ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त का खुलासा, अस्पताल संचालक समेत कई गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र स्थित नवजीवन अस्पताल में नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था बल्कि निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. पुलिस जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे मामले में अस्पताल संचालक, नर्स, तकनीशियन और अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आयी है. बताया जा रहा है कि नवजात बच्ची को 2.60 लाख रुपये में बेचने का सौदा तय हुआ था. फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से मामले की गहराई से जांच कर रही है.

यह सौदा अस्पताल के कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया था
पुलिस जांच में पता चला है कि इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी अस्पताल संचालिका याशिका गर्ग है. उनके निर्देश पर ही अस्पताल के कर्मचारियों ने नवजात बच्ची को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश शुरू की। इस काम में तकनीशियन रणजीत सिंह और सफाई कर्मचारी गजेंद्र भी शामिल थे. ग्राहक ढूंढने से लेकर डील फाइनल करने तक नर्स पुष्पा और उसके बॉयफ्रेंड ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

अस्पताल सील, जांच के लिए कमेटी गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी अस्पताल के डिलीवरी रजिस्टर, मरीजों के रिकॉर्ड व अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी. अस्पताल को सील कर दिया गया है. जांच का मकसद यह पता लगाना है कि क्या पहले भी ऐसे मामले हुए हैं. शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि अस्पताल में लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियां भी हो रही थीं.

नवजात की मां की तलाश जारी है
इस मामले में सबसे अहम कड़ी नवजात बच्ची की असली मां है, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. बताया जा रहा है कि बच्ची को जन्म देने वाली लड़की की उम्र करीब 18 साल है. पुलिस अस्पताल के रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से पूछताछ कर उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।

रिकार्ड छिपाने की कोशिश, जांच में बढ़ी सख्ती
जांच में यह बात भी सामने आई कि संचालक के गिरफ्तार होते ही कुछ कर्मचारी रिकार्ड रूम में ताला लगाकर भाग गए। इससे जांच में शुरुआती दिक्कतें आईं, लेकिन अब कमेटी की निगरानी में रिकॉर्ड खोले जा रहे हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर हर सबूत जुटा रहे हैं.

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल!
इस घटना ने निजी अस्पतालों की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिये हैं. ऐसी जगह जहां लोग सुरक्षित इलाज की उम्मीद करते हैं, वहां इस तरह की गैरकानूनी प्रथाएं बेहद चिंताजनक हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का सच सामने आ सके.

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ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर हादसा: बगड़धार में टिहरी जा रही कार पर गिरा बोल्डर, बाल-बाल बचे दंपति

ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर बगधार में बड़ा हादसा टल गया। चलती कार के ऊपर अचानक पहाड़ी से एक पत्थर गिर गया। जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार में सवार पति-पत्नी किसी तरह सुरक्षित कार से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने बीआरओ की इस लापरवाही पर कड़ा गुस्सा जताया है.

इन दिनों हाईवे पर बगधार में भूस्खलन स्थल पर मरम्मत कार्य चल रहा है। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 2 बजे जब मजदूर खाना खा रहे थे, तभी ऋषिकेश से नई टिहरी जा रही एक कार पर पहाड़ से पत्थर गिर गया. कार में ई ब्लॉक नई टिहरी निवासी महेश पंवार और उनकी पत्नी सवार थे।

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थानाध्यक्ष देवराज शर्मा ने बताया कि कार में सवार दोनों लोगों को कोई चोट नहीं आयी है. घबराहट के कारण उसे बेचैनी हो रही थी. इसलिए उन्हें श्रीदेव सुमन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब हाईवे पर मरम्मत का काम चल रहा है तो बीआरओ को वहां यातायात रोकने के लिए कर्मचारी तैनात करने चाहिए.

जिस वक्त कार पर पत्थर गिरा उस वक्त सड़क पर बीआरओ का कोई कर्मचारी नहीं था। बीआरओ के सहायक अभियंता सुरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि सड़क सुधारीकरण का काम चल रहा है, लोग जल्दी में हैं। लोग वहां बिना रुके वाहन पार करने की कोशिश करते रहते हैं।

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कौशांबी में ‘हत्या’ का आरोप निकला झूठा, जिंदा मिली महिला, पति को जेल से रिहाई की उम्मीद

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिस महिला के पति को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था, वह दिल्ली में अपने चचेरे भाई के साथ जिंदा पाई गई है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है. पुलिस ने अब मायके पक्ष के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. इस घटना ने न सिर्फ पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किये हैं, बल्कि एक निर्दोष व्यक्ति के जेल जाने का सच भी सामने ला दिया है. फिलहाल पुलिस महिला का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है.

