19 मार्च को राम मंदिर में होगा श्री राम महायंत्र स्थापना कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी स्थापना.

होली उत्सव की समाप्ति के बाद राम मंदिर अयोध्या में चैत्र शुक्ल नवरात्रि की प्रतिपदा को आयोजित होने वाले श्री राम महायंत्र स्थापना कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा मंदिर परिसर पहुंचे और वहां चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की. इस दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र, व्यवस्था प्रभारी गोपाल जी राव और सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे.

19 मार्च को राष्ट्रपति श्री राम महायंत्र का उद्घाटन करेंगे
जानकारी के मुताबिक, द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च को राम मंदिर की दूसरी मंजिल पर श्री राम महायंत्र स्थापित करेंगी. यह कार्यक्रम विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा. यह आयोजन लगभग 8 एकड़ के राम मंदिर की परिधि के आसपास बने परकोटे के बाहर उत्तरी तरफ के मैदान में आयोजित करने की योजना है।

कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल होंगे
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से करीब 3000 लोग शामिल होंगे. इसके अलावा मंदिर निर्माण कंपनी लार्सन एंड टुब्रो और टाटा ग्रुप के साथ काम करने वाली इकाइयों के करीब 2000 कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. आयोजन के दौरान मुख्य रूप से राम मंदिर की दूसरी मंजिल पर बने गर्भगृह में श्री राम यंत्र की स्थापना की जाएगी.

राष्ट्रपति मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम सुबह करीब 11 बजे शुरू होगा और दोपहर करीब तीन बजे तक चलेगा. इसके बाद वह करीब 3:15 बजे विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि जब तक राष्ट्रपति मंदिर परिसर में रहेंगे, पुलिस विभाग सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा. इस दौरान राष्ट्रपति मंदिर परिसर में कई स्थानों का दौरा भी करेंगे. वह दूसरी मंजिल पर जाकर श्रीराम महायंत्र की स्थापना करेंगी और परिसर में बने अन्य मंदिरों का भी दर्शन करेंगी.

राष्ट्रपति निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों से भी मुलाकात करेंगे
कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण में लगे सभी प्रमुख कर्मचारियों और श्रमिकों को भी आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनसे मुलाकात करेंगी और उनके साथ बैठक भी होगी. नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रपति के लिए मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिकों और कर्मचारियों से मिलना बड़े सम्मान की बात होगी. इस आयोजन को राम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी लोगों के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है.

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मुजफ्फरनगर में गूंजा ‘जय श्रीकृष्ण’ का घोष! भागवत कथा, छप्पन भोग और अन्नकूट महोत्सव में बाढ़ से मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर भागवत कथा इस पवित्र आयोजन से शहर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया. सनातन धर्म सभा भवन में समस्त अग्रवाल परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस दिव्य श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही, जहां हर कोई भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का आनंद लेने के लिए उत्सुक नजर आया.

पूरा परिसर भजन, कीर्तन, मंत्रोच्चार और मंत्रों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए और वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत प्रवाह था।


बाल लीलाओं का किया भावपूर्ण वर्णन, श्रद्धालु हुए भावविभोर

कहानी कहने वाला हिमेश शास्त्री जी महाराज (मथुरा निवासी) उन्होंने मंच से भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत मार्मिक एवं विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं, बल्कि उनमें गहरे आध्यात्मिक संदेश छिपे हैं जो जीवन को दिशा देते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल में ही समाज को धर्म, प्रेम और करुणा का संदेश दिया था। उनकी प्रत्येक लीला मानव जीवन को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान के नाम का जाप करते रहे।


गोवर्धन लीला का सजीव चित्रण, झूमे श्रद्धालु

मुजफ्फरनगर भागवत कथा गोवर्धन लीला का वर्णन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कथावाचक ने बड़े ही भावुक अंदाज में बताया कि जब देवराज इंद्र के प्रकोप के कारण ब्रज में मूसलाधार बारिश हो रही थी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की थी।

इस घटना ने भक्तों के मन में भगवान के प्रति अटूट आस्था और प्रेम की भावना को और अधिक मजबूत कर दिया। इस दिव्य प्रसंग को सुनकर कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर होते दिखे।


भक्ति का संदेश: जीवन में सुख का मार्ग

हिमेश शास्त्री जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में सच्चा सुख भक्ति से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भगवान का स्वरूप स्वयं आनंदमय है और जब व्यक्ति उनके प्रति सच्ची श्रद्धा रखता है, तभी उसके जीवन में वास्तविक आनंद आता है।

