कोरारी-रामगढ़ मार्ग पर सड़क की खराब हालत से लोग परेशान, दुर्घटना का खतरा बढ़ा

अमेठी जिले के कोरारी से रामगढ़ तक की सड़क इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पूरी तरह उखड़ गई है और जगह-जगह बड़े-बड़े पत्थर निकल आए हैं। इससे आए दिन राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि अब यहां पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है. कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।

सड़क की हालत बेहद खराब है
कोरारी-रामगढ़ मार्ग पर सड़क जगह-जगह टूट गयी है. वाहन चलाना तो दूर, गड्ढों और उबड़-खाबड़ सतह के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क के बीचो-बीच बड़े-बड़े पत्थर उभर आये हैं, जिससे लोगों को हमेशा गिरकर घायल होने का डर बना रहता है.

स्थानीय लोगों की समस्याएं
स्थानीय निवासी सुशील मिश्रा ने बताया कि वह हर दिन इस रास्ते से गुजरते हैं और हर दिन जोखिम उठाना पड़ता है. उनका कहना है कि खराब सड़कों के कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

एक्सीडेंट की घटनाएं भी सामने आईं
एक अन्य ग्रामीण सुधाकर तिवारी ने बताया कि हाल ही में वह अपनी बुजुर्ग दादी को दवा दिलाने ले जा रहे थे, तभी उनकी कार फिसल गयी और वे दोनों गिरकर घायल हो गये. इस घटना ने सड़क की खराब हालत को और उजागर कर दिया है.

रोजमर्रा के काम में भी दिक्कत
शैलेन्द्र मिश्रा ने बताया कि वह रोज अपने काम के सिलसिले में इसी रास्ते से होकर अमेठी जाते हैं, लेकिन सड़क पर पत्थरों के कारण उनकी साइकिल बार-बार पंक्चर हो जाती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत या निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है.

(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)

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मुज़फ्फरनगर रूड़की रोड अस्पताल में नवजात की मौत पर फूटा गुस्सा, परिजनों का हंगामा-डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप।

ज़िला मुजफ्फरनगर रूड़की रोड स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल रहा और मौके पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी. परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया. 🏥⚠️

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं.


इलाज के दौरान नवजात की मौत से परिजनों के सब्र का बांध टूट गया।

बताया जा रहा है कि नवजात शिशु को इलाज के लिए रूड़की रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई. परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकीय देखभाल में जरूरी सावधानियां नहीं बरती गईं, जिससे नवजात की जान नहीं बचाई जा सकी.

परिवार के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि समय पर उचित उपचार और निगरानी की जाती तो स्थिति को संभाला जा सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य और परिचित भी अस्पताल पहुंच गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया.


डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप से विवाद बढ़ गया

नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती गयी और समय पर स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गयी. इस कारण गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की.

परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज के दौरान अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण यह दुखद स्थिति उत्पन्न हुई. इस आरोप के बाद मौके पर मौजूद अन्य लोगों में भी गुस्सा देखा गया.


अस्पताल परिसर में हंगामा से तनावपूर्ण माहौल बन गया.

घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा. परिजन न्याय की मांग कर रहे थे और अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे. इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल पैदा हो गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक विरोध बढ़ने से कुछ देर के लिए अस्पताल का सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ. घटना की जानकारी लेने के लिए अस्पताल परिसर में काफी लोग जमा हो गये.


सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.

घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिविल लाइन प्रभारी मो आशुतोष तुरंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत करने की कोशिश की. पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और पूरे मामले की जानकारी ली.

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की. इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई और माहौल सामान्य होने लगा.


घटना के दौरान अस्पताल स्टाफ के मौके से चले जाने की चर्चा

घटना के दौरान यह भी खबर आई कि अस्पताल के कुछ डॉक्टर और कर्मचारी मौके से चले गए थे. इससे परिजनों की नाराजगी और बढ़ गई। लोगों का कहना था कि ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रबंधन को मौके पर उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी.

हालांकि, इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चाओं का दौर जारी है.


संबंधित अस्पताल पहले ही कार्रवाई की जद में आ चुका है।

सूत्रों के मुताबिक, जिस अस्पताल में यह घटना हुई, उस पर पहले ही प्रशासनिक कार्रवाई की गाज गिर चुकी है. बताया जा रहा है कि इससे पहले अस्पताल को सील करने की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी भी सामने आई थी.