शादी के बाद से ही विवाद चल रहा था
यह मामला महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव का है. पीड़ित के ससुर योगेन्द्र तिवारी के मुताबिक, उन्होंने अपने बेटे राजू तिवारी की शादी टेवां गांव निवासी शारदा मिश्रा की बेटी अंकिता तिवारी से साल 2016 में की थी. आरोप है कि शादी के बाद अंकिता का चाल-चलन ठीक नहीं था और वह अक्सर अपने मायके में ही रहती थी. साल 2024 में वह अपने चचेरे भाई रामू उर्फ ​​संकल्प मिश्रा के साथ दिल्ली गई थी, हालांकि बाद में समझौता होकर मामला सुलझ गया था.

वह आभूषण और नकदी लेकर लापता हो गई
योगेन्द्र तिवारी ने बताया कि 21 जनवरी 2026 को अंकिता एक बार फिर घर से आभूषण और नकदी लेकर गायब हो गई। इसके बाद 22 जनवरी को उसके लापता होने की सूचना दी गई। लेकिन 20 फरवरी को मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया. इस मामले में बढ़ते दबाव के चलते राजू तिवारी ने 27 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था और तब से वह जेल में हैं.

दिल्ली में चचेरे भाई के साथ मिली महिला
पुलिस जांच के दौरान अंकिता तिवारी को उसके चचेरे भाई के साथ दिल्ली से बरामद कर लिया गया. इस खुलासे के बाद मामला पूरी तरह से बदल गया. ससुर योगेन्द्र तिवारी ने महिला के पिता, भाई व अन्य रिश्तेदारों पर साजिश रचने का आरोप लगाया और पुलिस से शिकायत की.

मायके पक्ष पर कार्रवाई, दो गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में शारदा मिश्रा और उनके बेटे गोपाल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक मायके पक्ष ने सच्चाई छिपाकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया, जिसके चलते एक निर्दोष को जेल जाना पड़ा।

जांच जारी है, न्याय की उम्मीद है.’
फिलहाल महिला का मेडिकल कराया जा रहा है और कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया जाएगा. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने समाज में झूठे आरोपों के गंभीर परिणामों को उजागर किया है.

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मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन चक्रव्यूह का बड़ा असर: शातिर वारंटी नौशाद समेत कई वांछित अपराधी गिरफ्तार, पुलिस की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर वारंटी नौशाद समेत कई वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. जिले में चलाये जा रहे इस विशेष अभियान से फरार अपराधियों में हड़कंप मच गया है और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में पुलिस की सक्रियता साफ नजर आ रही है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान कोतवाली नगर और सिविल लाइन थाने की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई जिले में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लंबे समय से फरार अपराधियों को पकड़ना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है.


कोतवाली नगर पुलिस ने शातिर वारंटी नौशाद को पकड़ा

ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत कोतवाली नगर पुलिस टीम ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए वारंटी अभियुक्त नौशाद पुत्र नईम निवासी न्याजूपुरा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था.

थाना प्रभारी बब्लू सिंह वर्मा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है.

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक बब्लू सिंह वर्मा, उपनिरीक्षक अभिमन्यु सिंह, कांस्टेबल अमित कुमार व अजय कुमार की अहम भूमिका रही. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे.


वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में चल रहा विशेष अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर गिरफ्तारी ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जबकि पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर इसके निकट पर्यवेक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि जिले में कोई भी वारंटी या वांछित अपराधी को छोड़ा नहीं जायेगा. इसको लेकर थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित कर लगातार छापेमारी की जा रही है.

इस अभियान का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करना भी है, ताकि भविष्य में अपराध की घटनाओं को कम किया जा सके.


सिविल लाइन थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक साथ कई वारंटी गिरफ्तार

ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर अरेस्ट के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने भी बड़ी सफलता हासिल करते हुए कई वांछित अभियुक्तों को न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में गुलबहार पुत्र हारून निवासी महमूदनगर, शानू पुत्र नसरुद्दीन निवासी मल्हूपुरा, राशिद पुत्र महमूद निवासी केवलपुरी, राशिद पुत्र साहिद त्यागी निवासी सरवट त्यागी चौक, प्रमोद कुमार पुत्र राजवीर सिंह निवासी बधाई कला थाना चरथावल और मसूर सैफी पुत्र नासिर निवासी मॉडल टाउन शामिल हैं।

इन सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी थे और पुलिस काफी समय से इनकी तलाश में जुटी थी. गिरफ्तारी के बाद सभी को नियमानुसार कोर्ट में पेश किया गया.