उन्होंने एक सरल उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह दूध में घी छिपा होता है, उसी तरह खुशी हमारे भीतर मौजूद होती है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत, त्याग और तपस्या की जरूरत होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि व्यक्ति का आहार-विहार सात्विक है तो भक्ति स्वतः ही प्राप्त हो जाती है और भक्ति से जीवन में सुख का अनुभव होने लगता है।


छप्पन भोग एवं अन्नकूट महोत्सव का भव्य आयोजन

कहानी के बाद मुजफ्फरनगर भागवत कथा छप्पन भोग एवं अन्नकूट महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। भगवान कृष्ण को छप्पन प्रकार के पकवानों का भोग लगाया गया, जिसमें मिठाइयाँ, पकवान और विभिन्न खाद्य पदार्थों को खूबसूरती से सजाया गया था।

अन्नकूट महोत्सव के तहत भगवान को विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का भोग लगाया गया, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा. इसके बाद सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया.


मुख्य यजमान एवं अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति

इस भव्य आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में अंकुर दुआ (संपादक मुजफ्फरनगर बुलेटिन), मयंक मित्तल, संदीप अग्रवाल (दिल्ली) और गौरांग गर्ग (बल्लू खादी वाले) उपस्थित रहें।

कार्यक्रम प्रबंधन एवं स्वागत अभिनव अग्रवाल द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत किया।


भजन-कीर्तन से परिसर गूंज उठा।

पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और जय श्री कृष्ण के जयकारे से माहौल भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर भगवान के भजनों पर नृत्य करते नजर आए।

पांचवें दिन की कथा के समापन पर भगवान श्री कृष्ण की भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी भक्तों ने भाग लेकर अपने परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की.


भक्तों की भारी भीड़, भक्ति का अद्भुत संगम

इस कार्यक्रम में शहर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. उपस्थित प्रमुख लोगों में परमात्मा शरण अग्रवाल, प्रदीप गर्ग, किशन अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, दीप अग्रवाल, अभिनव गर्ग, कार्तिक अग्रवाल, दीपक गोयल, योगेश माहेश्वरी, अमित गर्ग, पार्षद पति शोभित गुप्ता, श्रुति अग्रवाल, निकिता अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, इनाक्षी अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, प्रीति तायल और रचना अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे।

आयोजक परिवार के सदस्य अनिभव अग्रवाल एवं अन्य सदस्यों ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।


मुजफ्फरनगर भागवत कथा: आस्था और संस्कृति का जीवंत उदाहरण

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम भी बना। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और लोगों में आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।


मुजफ्फरनगर में आयोजित यह भव्य श्रीमद्भागवत कथा एवं अन्नकूट महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का एक अनूठा उदाहरण बनकर उभरा। भगवान कृष्ण की लीलाओं में डूबकर भक्तों ने न केवल आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया बल्कि अपने जीवन में भक्ति और सकारात्मकता अपनाने का संकल्प भी लिया। ऐसे आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं और भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत बनाते हैं।

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उत्तरकाशी: पुल निर्माण में अनियमितता पर ब्रिजकुल परियोजना प्रबंधक निलंबित, गुणवत्ता पर उठे सवाल – उत्तरकाशी ब्रिज निर्माण में अनियमितता पर ब्रिजकुल परियोजना प्रबंधक निलंबित, गुणवत्ता पर उठे सवाल

सौड़-ओसला मोटर मार्ग पर गंगाड़ गाड़ में निर्माणाधीन आरसीसी पुल में अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद ब्रिजकुल प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप था कि पुल के निर्माण में गिट्टी की जगह मिट्टी मिलायी जा रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. मामले की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की. ब्रिज रोपवे टनल अंडर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत किमी 16 पर सऊद से ओसला तक 30 मीटर आरसीसी स्पैन स्टील ट्रस ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है।

धामी सरकार की कार्रवाई:यूपीसीएल, यूजेवीएनएल के एमडी समेत कई अधिकारी पदमुक्त, सेवा विस्तार पर कर रहे थे काम

इसकी जांच में पाया गया कि निर्धारित मानक के विपरीत बालू की जगह मिट्टी का प्रयोग किया गया है. इसके अलावा प्लम कंक्रीट में प्रयुक्त प्लम की मात्रा भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। आदेश में कहा गया है कि निर्माण कार्य में बरती गयी अनियमितता से न सिर्फ विभाग की छवि पर असर पड़ा है, बल्कि कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है. यह स्थिति कार्यों की मॉनिटरिंग में शिथिलता को दर्शाती है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्रिडकुल प्रबंधन ने उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार को निलंबित कर ब्रिडकुल मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है.

