भजन कुटी में मासूम से हैवानियत…वीडियो वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूटा, आरोपी बाबा की सड़क पर जमकर पिटाई.

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जैंत थाना क्षेत्र के एक गांव में भजन कुटी में रहने वाले एक व्यक्ति पर मासूम बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, आरोपियों ने बच्चे को धमकी भी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो उसे जान से मार दिया जाएगा. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया. इसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है.

सामान ऑर्डर करने के बहाने कॉटेज में बुलाया।
पीड़ित बच्चे के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह घटना 6 मार्च 2026 की है. उस दिन उनका बेटा घर के पास खेल रहा था. आरोप है कि गांव के लाठीवाली मढ़ी स्थित साधु बाबा भजन कुटी में रहने वाले कृष्ण दास ने बच्चे को सामान मांगने के बहाने झोपड़ी के अंदर बुलाया. पिता का कहना है कि बच्चे को अंदर बुलाने के बाद आरोपियों ने उसे धमकाया और झोपड़ी में बंद कर दिया. इसके बाद उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया गया.

मासूम बच्ची डर के कारण कई दिनों तक चुप रही
शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद आरोपी ने बच्चे को सख्त धमकी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे मार डालेगा. इसी डर से मासूम बच्ची कई दिनों तक घर में किसी को कुछ नहीं बता सकी. हालांकि, कुछ देर बाद परिवार वालों को बच्चे के व्यवहार में बदलाव और घबराहट नजर आई। जब परिजनों ने उससे सख्ती से पूछा तो बच्चे ने उन्हें पूरी आपबीती बता दी. यह सुनकर परिवार के लोग हैरान और परेशान हो गए।

वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया
इस घटना को और भी चौंकाने वाली बात ये है कि इस घिनौनी हरकत का किसी ने वीडियो भी बना लिया. बाद में यह वीडियो इलाके में वायरल हो गया. जब ये वीडियो पीड़ित परिवार के मोबाइल फोन तक पहुंचा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. इसके बाद बच्ची के पिता जैंत थाने पहुंचे और आरोपी कृष्णा दास के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

आरोपी की गिरफ्तारी से ग्रामीण आक्रोशित हो गये
घटना की जानकारी फैलते ही गांव में भारी आक्रोश फैल गया. इस बात को लेकर ग्रामीण काफी नाराज दिखे. बताया जा रहा है कि जैंत थाना पुलिस जब आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर रही थी तो गुस्साए ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.

Source link

मुजफ्फरनगर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेरक कार्यक्रम: महिलाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का संदेश

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, केशवपुरी की ओर से रविवार को ब्रह्माकुमारी ध्यान केंद्र बामनहेड़ी में प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “महिला सशक्तिकरण बेहतर समाज की आधारशिला है।थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के जरिए आगे बढ़ने का संदेश दिया गया.

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके भीतर मौजूद आध्यात्मिक और सामाजिक शक्ति का एहसास कराना और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इसे एक प्रेरणादायक और सार्थक आयोजन बना दिया।


नारी शक्ति से ही समाज का विकास संभव है

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यशी गर्गखंड कार्यवाह समिति, राष्ट्रीय सेविका समिति (चरथावल) उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने से ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास संभव है.

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, व्यवसाय, सामाजिक कार्य सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। यदि महिलाओं को सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं।

उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर प्रयास से उन्हें हासिल करने के लिए आगे बढ़ने का आग्रह किया।


शिक्षा एवं स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया गया

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए पूर्व प्रोफेसर डॉ. चित्रा चौधरी महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया.

उन्होंने कहा कि शिक्षा न केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम है, बल्कि यह स्वावलंबन और स्वाभिमान का मार्ग भी प्रशस्त करती है। यदि महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तो वे अपने परिवार और समाज दोनों को मजबूत कर सकती हैं।

उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास और शिक्षा के सहारे वे जीवन में किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।


महिला समाज की आधारशिला : राजयोगिनी जयंती दीदी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजयोगिनी जयंती दीदी उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि महिलाएं न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की आधारशिला हैं।

उन्होंने कहा कि नारी के अंदर प्रेम, करुणा, सहनशीलता और त्याग जैसे दिव्य गुण स्वाभाविक रूप से विद्यमान होते हैं। जब एक महिला अपनी आंतरिक शक्ति और स्वाभिमान को पहचान लेती है तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरक शक्ति बन जाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल अधिकारों की प्राप्ति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंदर आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