ऑपरेशन चक्रव्यूह में पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका मुजफ्फरनगर गिरफ्तारी

इस कार्रवाई को सफल बनाने में उपनिरीक्षक रेशमपाल सिंह, कृष्ण कपूर, खुशीलाल, उधम सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, कांस्टेबल महिपाल, अरविंद तथा हेड कांस्टेबल राजीव नागर व जितेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

पुलिस टीमों ने लगातार सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता के आधार पर इन आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.


वारंटी एवं वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है

ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर गिरफ्तारी अभियान के तहत जिले में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है. पुलिस रिकार्ड के आधार पर ऐसे आरोपियों की सूची तैयार की गई है, जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य अदालत द्वारा जारी वारंट का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना और अपराधियों को कानून के दायरे में लाना है.


जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर अरेस्ट के तहत लगातार हो रही गिरफ्तारियां जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पुलिस का मानना ​​है कि इस तरह की कार्रवाई से न सिर्फ अपराधियों पर दबाव बनेगा बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.


स्थानीय स्तर पर पुलिस का विश्वास और सक्रियता बढ़ी

लगातार हो रही गिरफ्तारियों से स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता को लेकर सकारात्मक संदेश गया है. नागरिकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों का मनोबल टूटता है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था मजबूत होती है.

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके.


अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा

ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर गिरफ्तारी अभियान को लेकर पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इससे भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है. जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया गया है.

पुलिस का मकसद सभी फरार अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर अपराध पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है.


मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत लगातार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत दे रही हैं कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त रुख अपना रही है. वारंटियों और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी से जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत हो रही है और उम्मीद है कि आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाई और तेज होगी.

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देहरादून: राज्य पैरालंपिक खेल 27 मार्च से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुरू होंगे

माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन मंगलवार, 24 मार्च 2026 05:39 अपराह्न IST

पैरा गेम्स के अंतर्गत पैरा एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और टेबल टेनिस की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।


देहरादून: राज्य पैरा गेम्स 27 मार्च से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुरू होंगे

– फोटोः अमर उजाला फाइल फोटो



विस्तार

पैरालंपिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की ओर से राजधानी दून में तीन दिनों तक स्टेट पैरा गेम्स का आयोजन किया जाएगा। पैरा खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 27 से 29 मार्च तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित होने वाले पैरा गेम्स में प्रदेश के 13 जिलों की टीमें भाग लेंगी।

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देहरादून समाचार: अर्थव्यवस्था और सामाजिक सूचकांक में सुधार, विकसित उत्तराखंड के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

प्रेस क्लब में पत्रकारों को जानकारी देते हुए आयोजन सचिव प्रेम कुमार ने बताया कि पैरा गेम्स के तहत पैरा एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और टेबल टेनिस की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. प्रतियोगिता में करीब 150 पैरा खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे. खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 25 मार्च तय की गई है.

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13 साल तक कोमा में रहे हरीश राणा की मौत, सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बाद दी गई इच्छामृत्यु.

गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेदिक विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे और हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी। हरीश का इलाज एम्स के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल (आईआरसीएच) में चल रहा था। पिछले एक सप्ताह से उन्हें बिना भोजन और पानी के चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था। इस दौरान उनके माता-पिता लगातार किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे। इच्छामृत्यु और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा ये मामला देश में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है.

माँ की प्रार्थना और भावुक पल
हरीश के आखिरी दिनों में उनकी मां अस्पताल के गलियारे में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रही थीं। अपने बेटे की हालत देखकर उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा अभी सांस ले रहा है और उसकी दिल की धड़कन चल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा उन्हें छोड़ रहा है. इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया.

कैसे हुई इच्छामृत्यु की प्रक्रिया?
सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद हरीश राणा को प्रशामक देखभाल वार्ड में रखा गया था. डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी. करीब एक हफ्ते तक उसे खाना और पानी नहीं दिया गया. इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में पैसिव यूथेनेसिया कहा जाता है। छह दिन तक चली इस प्रक्रिया के बाद उनकी मौत हो गई.