इस पृष्ठभूमि के चलते मौजूदा घटना ने प्रशासनिक सतर्कता और बढ़ा दी है. स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गयी है.


निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. आम नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि नवजात और गंभीर मरीजों के इलाज में अतिरिक्त सतर्कता और प्रशिक्षित चिकित्सा व्यवस्था अनिवार्य है. ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है।


प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गयी

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है. लोगों का कहना है कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

प्रशासनिक स्तर पर भी पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है.


स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कायम रखने की चुनौती

ऐसी घटनाएं समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भरोसे को प्रभावित करती हैं. इसलिए जरूरी है कि हर मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारी तय हो. इससे न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा.

स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि मामले में जल्द ही स्पष्ट स्थिति सामने आएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे.


रूड़की रोड स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद उपजे हालात ने स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की मांग है कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और मरीजों को सुरक्षित और विश्वसनीय उपचार व्यवस्था प्रदान की जा सके.

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-ऋषिकेश: होटल में चल रही थी अवैध कैसीनो और शराब पार्टी, पुलिस ने मारा छापा, दस महिलाओं समेत 40 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने ऋषिकेश आईडीपीएल क्षेत्र स्थित एक होटल में अवैध कैसीनो और शराब पार्टी का भंडाफोड़ करते हुए एक पार्षद और दस महिलाओं सहित 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी महिलाएं बाहर से बुलायी गयी थीं. होटल मालिक फरार है. होटल को सीज कर दिया गया है. एसएसपी देहरादून ने चौकी प्रभारी समेत चौकी के सभी 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आईडीपीएल क्षेत्र स्थित होटल नवरंग में कैसीनो संचालित किया जा रहा है. यहां बड़ी संख्या में लोग बाहर से जुआ खेलने आये हैं. दिल्ली से बार डांसर बुलाने की सूचना थी. जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार देर रात होटल नवरंग में छापेमारी की.

यहां जुए के लिए टेबलें लगी हुई थीं. शराब पार्टी भी चल रही थी. कोतवाल केसी भट्ट ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 युवतियों समेत 40 लोगों को हिरासत में लिया है। ये लड़कियां दिल्ली से बुलाई गई थीं. होटल में बार डांसर के तौर पर परफॉर्म करने के साथ-साथ उससे मेहमानों को खाना और शराब भी परोसी जा रही थी. पुलिस ने भारी मात्रा में महंगी शराब, जुए से जुड़ी सामग्री और करीब 1,37,600 रुपये नकद बरामद किये. होटल मालिक फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है.

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हैंडपंप में ताला बंद होने से जल संकट, महिलाओं ने डीएम कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन

फ़तेहपुर जिले के भिटौरा ब्लॉक के मदरियापुर गांव में पानी की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है. शनिवार को दर्जनों महिलाएं सिर पर खाली बाल्टी लेकर जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचीं और जोरदार प्रदर्शन किया. महिलाओं का आरोप है कि गांव के सरकारी ट्यूबवेल पर एक दबंग व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है और पानी को निजी उपयोग में ले रहा है. इससे गांव के कई परिवारों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सरकारी ट्यूबवेल पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगे सरकारी ट्यूबवेल पर एक व्यक्ति ने मोटर लगाकर पानी का उपयोग अपने निजी उपयोग में करना शुरू कर दिया है. इससे आम लोगों तक ट्यूबवेल का पानी नहीं पहुंच पा रहा है. बताया गया कि इससे 20 से अधिक परिवारों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है.

महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है
गांव की महिलाओं ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें हर दिन दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है. इससे उनका काफी समय और प्रयास खर्च हो रहा है। इसके अलावा बच्चों, बुजुर्गों और जानवरों को भी पानी की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

किसानों की चिंता बढ़ गई
ग्रामीण किसानों ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि पानी की कमी का असर उनकी फसलों पर पड़ रहा है. यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो फसलों को नुकसान हो सकता है।

डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
महिलाएं सिर पर खाली बाल्टी लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचीं. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ट्यूबवेल पर लगी मोटर को तुरंत हटवाया जाए और सभी को पानी उपलब्ध करवाया जाए। उनका कहना है कि सरकारी संसाधनों पर किसी एक व्यक्ति का कब्जा नहीं होना चाहिए.

प्रशासन ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच का आश्वासन दिया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.

ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

(रिपोर्ट:देवेंद्र सिंह,फतेहपुर)

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मुज़फ्फरनगर न्यूज़: कानून व्यवस्था और गौ तस्करी पर शिवसेना का प्रधानमंत्री के नाम बड़ा ज्ञापन, सुरक्षा और हत्या के मामलों पर जताई गंभीर चिंता

ज़िला मुजफ्फरनगर शनिवार को शिव सेना (पश्चिमी उत्तर प्रदेश इकाई) ने कानून-व्यवस्था और गौ तस्करी के मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर सवाल उठाए. संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हाल के वर्षों में सामने आ रही घटनाओं से समाज के एक वर्ग में असुरक्षा की भावना बढ़ी है, जिस पर समय रहते ठोस कार्रवाई जरूरी है.

ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इन मुद्दों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सामाजिक स्तर पर स्थिति और संवेदनशील हो सकती है. ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर उठाने की मांग की गई.


हिंदू नेताओं की हत्या की घटनाओं पर जताई चिंता

ज्ञापन में शिवसेना पदाधिकारियों ने देश भर में अलग-अलग समय पर सामने आए हिंदू नेताओं की हत्या के मामलों का हवाला देते हुए चिंता व्यक्त की. संगठन ने कहा कि ऐसी घटनाओं से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है.

ज्ञापन में कमलेश तिवारी, चंदन गुप्ता, कन्हैया लाल, तरूण खटीक और चन्द्रशेखर उर्फ ​​फरसे वाले बाबा जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

संगठन ने यह भी कहा कि इन घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को कभी-कभी प्रशासनिक सख्ती का सामना करना पड़ता है, जिससे जनभावनाएं प्रभावित होती हैं.


गौ तस्करी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया

ज्ञापन में गौ तस्करी का मुद्दा विशेष रूप से उठाया गया, जिसमें कहा गया कि विभिन्न राज्यों से बड़े पैमाने पर गौ तस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं. संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समस्या उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

उन्होंने मांग की कि ऐसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जानी चाहिए और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए।


शांतिपूर्ण ढंग से उठाई मांगें, आगे आंदोलन की चेतावनी

शिवसेना पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन तक अपनी मांगों को पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया है.

संगठन के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में बड़े पैमाने पर आंदोलन की रणनीति भी अपनाई जा सकती है.


प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद है

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने, संवेदनशील मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और गौ तस्करी पर सख्ती से नियंत्रण लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान से समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होगी.

संगठन ने यह अपेक्षा भी व्यक्त की है कि प्रशासन जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इन विषयों पर सकारात्मक पहल करेगा।


ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें निकुंज चौहान, लोकेश कश्यप, विवान चौधरी, दीपक उपाध्याय, विनय चौहान, गौरव शर्मा, सुधीर कुमार, जतिन वशिष्ठ, योगिंदर बिहारी, रवि कुमार, दिनेश कुमार, शुभम बाल्मीकि, संजय गुप्ता, मनोज कुमार, हिमांशु मोनू, दिनेश, रूपराम, सुभाष जोगी और शैलेन्द्र विश्वकर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

इन सभी पदाधिकारियों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की प्रक्रिया में शामिल होकर संगठन की मांगों का समर्थन किया.


सामाजिक संतुलन एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने पर जोर दिया

ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा गया कि समाज में शांति व सौहार्द बनाये रखने के लिए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाये रखना बेहद जरूरी है. संगठन का मानना ​​है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई से जनता का विश्वास मजबूत होता है।

प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा.


कानून व्यवस्था और पशुधन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सौंपे गए इस ज्ञापन ने जिले में सुरक्षा और सामाजिक संतुलन से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इन मांगों पर संबंधित स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि समाज में विश्वास और स्थिरता का माहौल मजबूत हो सके.

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देहरादून: गैस संकट की मार झेल रही जरूरतमंद बुजुर्गों की रसोई, संचालिका रमनप्रीत कौर के सामने बड़ी चुनौती

शहर में जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए संचालित बुजुर्गों की रसोई इन दिनों गैस संकट से जूझ रही है। गैस सिलेंडर की कमी के कारण इस सामाजिक पहल का दायरा अब सीमित हो गया है, जिससे कई बुजुर्गों की दैनिक भोजन व्यवस्था प्रभावित हो गई है.