राजयोग मेडिटेशन से मानसिक शक्ति मिलती है

राजयोगिनी जयंती दीदी ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय राजयोग ध्यान महिलाओं को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि जब एक महिला अपने मन को शक्तिशाली और शांत बना लेती है तो वह जीवन की हर परिस्थिति का सामना धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर सकती है। इससे न केवल उनका निजी जीवन बेहतर होता है बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक माहौल बनता है।


माँ परिवार की प्रथम गुरु होती है

अपने संबोधन में राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि महिला ही परिवार की प्रथम गुरु होती है। बच्चे सबसे पहले संस्कार अपनी माँ से सीखते हैं।

यदि मां स्वयं सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण होगी तो वह आने वाली पीढ़ी को सर्वोत्तम संस्कार दे सकेगी। इसलिए महिलाओं को अपने मानसिक और आध्यात्मिक विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता को अपनाती हैं तो उनका व्यक्तित्व और अधिक प्रभावशाली हो जाता है।


महिलाओं की आंतरिक शक्ति को पहचानने का संदेश

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं को संदेश दिया कि वे अपने अंदर छिपी दैवीय शक्तियों को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि हर महिला में अपार शक्ति और क्षमता होती है। जब एक महिला अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास को पहचान लेती है तो वह परिवार और समाज दोनों में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।


दिव्य गीत-संगीत से मिला आध्यात्मिक संदेश

कार्यक्रम के दौरान प्रेरणादायी भाषणों के साथ-साथ दिव्य गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक संदेश दिया गया।

गीत-संगीत एवं आध्यात्मिक माहौल ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मक सोच का अनुभव हुआ।


महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम में क्षेत्र की कई महिलाओं एवं गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किये और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर चर्चा की। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को एक मंच प्रदान किया जहां वे अपनी क्षमताओं और अनुभवों को साझा कर सकती थीं।


Source link

सर, पापा को रोकें… 12वीं की छात्रा ने खोली पापा की 6 शादियों की पोल, अब 7वीं शादी की तैयारी

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. आमतौर पर बच्चे अपने माता-पिता की शादी की सालगिरह मनाते हैं, लेकिन यहां 12वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने ही पिता की शादी रुकवाने के लिए पुलिस से गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि उसके 55 साल के पिता सातवीं शादी करने की तैयारी में हैं. बेटे ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा कि उसके पिता को रोका जाए क्योंकि वह बार-बार शादी करते हैं और अब भी रुकने वाले नहीं हैं। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में यह चर्चा का विषय बन गया है.

बेटे ने लगाए छह शादियां करने के आरोप
ये पूरा मामला आज़मगढ़ के एक गांव का है. शिकायत करने वाले छात्र के मुताबिक, उसके पिता अब तक छह शादियां कर चुके हैं। खास बात यह है कि शिकायत करने वाला बेटा खुद पिता की तीसरी पत्नी से पैदा हुआ है। बेटे का कहना है कि उसके पिता ने इसी साल 2024 में छठी शादी की थी. लेकिन वह पत्नी कुछ ही दिनों में घर छोड़कर चली गई. बेटे का आरोप है कि उन्होंने जमीन और आभूषण की मांग की थी और जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह घर छोड़कर चली गईं. इसके बावजूद पिता ने हार नहीं मानी और अब सातवीं शादी की तैयारी में लगे हुए हैं.

सातवीं शादी के लिए जमीन बेचने की तैयारी
बेटे की चिंता सिर्फ अपने पिता की बार-बार शादी को लेकर नहीं है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी है। उसका आरोप है कि सातवीं शादी का खर्च उठाने के लिए उसके पिता पुश्तैनी जमीन बेचने पर आमादा हैं। बेटे का दावा है कि जमीन बेचने के लिए पिता ने 50 हजार रुपये एडवांस भी ले लिया है. उन्होंने यह भी बताया कि परिवार की आधी जमीन पहले ही गिरवी रखी जा चुकी है. वह उस जमीन का कर्ज भी चुका रहा है. बेटे के मुताबिक अगर जमीन बिक गई तो परिवार की हालत खराब हो जाएगी।

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है
जब यह मामला एसपी ग्रामीण चिराग जैन तक पहुंचा तो कहानी का दूसरा पहलू सामने आया. पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक से अधिक शादियों का मामला नहीं हो सकता, बल्कि जमीन-जायदाद के बंटवारे से जुड़ा विवाद भी हो सकता है. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. इसके अलावा पिता की शादी और जमीन सौदे से जुड़े रिकार्ड की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि असल मामला क्या है.

