहा है. समय के साथ इस आयोजन ने शहरवासियों के बीच खास जगह बना ली है।

हर साल इस कार्यक्रम का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.


युवाओं में धार्मिक आयोजनों के प्रति रुचि बढ़ रही है।

इस आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। जुलूस के संचालन, झांकी निर्माण व व्यवस्था में युवा स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभायी.

धार्मिक आयोजनों में युवाओं की इस भागीदारी को समाज के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को नई दिशा मिल रही है।


नगरवासियों ने सामूहिक रूप से रामभक्ति का संकल्प लिया।

नगरवासियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों एवं नैतिक जीवन शैली को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं.


रामनवमी उत्सव ने फिर दिखाया सामाजिक एकता का संदेश

रामनवमी का यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रमों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सद्भाव का भी प्रतीक बन गया। विभिन्न वर्गों और आयु वर्ग के लोगों ने एक साथ भाग लेकर यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति की जड़ें आज भी उतनी ही मजबूत हैं जितनी पहले थीं।

मुजफ्फरनगर रामनवमी कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब आस्था, परंपरा और सामाजिक भागीदारी एक साथ आती है तो पूरा शहर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और भगवान श्री राम के आदर्शों की प्रेरणा हर व्यक्ति तक पहुंचती है।

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दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे: उद्घाटन की तैयारियां तेज, बन रहे तीन हेलीपैड, हो सकती है पीएम मोदी की जनसभा – देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस-वे उद्घाटन की तैयारियां तेज, बन रहे तीन हेलीपैड

जल्द ही देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने वाला है. उम्मीद है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करने देहरादून आ सकते हैं। इसके लिए तैयारियां अब तेज हो गई हैं.


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एक्सप्रेस-वे के किनारे हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं। वहीं, एक्सप्रेसवे पर सफाई और पेंटिंग का काम भी शुरू हो गया है, हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय से अभी तक इसकी टाइमिंग की पुष्टि नहीं हुई है.

माना जा रहा है कि उद्घाटन के वक्त प्रधानमंत्री एक जनसभा भी कर सकते हैं. वहीं, एनएचएआई के अधिकारियों ने भी उद्घाटन की तैयारियां तेज कर दी हैं. एक्सप्रेसवे के किनारे पड़े कूड़े को साफ किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री देहरादून में एक जनसभा कर सकते हैं. इसके लिए भी जमीन की तलाश की जा रही है.

उत्तराखंड: दून-हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर बनेगा स्मार्ट और जाम मुक्त, सुधार के लिए बनाई जा रही योजना

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आगरा में मासूम की हत्या पर फूटा गुस्सा… ढोल के साथ मिला शव, सड़क पर पथराव और हंगामा

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के आगरा में 7 साल की मासूम प्रज्ञा के अपहरण और हत्या की घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. घर के बाहर खेल रही बच्ची अचानक लापता हो गई, जिसका शव करीब 24 घंटे बाद बरामद हुआ. इस दुखद घटना के बाद इलाके में गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आये. गुस्साई भीड़ ने फतेहाबाद रोड पर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की. पुलिस पर लापरवाही का आरोप लग रहा है, वहीं प्रशासन स्थिति को संभालने में जुटा हुआ है.

मासूम बच्चा खेलते समय लापता हो गया
ताजगंज क्षेत्र के गोबर चौकी निवासी दिनेश कुमार की 7 वर्षीय बेटी प्रज्ञा 24 मार्च की शाम करीब 4 बजे घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बच्ची की तलाश शुरू की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती दौर में मामले को गंभीरता से नहीं लिया.

किरायेदार के कमरे में मिला शव
अगले दिन बुधवार को जब बच्ची की तलाश जारी रही तो उसका शव उसी मकान की पहली मंजिल पर रहने वाले एक किरायेदार के कमरे से बरामद हुआ. शव को बोरे में डालकर आटे के ड्रम में छिपा दिया गया था। यह नजारा देखकर परिजन और स्थानीय लोग दंग रह गए। घटना की खबर फैलते ही इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया.

भीड़ सड़क पर उतर आई, हंगामा किया
मासूम बच्चे की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आये. गुस्साए लोगों ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति जल्द ही तनावपूर्ण हो गई और भीड़ ने पथराव किया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की. हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. मौके पर कई थाने की फोर्स और वरीय अधिकारी तैनात किये गये.

पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती और इलाके की घेराबंदी कर देती तो बच्ची की जान बच सकती थी. अपहरण जैसी गंभीर सूचना के बावजूद पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं.

पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों पर नजर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है. डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पड़ोसी युवक को संदेह के घेरे में रखा गया है और उससे पूछताछ की जा सकती है। पुलिस अपहरण, रंजिश व अन्य कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है.