किचन संचालिका रमनप्रीत कौर ने बताया कि वह उन बुजुर्गों के लिए खाना बनाती हैं जो अकेले रहते हैं, खुद खाना बनाने में सक्षम नहीं हैं या आर्थिक रूप से कमजोर हैं. इन दिनों गैस सिलेंडर न मिलने से रसोई चलाने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि पहले हर दिन करीब 30 बुजुर्गों के लिए खाना बनता था लेकिन गैस की कमी के कारण अब यह संख्या घटकर सिर्फ 10 रह गयी है. हालांकि स्थानीय लोगों के सहयोग से रसोई को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है, लेकिन सेवाओं को सीमित करना पड़ा है.

रमनप्रीत कौर ने बताया कि फिलहाल उन्हें इंडक्शन पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे बड़ी मात्रा में खाना बनाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उन्होंने उन बुजुर्गों को प्राथमिकता दी है जो पूरी तरह से इसी रसोई पर निर्भर हैं, जबकि जो लोग खुद खाना बना सकते हैं या दूसरे विकल्प अपना सकते हैं उनकी सेवा फिलहाल बंद कर दी गई है.

उन्होंने बताया कि इस पहल की शुरुआत उन्होंने कोविड काल के दौरान की, जब उन्होंने अकेले और असहाय बुजुर्गों की स्थिति को करीब से देखा. तब से वह लगातार उनके लिए खाना बनाकर पहुंचा रही हैं।



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सिर्फ 20 रुपये में खाना

रमनप्रीत कौर बुजुर्गों को सिर्फ 20 रुपये में पौष्टिक और सात्विक भोजन उपलब्ध कराती हैं, जबकि जो लोग पैसे देने में असमर्थ हैं उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। हालांकि, गैस की कमी और बढ़ती लागत के कारण अब इस सेवा को जारी रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।


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भव्य समारोह के साथ ‘श्री राम पर्व’ का समापन, अयोध्या में भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम

अयोध्या में अभिनंदन समारोह के साथ नौ दिवसीय ‘श्री राम पर्व’ का भव्य समापन हुआ. यह आयोजन मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और नगर के विकास के संकल्प के साथ आयोजित किया गया था। वर्ष प्रतिपदा से शुरू हुए इस महोत्सव ने भक्ति, संस्कृति और योग को एक मंच पर लाकर लोगों को जोड़ने का काम किया। कार्यक्रम ने आधुनिक जीवनशैली और प्राचीन भारतीय परंपरा के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित किया।

16 स्थानों पर आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए
कार्यक्रम गिरीश पति त्रिपाठी के संरक्षण एवं इंजीनियर रवि तिवारी के संयोजन में आयोजित किया गया। अयोध्या क्षेत्र में 16 अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पं. के छात्र. ज्वाला प्रसाद संगीत शोध संस्थान ने अवध शैली में ‘राग मिश्र पीलू’ और सुंदरकांड का पाठ किया। ये प्रस्तुतियाँ संस्थान के निदेशक डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र के मार्गदर्शन में दी गईं। साथ ही सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और भारत माता आरती के माध्यम से भक्ति और देशभक्ति का संगम देखने को मिला.

योग शिविर बना मुख्य आकर्षण
इस महोत्सव का विशेष आकर्षण दर्शन नगर स्थित सूर्य कुंड में आयोजित सात दिवसीय योग शिविर रहा. यह शिविर श्रीनिवास मूर्ति के निर्देशन में आयोजित किया गया। इसमें लोगों को योग आसन, प्राणायाम और शुद्धि प्रक्रियाएं सिखाई गईं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिला। शिविर में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बी. का। मुकेश ने भी हिस्सा लिया और योग को आध्यात्मिक शक्ति का आधार बताया.

संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान ‘राम राज्य की अवधारणा’ और ‘नागरिक कर्तव्य’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राम राज्य तभी संभव है जब नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे। समापन अवसर पर सांस्कृतिक संध्या में अयोध्या की कला और परंपरा को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया।

सम्मान समारोह एवं योगदान
समापन समारोह में उन सभी लोगों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया. इसमें श्रीनिवास शास्त्री, चन्द्रशेखर तिवारी, विवेक पांडे ‘रुद्राक्ष’, ब्रजमोहन तिवारी और डॉ. उपेन्द्र मणि त्रिपाठी समेत कई लोगों ने अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा वशिष्ठ फाउंडेशन, श्री अयोध्या फाउंडेशन और एस्सेल गुरुकुल ट्रस्ट जैसे संगठनों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आयोजकों ने आभार व्यक्त किया
आयोजक रवि तिवारी ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह महोत्सव अयोध्या की पहचान वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का एक प्रयास है। कार्यक्रम में अनेक प्रबुद्ध नागरिक, योग साधक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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मुजफ्फरनगर: आलोक स्वरूप बने शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अभिनव स्वरूप जिलाध्यक्ष- मंदिर आधारित सामाजिक-आर्थिक मॉडल का बड़ा ऐलान.