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बरेली में दामाद का खूनी खेल, सास और साले की हत्या के बाद आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

बरेली के इज्जतनगर इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पत्नी के साथ न जाने से नाराज दामाद ने अपनी सास और साले की बेरहमी से हत्या कर दी. घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की और मंगलवार तड़के सहारा ग्राउंड में मुठभेड़ हो गई। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया है.

आरोपी अपनी पत्नी की विदाई कराने आया था
आरोपी अफसर खान अपनी पत्नी की विदाई कराने ससुराल पहुंचा था. वहां उसका अपने ससुराल वालों से किसी बात पर विवाद हो गया। गुस्से में आकर उसने अपनी सास आसमां, साले आदिल और पत्नी साइमा पर चाकुओं से हमला कर दिया. इस हमले में सास और साले की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पंचायत में विवाद हुआ, मामला फिर बढ़ गया
जानकारी के मुताबिक, अफसर खान जब अपने ससुराल पहुंचा तो उसने गांव में पंचायत बुलाई. उसने अपनी पत्नी को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उसने उसे अपना व्यवहार सुधारने के लिए कहा। सास और जेठ ने भी बेटी का साथ दिया। इससे नाराज आरोपियों ने अचानक हमला कर घटना को अंजाम दिया.

पहले भी कर चुका है हत्या, आपराधिक इतिहास
अफसर खान का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. साल 2004 में उसने अपने मामा की हत्या कर दी, जिसके बाद वह कई सालों तक जेल में रहा. जमानत पर बाहर आने के बाद उसने 2017 में अपनी चचेरी बहन से शादी कर ली। शादी के बाद से दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। करीब एक सप्ताह पहले उसकी पत्नी झगड़ा कर मायके चली गयी थी.

पुलिस को पहले ही सूचना मिल गयी थी
पुलिस को सोमवार रात सूचना मिली थी कि आरोपी गांव में अवैध हथियार लेकर घूम रहा है और दोबारा हमला कर सकता है. इसके बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी. मुठभेड़ के बाद आरोपियों के पास से 32 बोर की पिस्टल और चाकू बरामद हुआ. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने पूरे मामले की जानकारी दी है.

इलाके में तनाव, पुलिस तैनात
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है और मामले की जांच जारी है.

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मुजफ्फरनगर पुलिस में बड़ा फेरबदल! एसएसपी संजय वर्मा की सख्त कार्रवाई, कई चौकी प्रभारी और उपनिरीक्षक इधर-उधर

मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है. कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मो संजय वर्मा पुलिस विभाग में व्यापक बदलाव किये हैं. इस फैसले के तहत कई चौकी प्रभारियों और उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है और उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.

अचानक हुए इस फेरबदल से जहां पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों में भी यह उम्मीद जगी है कि इससे जिले में अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग को नई दिशा मिलेगी.


प्रशासन का सख्त संदेश : बेहतर कानून-व्यवस्था प्राथमिकता

पुलिस प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि यह बदलाव महज एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक फैसला है. इसका उद्देश्य जिले में बढ़ती चुनौतियों के बीच कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है.

वरिष्ठ अधिकारियों का मानना ​​है कि समय-समय पर पुलिस कर्मियों का कार्यक्षेत्र बदलने से उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है और उन्हें नई ऊर्जा के साथ नए क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलता है. इसलिए मुज़फ्फरनगर पुलिस का तबादला इसे एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है.


किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी- पूरी लिस्ट

एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित बदलाव किये गये हैं.

  • अवर निरीक्षक रवीन्द्र भाटी थाना छपार से स्थानांतरित कर थाना मंसूरपुर भेजा गया है।

  • चौकी प्रभारी मंगत त्यागी अलावलपुर चौकी (चरथावल थाना) से हटाकर नई मंडी थाने भेज दिया गया है।

  • अवर निरीक्षक आयुष त्यागी नई मंडी चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

  • अवर निरीक्षक मनीष कुमार तितावी थाना क्षेत्र से हटाकर खतौली थाने में तैनात किया गया है।

  • अवर निरीक्षक लोकेश गौतम छपार थाने में एसएसआई (वरिष्ठ उपनिरीक्षक) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • अवर निरीक्षक परविन्द्र सिंह अलावलपुर चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है।

  • अवर निरीक्षक तेजवीर फुगाना से स्थानांतरित कर चरथावल थाने भेजा गया है।

इन सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नये कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है.