2013 में हादसे के बाद जिंदगी बदल गई
हरीश राणा ने जुलाई 2010 में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। वर्ष 2013 में, वह अंतिम वर्ष के छात्र थे। उसी साल रक्षाबंधन के दिन वह अपनी बहन से फोन पर बात करते वक्त पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए. गंभीर हालत में उन्हें पहले पीजीआई चंडीगढ़ और बाद में दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह क्वाड्रिप्लेजिया से पीड़ित थे, जिसके कारण उनके हाथ-पैर पूरी तरह से निष्क्रिय हो गए थे।

कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
उसकी पीड़ा को देखते हुए हरीश के माता-पिता ने इच्छामृत्यु की इजाजत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। 8 जुलाई 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी. इसके बाद परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की. करीब आठ महीने बाद 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी.

संवेदनशील मुद्दा बना चर्चा का केंद्र
हरीश राणा के मामले ने देश में इच्छामृत्यु जैसे संवेदनशील विषय पर एक नई बहस छेड़ दी है। यह घटना हमें न केवल कानूनी बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी गहराई से सोचने पर मजबूर करती है।

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मुजफ्फरनगर में गूंजा भक्ति का सागर: ‘श्याम पधारो म्हारे गांव-2’ में उमड़ी भीड़, एक साथ तीन मंदिरों में हुई ऐतिहासिक सजावट

मुजफ्फरनगर श्याम पधारो म्हारे गाँव 2 कार्यक्रम ने नई मण्डी स्थित श्री रामलीला भवन को भक्ति के विशाल केन्द्र में बदल दिया, जहां हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को पूरी आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस भव्य आयोजन में बाबा खाटूश्याम के प्रति आस्था, भक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला. कार्यक्रम के दौरान देर रात तक भक्तों ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर श्याम नाम का गुणगान किया और दिव्य अनुभूति प्राप्त की.

कार्यक्रम बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. भजन संध्या शुरू होते ही पूरा परिसर हारे के सहारे बाबा श्याम हमारे के नारे से गूंज उठा।


राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने लिया आशीर्वाद, हुआ भव्य स्वागत

मुजफ्फरनगर श्याम पधारो म्हारे गांव 2 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिलदेव अग्रवाल की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। समिति सदस्यों ने फूल मालाओं व अभिनंदन पट्टिकाओं से उनका स्वागत किया।

राज्य मंत्री ने बाबा खाटूश्याम के दरबार में माथा टेका और क्षेत्र की खुशहाली व जनकल्याण की कामना की. उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और लोग आध्यात्मिक रूप से जुड़ते हैं।


विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की भव्यता बढ़ गयी।

कार्यक्रम में दिल्ली से आये व्यापारी नेता संजय मित्तल, अरविन्द बंसल, ब्रह्मप्रकाश शर्मा एवं अनिल गोयल की उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। सभी अतिथियों ने आयोजन की भव्यता एवं अनुशासन की सराहना की तथा इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न सिर्फ धार्मिक आस्था मजबूत होती है बल्कि सामाजिक एकता भी मजबूत होती है.


विशेष शृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना

मुजफ्फरनगर श्याम पधारो म्हारे गांव 2 दूसरे दिन बाबा खाटूश्याम का विशेष श्रृंगार और मां शाकुंभरी देवी का दिव्य दरबार भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा. मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी झांकियां और भव्य सजावट ने भक्तों का मन मोह लिया।

श्रृंगार दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने पूरे अनुशासन के साथ बाबा के दर्शन किये और आशीर्वाद प्राप्त किया.


कोलकाता से आये भजन गायक संजू शर्मा ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

प्रसिद्ध भजन गायक संजू शर्मा ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जैसे ही उन्होंने ‘हम हारे हारे, तुम हारे के सहारे’ और ‘मेरे सर पर रख दो बाबा अपने ये दोनों हाथ’ जैसे भजन पेश किये तो श्रद्धालु भावुक हो गये और नाचने लगे.