ज़िला मुजफ्फरनगर मुंबई में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान ने संगठनात्मक विस्तार और मंदिर आधारित सामाजिक-आर्थिक मॉडल के लिए व्यापक योजनाओं की घोषणा की। इस अवसर पर शहर के प्रमुख उद्योगपति स्व प्रकाश रूप संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उद्योगपति अभिनव रूप जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया. साथ ही श्रवण अग्रवाल जिला महासचिव की जिम्मेदारी दी गई।

भोपा रोड स्थित आलोक स्वरूप के आवास पर आयोजित इस प्रेसवार्ता में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव इं. संजय शर्मा आगामी योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और मंदिरों को सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनाने की दिशा में संगठन की रणनीति साझा की। 🏛️


मन्दिरों को सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनाया जायेगा

प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि संगठन का उद्देश्य मंदिरों को सिर्फ धार्मिक स्थलों तक सीमित रखना नहीं है बल्कि उन्हें सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र बनाना है. इस दिशा में एक व्यापक राष्ट्रीय पहल के रूप में “मंदिर आधारित मॉडल” विकसित किया जा रहा है।

संगठन का मानना ​​है कि भारतीय समाज की ऐतिहासिक संरचना में मंदिर न केवल पूजा स्थल रहे हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और आर्थिक सहयोग के केंद्र के रूप में भी कार्य करते रहे हैं। इस परंपरा को आधुनिक रूप देने की योजना तैयार की गयी है.


मंदिर परिसर में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा

राष्ट्रीय महासचिव संजय शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में मंदिर परिसर में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए “एटरनल बाज़ार” नाम से एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्थानीय व्यापारियों और लघु उद्योगों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना को मजबूत करना और स्वदेशी अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना बताया गया।


मंदिरों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की भी योजना

संगठन ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में मंदिर परिसर के आसपास आधुनिक सुविधाओं वाला एक अस्पताल विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य इन अस्पतालों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं से जोड़ना है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

इस पहल को धार्मिक आस्था और समाज सेवा के समन्वय का नया मॉडल पेश करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.


‘सनातन आंगन’ से होगा सामाजिक समरसता का विस्तार!

संगठन की प्रमुख योजनाओं में “अनन्त आंगन” विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इसके माध्यम से मंदिरों को सामाजिक संवाद, सामुदायिक सहयोग और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य समाज में आपसी सहयोग, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करना है।


‘एटरनल कार्ड’ और ‘आशीर्वाद कार्ड’ सामाजिक सहयोग के नए आयाम जोड़ेंगे

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान “एटरनल कार्ड” को एक विशेष डेबिट कार्ड के रूप में पेश किया गया, जिसके माध्यम से किए गए प्रत्येक लेनदेन का एक हिस्सा मंदिर संरक्षण और सामाजिक सेवा कार्यों में लगाया जाएगा।

इसके साथ ही, “आशीर्वाद कार्ड” को वफादारी और इनाम आधारित प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जो उपयोगकर्ताओं को विभिन्न संस्थानों में विशेष सुविधाएं और लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।


नई नियुक्तियों से जिले में संगठन को मजबूत आधार मिलेगा।

संगठन के विस्तार के लिए अभिनव स्वरूप को जिला अध्यक्ष बनाना स्थानीय स्तर पर अहम फैसला माना जा रहा है. पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन की गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

जिला महासचिव के रूप में श्रवण अग्रवाल की नियुक्ति से संगठनात्मक ढांचा मजबूत होने की उम्मीद है.


आलोक स्वरूप की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का प्रभाव बढ़ेगा.

आलोक स्वरूप को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाना संगठन के लिए रणनीतिक तौर पर अहम कदम माना जा रहा है. उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए संगठन ने उनसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कार्यों को गति देने की उम्मीद जताई है।

प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि उनके अनुभव और नेतृत्व से संगठन की योजनाओं को बड़े पैमाने पर क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी.