मुज़फ्फरनगर पुलिस ट्रांसफर: क्यों जरूरी था ये बदलाव?

जिले में अपराध की लगातार बदलती प्रकृति और बढ़ती आबादी के कारण पुलिस पर दबाव भी बढ़ गया है. ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर यह जरूरी हो जाता है कि समय-समय पर पुलिस व्यवस्था का पुनर्गठन किया जाये.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऐसे तबादले:

  • पुलिस की जवाबदेही बढ़ती है

  • स्थानीय स्तर पर नई ऊर्जा आती है

  • पुराने नेटवर्क टूटते हैं जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है

  • जनता के साथ बेहतर तालमेल बनायें

इसी सोच के साथ मुज़फ्फरनगर पुलिस का तबादला लागू किया गया है।


जनता की अपेक्षाएं और पुलिस की जिम्मेदारी

इस फेरबदल के बाद अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन अफसरों पर है जिनकी तैनाती नए क्षेत्रों में की गई है. प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में.

  • मजबूत कानून एवं व्यवस्था बनाये रखें

  • अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें

  • आम जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें

  • स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर काम करें

जनता भी इस बदलाव को सकारात्मक रूप से देख रही है और उम्मीद कर रही है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा.


पुलिसिंग में बदलाव का नया ट्रेंड

उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में पुलिस प्रशासन अब पारंपरिक कार्यशैली से हटकर अधिक सक्रिय और जवाबदेह मॉडल की ओर बढ़ रहा है। नियमित अंतराल पर स्थानांतरण और पोस्टिंग इस रणनीति का हिस्सा हैं।

इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी अधिकारी लंबे समय तक एक ही स्थान पर नहीं रहता है और सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहती है। मुज़फ्फरनगर पुलिस का तबादला इसे इस व्यापक बदलाव के एक हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है।


क्या अपराध पर अंकुश लगेगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह फेरबदल जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण कर पाएगा? हालांकि इसका जवाब तो आने वाले समय में ही पता चलेगा, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि पुलिस प्रशासन इस बार ज्यादा गंभीर और सक्रिय दिख रहा है.

यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करें तो निश्चित रूप से जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार देखा जा सकता है।


मुज़फ़्फ़रनगर में यह पुलिस फेरबदल महज़ तबादले की एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक व्यापक प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम जिले में बेहतर पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सभी की नजर इस पर है कि नव तैनात अधिकारी अपने क्षेत्र में किस तरह से बदलाव लाते हैं और कानून-व्यवस्था को कितना मजबूत करते हैं.

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ऋषिकेश: गुरुद्वारा कर्मचारी हत्याकांड; लकी को आजीवन कारावास की सजा, पेचकस से कई बार वार कर किया था अपराध -ऋषिकेश गुरुद्वारा कर्मचारी हत्याकांड मामले में लकी को आजीवन कारावास की सजा

गुरुद्वारा कर्मचारी पर पेचकस से कई वार कर हत्या करने के आरोपी लक्की निवासी शीशम झाड़ी को प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंवर अमननिदर सिंह की अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. घटना के बाद से आरोपी जिला जेल में है।

6 फरवरी 2023 को लक्ष्मण झूला रोड स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब परिसर में एक युवक ने गुरुद्वारे के मुख्य द्वार पर तैनात कर्मचारी कपिल शाह पर पेचकस से कई वार कर घायल कर दिया था, जिसे गुरुद्वारे के कर्मचारियों द्वारा तुरंत उपचार के लिए सरकारी अस्पताल लाया गया था। जहां डॉक्टरों ने कपिल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स रेफर कर दिया। इलाज के दौरान कपिल शाह की मौत हो गयी.

वहीं, गुरुद्वारा कर्मचारियों ने हमला करने वाले युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. आरोपी युवक ने अपना नाम लक्की निवासी शीशम झाड़ी बताया था। सहायक प्रबंधक गुरुद्वारा मंजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी.

पुलिस ने इस मामले में 1 मई 2023 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. 25 फरवरी को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमननिदर सिंह की अदालत ने 16 मार्च को अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने आरोपी लक्की को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर चार माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष ने विवेचक समेत 12 गवाहों को कोर्ट में पेश किया.