भजनों में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और देर रात तक भक्ति की धारा बहती रही।


भजन गायिका ईशा शर्मा व रितु पांचाल ने भक्ति की अलख जगाई

कोलकाता से आईं प्रसिद्ध भजन गायिका ईशा शर्मा ने मां शाकुंभरी देवी और बाबा श्याम के भजनों से पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उनके भजनों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा।

दिल्ली से आईं भजन गायिका रितु पांचाल ने भी एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।


नरेश पूनिया म्यूजिकल ग्रुप ने पूरी रात श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया।

दिल्ली से आए नरेश पुनिया म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार संगीतमय प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को पूरी रात ऊर्जावान बनाए रखा। उनकी संगीत रचना एवं समन्वय ने भजन संध्या को और अधिक आकर्षक बना दिया।

देर रात तक श्रद्धालु भक्ति में डूबे रहे और बाबा श्याम के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।


तीन मंदिरों में एक साथ शृंगार: एक ऐतिहासिक क्षण

मुजफ्फरनगर श्याम पधारो म्हारे गांव 2 आयोजन की सबसे खास और ऐतिहासिक पहल यह रही कि राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर, मुजफ्फरनगर के श्री गणपति धाम खाटूश्याम मंदिर और शहर के श्री हनुमान मंदिर में एक साथ बाबा खाटूश्याम का विशेष श्रृंगार किया गया.

एक साथ तीन मंदिरों में एक समान शृंगार की इस पहल से भक्तों में विशेष उत्साह पैदा हुआ और इसे आयोजन की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि माना गया।


हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आस्था का नया इतिहास रचा

मुजफ्फरनगर श्याम पधारो म्हारे गांव 2 कार्यक्रम में आये हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा खाटूश्याम के दरबार में शीश नवाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं. पूरे परिसर में भक्ति, अनुशासन और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा श्याम की महिमा का गुणगान करते हुए भजन गाए और माहौल को पूरी तरह से आध्यात्मिक बना दिया।


युवाओं एवं समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही

कार्यक्रम की सफलता में युवाओं व समाजसेवियों की भूमिका काफी अहम रही. आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए दिन-रात मेहनत की।

राजकुमार सिंघल, राहुल सिंघल, विनीत सिंघल, श्रेय मित्तल, अर्पित जैन, राघव मित्तल, सुशांत गोयल (शानू), अमित बंसल, दीपक गोयल, अनिल गर्ग, राजकुमार जिंदल, कपिल गोयल, राजीव बंसल, रिंकू गर्ग, अनुज गर्ग, शरद सिंघल, सुभम गुप्ता, कृष राजवंशी, अक्षत सिंघल, अमन बंसल, अवि सिंघल, भूपेन्द्र चौधरी, शुभम गोयल, सुशांत गर्ग, अर्पित जैन, अशोक जी, अमन गर्ग, विक्की भाटिया, अंकुश मित्तल सहित समिति के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में वासु, पवन, प्रदीप बंसल, संदीप गोयल, सार्थक, प्रिंस, टीपू, शैंकी, अंश मित्तल, अर्पित सिंघल, अर्चित सिंघल का सक्रिय योगदान रहा।


धार्मिक आयोजनों की बढ़ती परंपरा मुजफ्फरनगर में नई पहचान बना रही है।

मुजफ्फरनगर श्याम पधारो म्हारे गांव 2 इस तरह के आयोजनों से पता चलता है कि मुजफ्फरनगर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है।

श्रद्धालुओं का उत्साह इस बात का संकेत है कि भविष्य में इस तरह के आयोजन और भी बड़े पैमाने पर किये जायेंगे.


मुजफ्फरनगर श्याम पधारो म्हारे गांव 2 कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बाबा खाटूश्याम के प्रति भक्तों की आस्था दिन-ब-दिन मजबूत होती जा रही है। हजारों भक्तों की मौजूदगी, भव्य शृंगार, पूरी रात चले भजन-कीर्तन और एक साथ तीन मंदिरों में हुए ऐतिहासिक शृंगार ने इस आयोजन को शहर के धार्मिक इतिहास में खास जगह दी. भक्तों की भावनाओं और आयोजकों की समर्पित मेहनत ने इस भक्ति महोत्सव को यादगार बना दिया, जिसकी गूंज लंबे समय तक भक्तों के दिलों में रहेगी।

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देहरादून: दो गुटों के बीच विवाद में मुजफ्फरनगर के छात्र की मौत, तीन युवक हिरासत में, पुरानी रंजिश बताई जा रही -Dehradun Crime News छात्र गुटों के बीच झड़प, एक छात्र की मौत, तीन युवक हिरासत में लिए गए प्रेमनगर

राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र के केहरी गांव में छात्रों के दो गुटों में विवाद हो गया. इस विवाद में एक छात्र की मौत हो गई. घटना के बाद तीन छात्रों को हिरासत में लिया गया है. एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि सोमवार रात सूचना मिली कि कुछ युवकों के बीच हुई मारपीट में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है.

घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद उन्हें दून अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान देर रात मुजफ्फरनगर के भोपा निवासी दिव्यांशु जटराना (22) की मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है.

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दोनों पक्षों के युवक एक निजी संस्थान में छात्र हैं। विवाद की वजह पुरानी दुश्मनी बताई जा रही है. इसी को लेकर सोमवार रात दोनों पक्षों में विवाद हो गया। घटना में शामिल तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है.

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रामनवमी पर राम मंदिर में भव्य आयोजन, अभिषेक से सूर्य तिलक तक दिखेगी दिव्यता

इस बार अयोध्या में रामनवमी का त्योहार बेहद खास और भव्य तरीके से मनाया जाएगा. राम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले इस आयोजन को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है. इस शुभ दिन को देखने के लिए देश-विदेश से लोग उत्सुक रहते हैं। मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। इस बार अभिषेक, 56 भोग और सूर्य तिलक जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगे. पूरे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे हर कोई इस दिव्य क्षण का साक्षी बन सकेगा.

सुबह की शुरुआत अभिषेक से होगी
रामनवमी के दिन सुबह भगवान श्रीराम का विशेष अभिषेक किया जाएगा. यह अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचगव्य और सुगंधित द्रव्यों से किया जाएगा. इस दौरान मंदिर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय रहेगा. पुजारी वैदिक विधि से पूजा कराएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति का अनुभव होगा।

भगवान को 56 भोग लगाया जाएगा
अभिषेक के बाद भगवान श्रीराम को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा. यह परंपरा काफी समय से चली आ रही है और श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है। विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाएंगे, जिनमें मिठाइयां, फल और अन्य प्रसाद शामिल होंगे। भक्त इसे भगवान के प्रति समर्पण का एक विशेष रूप मानते हैं।

दोपहर 12 बजे प्रकट उत्सव होगा
मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक ठीक 12 बजे भगवान श्रीराम का प्रकट उत्सव मनाया जाएगा. इस समय को भगवान के जन्म का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा और आरती होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे.

सूर्य तिलक मुख्य आकर्षण बनेगा
प्रकटोत्सव के बाद भगवान श्रीराम का सूर्य तिलक किया जाएगा. इसमें सूर्य की किरणों के माध्यम से भगवान के माथे पर तिलक लगाया जाएगा. यह दृश्य बेहद अद्भुत और आकर्षक है, जिसे देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

श्रद्धालु लाइव प्रसारण से जुड़ेंगे
इस पूरे कार्यक्रम का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण किया जाएगा. इससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी इस भव्य आयोजन का आनंद ले सकेंगे और भगवान के दर्शन कर सकेंगे.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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उत्तरकाशी: यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षयतृतीया के शुभ अवसर पर खुलेंगे उत्तरकाशी उत्तराखंड

संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट (उत्तरकाशी)

द्वारा प्रकाशित: रेनू सकलानी

अद्यतन मंगलवार, 24 मार्च 2026 10:56 पूर्वाह्न IST

यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा आज मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में की गई। कपाट खोलने का शुभ मुहुर्त निकाला गया.


यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खुलेंगे उत्तरकाशी

शुभ मुहुर्त निकाला गया.
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जायेंगे। दोपहर 12.35 बजे कर्क लग्न के अनुसार कृतिका नक्षत्र आयुष्मान योग में विशेष विधि-विधान के साथ कपाट खुलेंगे।

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आज मंगलवार को यमुना जन्मोत्सव के अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोलने का शुभ मुहूर्त यमुनोत्री मंदिर समिति के नेतृत्व में मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में विधिवत आयोजित किया गया।

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मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरूषोत्तम उनियाल ने बताया कि इससे पहले सुबह 8.30 बजे खरसाली गांव से स्थानीय वाद्ययंत्रों के साथ मां यमुना की डोली यमुनोत्री के लिए रवाना होगी। खरसाली गांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज सोमेश्वर महाराज की डोली भी अपनी बहन को विदा करने यमुनोत्री जाएगी।

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