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मिशन शक्ति मुजफ्फरनगर: नवरात्रि सप्ताह के दौरान आईटीआई परिसर में बड़ा जागरूकता अभियान, पुलिस ने बेटियों को सिखाया सुरक्षा के मजबूत हथियार

मिशन शक्ति अभियान के तहत, मुजफ्फरनगर पुलिस ने महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का एक मजबूत संदेश देने के लिए नवरात्रि सप्ताह के अवसर पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति चरण-5 (द्वितीय चरण) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें हर परिस्थिति में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती के निर्देशन में किया गया। इंदु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में मिशन शक्ति टीम ने स्टॉल लगाकर उपस्थित छात्राओं, महिलाओं और नागरिकों को महिला सुरक्षा कानून, हेल्पलाइन सेवाओं और डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराया। पूरे परिसर में जागरूकता का माहौल नजर आया जिसमें सुरक्षा सिर्फ एक विषय नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी थी।


अभियान के तहत आईटीआई परिसर में जागरूकता स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना

आईटीआई मुजफ्फरनगर परिसर में लगाए गए मिशन शक्ति जागरूकता स्टॉल पर बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं पहुंचीं। यहां पुलिस टीम ने महिलाओं को विस्तार से बताया कि वर्तमान समय में सुरक्षा केवल भौतिक स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यमों पर भी सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।

स्टॉल पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने हेल्पलाइन नंबर 1090, 112 और 181 का उपयोग करने की प्रक्रिया समझाई और स्पष्ट किया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में महिलाएं तुरंत इन सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं। कई छात्राओं ने इन नंबरों को मौके पर ही अपने मोबाइल फोन में सेव कर लिया और व्यक्तिगत स्तर पर पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा की।

यह पहल केवल जानकारी प्रदान करने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संवाद और भागीदारी का माहौल भी देखने को मिला, जिसके कारण यह कार्यक्रम अधिक प्रभावी और उपयोगी साबित हुआ।


महिलाओं को बताए गए सुरक्षा कानूनों के मजबूत प्रावधान

मिशन शक्ति मुजफ्फरनगर कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं को उनके अधिकारों से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। इसमें घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, साइबर अपराध से संबंधित प्रावधान और महिला उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया।

महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि तुरंत शिकायत दर्ज कराना सुरक्षा की दिशा में पहला कदम है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने में कोई झिझक या डरने की जरूरत नहीं है।

इस मौके पर छात्राओं ने कई सवाल भी पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक जवाब दिया और उनके मन में मौजूद शंकाओं को दूर किया.


अभियान में साइबर अपराध से बचाव पर विशेष जोर

साइबर सुरक्षा जागरूकता मिशन शक्ति मुजफ्फरनगर कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए साइबर क्राइम की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।

पुलिस टीम ने छात्राओं को बताया कि उन्हें अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने और फर्जी प्रोफाइल पर बातचीत करने से बचना चाहिए। यह भी बताया गया कि साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करने के लिए एक विशेष पुलिस प्रणाली है और पीड़ितों को तत्काल सहायता मिल सकती है।

इस दौरान सोशल मीडिया के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग, डिजिटल पहचान की सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


के माध्यम से हेल्पलाइन सेवाओं की उपयोगिता के बारे में बताया गया

कार्यक्रम के दौरान वूमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 181 के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ये हेल्पलाइन सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रहती हैं।

विद्यार्थियों से कहा गया कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो वे तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सेवाओं का उपयोग पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है, जिससे शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रहती है।

इस जानकारी से उपस्थित महिलाओं व युवतियों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की.


कार्यक्रम में बाल विवाह और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूक किया गया

मिशन शक्ति अभियान के तहत बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील विषयों पर भी खुलकर चर्चा की गई। पुलिस टीम ने कहा कि आज भी समाज में कई जगहों पर बाल विवाह की घटनाएं होती हैं, जो कानूनन अपराध है और लड़कियों के भविष्य पर इसका गंभीर असर पड़ता है.

महिलाओं को घरेलू हिंसा के मामलों में कानूनी सहायता लेने के अधिकार के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक यातना सहना जरूरी नहीं है और कानून उनके साथ खड़ा है।


मिशन शक्ति से बढ़ा छात्राओं का आत्मविश्वास मुजफ्फरनगर

कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राओं ने पुलिस टीम से सीधा संवाद किया और सुरक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस संवादात्मक वातावरण ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बना दिया तथा छात्राओं के आत्मविश्वास का स्तर स्पष्ट रूप से बढ़ रहा था।

विद्यार्थियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल उन्हें जागरूक करते हैं बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता भी देते हैं।


अभियान में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। केवल परिवार, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन ही मिलकर एक सुरक्षित वातावरण बना सकते हैं।

इस संदेश ने उपस्थित लोगों पर गहरा प्रभाव डाला और कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल जानकारी प्रदान करना था बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाना भी था।