आर्थिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय पर जोर

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आर्थिक रूप से मजबूत समाज का निर्माण करना है। फिनटेक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक तकनीक के माध्यम से मंदिर आधारित आर्थिक प्रणाली विकसित करने की योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस मॉडल को समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर एक सहकारी प्रणाली विकसित करने का प्रयास माना जा रहा है.


संगठन का मुख्य लक्ष्य समरस समाज का निर्माण बताया गया।

संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि इटरनल हिंदू फाउंडेशन का उद्देश्य जाति, क्षेत्र, भाषा और अन्य विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त कर समाज में सद्भाव स्थापित करना है। संगठन सनातन विचारधारा से जुड़े ऐसे सभी लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहा है जो सामाजिक उत्थान के लिए सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।


शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान द्वारा मुजफ्फरनगर में मंदिर आधारित सामाजिक-आर्थिक मॉडल की घोषणा और आलोक स्वरूप को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिनव स्वरूप को जिला अध्यक्ष नियुक्त करने से संगठन के विस्तार को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है, वहीं स्वदेशी बाजार, शाश्वत प्रांगण और समाज सेवा आधारित योजनाओं के माध्यम से समाज में सद्भाव और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।



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रूड़की समाचार: हाइवे पर पिकअप पलटी, पशु बाजार में पशु बेचने जा रहे तीन लोग घायल – हाइवे पर पिकअप पलटी, पशु बाजार में पशु बेचने जा रहे तीन लोग घायल रूड़की समाचार

संजय चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

द्वारा प्रकाशित: रेनू सकलानी

अद्यतन शनिवार, 28 मार्च 2026 02:04 अपराह्न IST

हाईवे पर पिकअप पलटी, मवेशी बाजार में जानवर बेचने जा रहे तीन लोग घायल रूड़की न्यूज

पिकअप रिफ्लेक्स
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



नारसन बॉर्डर से पहले एक पिकअप हाईवे के बीचोबीच पलट गई। गाड़ी बढेढ़ी राजपूताना से मुजफ्फरनगर पशु बाजार की ओर जा रही थी, जिसमें कुछ पशुओं को बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।


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हादसे में चालक सहरूम और पशु मालिक कोशिन और रकीब को मामूली चोटें आईं।

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बताया जा रहा है कि नारसन चौराहे के पास बोलेरो पिकअप का बायीं ओर का पिछला टायर फटने से यह हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, घायलों को मामूली चोटें आईं और एक बड़ा हादसा टल गया।

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पीएम मोदी आज करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, देश को मिलेगा नया मेगा एविएशन हब

ग्रेटर नोएडा के साथ आज एक ऐतिहासिक पल जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन करेंगे. यह हवाई अड्डा देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में से एक है और इसे ₹11,200 करोड़ की लागत से बनाया गया है। सुबह 11:30 बजे जेवर में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल होंगे. यह एयरपोर्ट भविष्य में भारत के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित होने वाला है।

देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की गिनती देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में हो रही है. अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित इस हवाई अड्डे को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी सुविधा
इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी है। यहां सड़क, रेल और मेट्रो को एक साथ जोड़ दिया गया है. इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में आसानी होगी और यात्रा और भी आसान हो जाएगी.

पहले चरण में बड़ी क्षमता
हवाई अड्डे के पहले चरण में सालाना 1.20 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। इसके साथ ही यह एक बड़े कार्गो हब के रूप में भी काम करेगा, जहां 2.5 लाख मीट्रिक टन माल परिवहन की सुविधा होगी. भविष्य में इसे 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है.

भविष्य में मेगा हब बनाया जाएगा
इस परियोजना को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। चौथे चरण तक यह हवाई अड्डा हर साल 7 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता वाला मेगा एविएशन हब बन जाएगा। इससे देश के हवाई यातायात को काफी मजबूती मिलेगी।

पारंपरिक विषय और आधुनिक डिजाइन
हवाई अड्डे का बहु-स्तरीय टर्मिनल गंगा घाट थीम पर आधारित है, जो पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन का एक सुंदर मिश्रण दिखाता है। इसे यात्रियों को खास अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है।

(रिपोर्ट: संदीप शुक्ला, लखनऊ)

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