देहरादून: चूना भट्टा के पास खंडहर में मिला युवती का शव, हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

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पूर्व पार्षद की सरेआम हत्या से सहमा गोरखपुर, बदमाशों ने पीछा कर मारी गोली और चाकू से हमला

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मंगलवार की सुबह चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा इलाके में पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की हत्या कर दी गई. हमलावरों का दुस्साहस इतना था कि उन्होंने पहले उसे गोली मारी और फिर चाकू मारकर उसकी जान ले ली. इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा था और घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

सुबह की सैर के दौरान घेरकर हमला किया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकुमार चौहान मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे रोज की तरह घर से टहलने के लिए निकले थे. वह अपने घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर ही पहुंचा था कि करीब छह बदमाशों ने उसे घेर लिया। हमलावरों को देखकर राजकुमार जान बचाने के लिए करीब 100 मीटर तक भागा, लेकिन बदमाशों ने उसे नहीं छोड़ा और पकड़ लिया।

पहले गोली मारी और फिर चाकू से कई वार किए
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने सबसे पहले राजकुमार चौहान पर गोली चलाई. इसके बाद भी हमलावर नहीं रुके और उन्होंने चाकू निकालकर उन पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने उनके सीने और चेहरे पर 20 से ज्यादा बार चाकू से वार किया. हमलावर तब तक मौके पर डटे रहे जब तक यह निश्चित नहीं हो गया कि वह मर चुका है। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गये.

हत्या के बाद हाईवे जाम
घटना की खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गये. गुस्साए लोगों ने बरगदवा चौराहे पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। हाईवे जाम होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया और यातायात बहाल कराया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी है
मौके पर पहुंचे ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. हालांकि, हत्या की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है. पुलिस परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के बयान दर्ज कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड का पूरा खुलासा किया जाएगा.

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मुज़फ्फरनगर पुलिस परीक्षा 2026: एसएसपी का सख्त निरीक्षण, प्रशिक्षु सिपाहियों की अंतिम परीक्षा की कड़ी तैयारी

मुजफ्फरनगर पुलिस परीक्षा 2026 को लेकर जिले में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गयी है. प्रशिक्षु सिपाहियों की बाह्य विषयों की अंतिम परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) खुद मैदान में उतरे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे साफ पता चलता है कि प्रशासन किसी भी तरह की गलती करने के मूड में नहीं है.


एसएसपी संजय कुमार वर्मा का सख्त निरीक्षण

16 मार्च 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मो संजय कुमार वर्मा पुलिस लाइन पहुंचकर परीक्षा से संबंधित तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हर पहलू की बारीकी से जांच की, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था की गुंजाइश न रहे.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि मुज़फ्फरनगर पुलिस परीक्षा 2026 प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी होनी चाहिए तथा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।


सुरक्षा से लेकर बैठने तक की हर व्यवस्था की जांच कर रहे हैं

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया.

  • परीक्षा केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था

  • अभ्यर्थियों के लिए सुव्यवस्थित बैठने की योजना

  • परीक्षा कक्षों की सफाई

  • आवश्यक अभिलेखों एवं दस्तावेजों की उपलब्धता

प्रत्येक व्यवस्था की सावधानीपूर्वक जांच की गई ताकि परीक्षा के दिन कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।


अनुशासन बनाए रखने के सख्त निर्देश

परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान कोई गड़बड़ी या अराजकता न हो.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया मुज़फ्फरनगर पुलिस परीक्षा 2026 यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


पारदर्शिता पर विशेष जोर

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाये रखना सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने के निर्देश दिये।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण एवं अनुकूल माहौल मिले ताकि वे बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें.


अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया निरीक्षण

इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ और प्रति निरीक्षक उदल सिंह अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर व्यवस्थाओं का आकलन किया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिये।


परीक्षा 26 मार्च से शुरू होगी

प्रशिक्षु सिपाहियों की बाह्य विषयों की अंतिम परीक्षा 26 मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है। यह परीक्षा पुलिस प्रशिक्षण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें उम्मीदवारों की अंतिम क्षमता का आकलन किया जाएगा।

इसलिए प्रशासन इसे किसी भी कीमत पर निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना चाहता है.


पुलिस प्रशासन की सख्ती से आत्मविश्वास बढ़ा

मुज़फ्फरनगर पुलिस परीक्षा 2026 इसे लेकर जिस तरह से प्रशासन सक्रिय दिख रहा है, उससे साफ है कि परीक्षा की विश्वसनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है.