अभियानों से महिला सशक्तिकरण का आधार मजबूत हो रहा है

प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के माध्यम से लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस विभाग ने भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रम जारी रखने की योजना बनाई है ताकि महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके और वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें।


मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत चलाये जा रहे ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बताते हैं कि बदलते दौर में महिला सुरक्षा सिर्फ एक प्रशासनिक प्रयास नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। आईटीआई परिसर में आयोजित इस पहल ने छात्राओं और महिलाओं को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और भविष्य में भी इसी तरह के सशक्त अभियान जारी रहेंगे।

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उत्तराखंड राजनीति: पूर्व विधायक ठुकराल का कांग्रेस में शामिल होने का इरादा, मीना की आपत्ति, अटकलें जारी – उत्तराखंड राजनीति: पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का कांग्रेस में शामिल होने का इरादा, मीना की आपत्ति, अटकलें जारी

संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रपुर(ऊधमसिंह नगर)

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन गुरु, 26 मार्च 2026 10:00 अपराह्न IST

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का कहना है कि मैंने भाजपा को मजबूत करने के लिए उसे सींचा। नतीजा यह हुआ कि मेरा टिकट रद्द कर दिया गया.


उत्तराखंड राजनीति: पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का कांग्रेस में शामिल होने का इरादा, मीना की आपत्ति की अटकलें जारी

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और मीना शर्मा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

राजनीति में दलबदल को लेकर अटकलें एक बार फिर गर्म हो गई हैं. पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहें तेज हैं। हालांकि, पार्टी की स्थानीय महिला नेता और पहले विधायक का चुनाव लड़ चुकीं मीना शर्मा ने इन अटकलों पर कड़ी आपत्ति जताई है. इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का माहौल गर्म है. आने वाले दिनों में रुद्रपुर की राजनीति का सियासी पारा चढ़ने के आसार हैं।


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आमने – सामने

मेरी दिली इच्छा कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ने की है: ठुकराल


पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का कहना है कि मैंने भाजपा को मजबूत करने के लिए उसे सींचा। नतीजा यह हुआ कि मेरा टिकट रद्द कर दिया गया. मैंने बीजेपी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा. अब मेरी दिली इच्छा कांग्रेस में शामिल होकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने की है।’ कांग्रेस पार्टी में शामिल होते ही मैं पार्टी के प्रति समर्पित रहूंगा और हर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने का प्रयास करूंगा। जो लोग मेरा विरोध कर रहे हैं उनके खिलाफ मैं कुछ नहीं कहूंगा. आगे कई चुनाव हैं और जो समझदार हैं उन्हें यह बात अभी समझ लेनी चाहिए.

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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की मौजूदगी में कृषि मेले का भव्य समापन, किसानों को दी गई योजनाओं की जानकारी

अयोध्या जिले के रुदौली क्षेत्र में मां कामाख्या धाम महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित दो दिवसीय कृषि मेले का भव्य समापन हुआ। इस खास मौके पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही पहुंचे और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई. उनके आगमन से किसानों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल था. मेले के माध्यम से किसानों को कृषि से जुड़ी नई तकनीक, सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी गई. यह आयोजन किसानों के लिए सीखने और सरकार से जुड़ने का एक बड़ा मंच बन गया।

कृषि मंत्री का भव्य स्वागत एवं कार्यक्रम का शुभारम्भ
कृषि मंत्री के आगमन पर क्षेत्रीय विधायक रामचन्द्र यादव एवं महोत्सव ट्रस्ट के अध्यक्ष रविकांत तिवारी मोनू ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां कामाख्या की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई. इसके बाद मंत्री ने मंच से किसानों को संबोधित किया.

किसानों को दी गई योजनाओं की जानकारी
अपने संबोधन में मंत्री ने किसानों को सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसान आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और सरकारी सब्सिडी का उचित उपयोग करके अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है.

पूर्व रजिस्ट्री पर दिया गया जोर
कृषि मंत्री ने विशेष रूप से किसान रजिस्ट्री कराने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी किसानों को अपना पंजीकरण कराना चाहिए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है.

किसानों को आधुनिक उपकरणों की सुविधा मिली
इस अवसर पर मंत्री ने कस्टम हायरिंग सेंटर से जुड़े लाभार्थी किसानों को चाबियां भी सौंपी। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण आसानी से मिल सकेंगे और उनकी लागत कम हो जायेगी. यह कदम खेती को आसान बनाने में मददगार साबित होगा.

मेले में तकनीक और समाधान की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को योजनाओं और नई तकनीकों की जानकारी भी दी. मेले में लगे स्टालों के माध्यम से किसानों को आधुनिक संसाधनों की जानकारी मिली और उनकी समस्याओं का समाधान किया गया।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अयोध्या, चेयरमैन शीतला प्रसाद शुक्ला, भाजपा जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश यादव समेत कई अधिकारी और क्षेत्र के किसान मौजूद रहे.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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