इस तरह की कठोरता और तैयारी से न केवल उम्मीदवारों का आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है।


उम्मीदवारों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर ध्यान दें

प्रशासन की कोशिश है कि परीक्षा के दौरान सभी अभ्यर्थियों को बेहतर और शांतिपूर्ण माहौल मिले. इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है.

इससे उम्मीद है कि परीक्षा बिना किसी बाधा के सकुशल संपन्न हो जायेगी.


मुजफ्फरनगर में होने जा रही प्रशिक्षु सिपाहियों की यह परीक्षा न सिर्फ अभ्यर्थियों के करियर के लिए अहम है, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता की भी परीक्षा है. एसएसपी और प्रशासनिक टीम की सक्रियता से संकेत मिलता है कि इस बार परीक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न होगी.

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उत्तराखंड का मौसम: एक बार फिर मैदानों से लेकर पहाड़ों तक बढ़ेगा पारा, दो से तीन डिग्री की होगी बढ़ोतरी

उत्तराखंड में हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी से लोगों को ठंड का एहसास तो हुआ लेकिन अब गर्मी बढ़ने की आशंका है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले एक-दो दिनों में मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक पारा चढ़ेगा. बुधवार को पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है.

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मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 18 मार्च को चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है।

चारधाम यात्रा: दर्शन के लिए बनेगी एसओपी; गर्भगृह और परिसर में फोटो-वीडियो पर रोक, पूजा शुल्क में बढ़ोतरी

आने वाले दिनों की बात करें तो 23 मार्च तक राज्य के पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा. मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। मंगलवार को भी मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर और पहाड़ी इलाकों में सामान्य से नीचे रहा.

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मासूम बन रहे आसान शिकार: अपने ही लोगों के हाथों बच्चों की दर्दनाक हत्या हो रही है.

हाल ही में लखनऊ और आसपास के इलाकों में सामने आए मामलों ने समाज को झकझोर कर रख दिया है. छोटे और मासूम बच्चे, जिनका शरीर कोमल और दिमाग अपरिपक्व होता है, आज अपराधियों के लिए सबसे आसान निशाना बन रहे हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि कई बार ये अपराधी कोई बाहरी नहीं, बल्कि उनके अपने माता-पिता या परिवार के सदस्य होते हैं। सौतेला व्यवहार और पारिवारिक विवाद बच्चों के लिए घातक साबित हो रहे हैं।

अपने ही लोगों से बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पहली पत्नी के बच्चों के साथ सौतेला व्यवहार कभी-कभी अत्यधिक क्रूरता में बदल जाता है। कुछ मामलों में पिता भी अपने बच्चों की सुरक्षा करने के बजाय उनके लिए ख़तरा बन जाते हैं। पारिवारिक कलह और नए रिश्तों की जटिलताएँ बच्चों के जीवन पर भारी असर डालती हैं। ऐसे में मासूम बच्चों की जान सुरक्षित नहीं है.

लखनऊ में चार साल के बच्चे की हत्या
लखनऊ के चौक इलाके के लाजपत नगर में 13 मार्च 2026 को चार साल के कर्णव की हत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया था. इस मामले में किसी बाहरी अपराधी का नहीं बल्कि उसके अपने पिता भीष्म खरबंदा और सौतेली मां रागिनी खरबंदा का नाम सामने आया था. आरोप है कि दोनों ने काफी देर तक बच्चे को प्रताड़ित किया और फिर बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी. मासूम बच्चे के शरीर पर 15 से ज्यादा चोट के निशान पाए गए और उसकी मौत फ्रैक्चर से होने की पुष्टि हुई.

सीतापुर में मां बनी बेटी की दुश्मन
14 मार्च 2026 को सीतापुर जिले के हुसैनगंज इलाके में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद के चलते मां वंदना अपनी छह माह की बेटी को गोद में लेकर घर से निकली और उसे नहर में फेंक दिया. इस घटना में मासूम बच्चे की मौत हो गई. बताया गया कि पति विपिन कुमार और वंदना के बीच काफी समय से अनबन चल रही थी।

समाज के लिए गंभीर चेतावनी
इन दोनों घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि अब मासूम बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा अक्सर उनके अपने बच्चे ही होते हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इन घटनाओं ने समाज को गहरी सोच में डाल दिया है. ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

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