अश्वनी तिवारी

अश्वनी तिवारी यूपी न्यूज नेटवर्क में उप-संपादक हैं। वह राजनीति, अपराध, खेल, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। उन्हें मीडिया जगत में 2 साल का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ उन्हें वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। सुमनटीवी ने हैदराबाद (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ काम किया है और ZEE न्यूज़ और इंडिया वॉच जैसे प्रतिष्ठित समाचार संगठनों में इंटर्नशिप का अनुभव प्राप्त किया है। पिछले 1 वर्ष से वह यूपी न्यूज नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी से पढ़ाई कर चुके अश्विनी तिवारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं जो दर्शकों को तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, जमीनी मुद्दे और सटीक जानकारी प्रदान करती है। उनका जन्मस्थान वाराणसी है, जबकि अपने काम के दौरान उन्होंने कई शहरों में रहकर पत्रकारिता की है।

Source link

स्वास्थ्य सेवाओं की जांच मुजफ्फरनगर सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने सीएचसी मखियाली और जिला अस्पताल इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया

मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण इसको लेकर जिले में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय नजर आ रहा है. जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. डॉ. सुनील तेवतिया मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मो सीएचसी मखियाली मुख्यालय और जिला अस्पताल परिसर में स्थित है आपातकालीन सेवाएं औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के इस औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जिले के अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले और स्वास्थ्य सेवाओं में कोई लापरवाही न हो.


सीएचसी मखियाली में व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया

मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया प्रथम के अधीन सीएचसी मखियाली मुख्यालय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का गहनता से निरीक्षण किया.

वह अस्पताल गया ओपीडी सेवाएं, आपातकालीन कक्ष, दवा वितरण काउंटर और पैथोलॉजी लैब व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध करायी जाये.

सीएमओ ने अस्पताल में मौजूद उपकरणों की स्थिति और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए.


कोल्ड चेन रूम की भी जांच की गई

निरीक्षण के दौरान मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण अस्पताल में स्थित सी.एम.ओ. के अधीन कोल्ड चेन रूम निरीक्षण भी किया।

कोल्ड चेन रूम वह स्थान है जहां विभिन्न प्रकार के टीकों को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है। उन्होंने वैक्सीन भंडारण व्यवस्था, तापमान रजिस्टर और संबंधित उपकरणों की स्थिति की बारीकी से जांच की।

सीएमओ ने निर्देश दिया कि वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन सिस्टम का पूरी तरह से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि टीकों के संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं.


मरीजों एवं तीमारदारों से बातचीत

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने उनसे अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं और इलाज की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले हर मरीज की जांच होनी चाहिए समय पर, उचित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार बनाए रखना स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी है. अस्पताल में आने वाला हर व्यक्ति बेहतर सेवा और सम्मानजनक इलाज का हकदार है।


आयुष्मान भारत योजना को लेकर दिये गये विशेष निर्देश

मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण इस दौरान सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया आयुष्मान भारत योजना इसके तहत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के भी निर्देश दिये गये।

उन्होंने कहा कि इस योजना से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस योजना का लाभ उठा सकें।

सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मियों को इस योजना के बारे में लोगों को जागरूक करने और पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।


जिला अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं का भी निरीक्षण किया

मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएचसी मखियाली का निरीक्षण कर इं जिला अस्पताल मुजफ्फरनगर के परिसर में स्थित है आपातकालीन सेवाएं औचक निरीक्षण भी किया।

इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्था, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच की.

सीएमओ ने सुनिश्चित किया कि आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों।


दवाओं के स्टॉक और उपकरणों की जांच की गई

मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण सीएमओ के अधीन इमरजेंसी में दवाएं उपलब्ध हैं औषधि भंडार अवलोकन भी किया।

उन्होंने सुनिश्चित किया कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

इसके साथ ही उन्होंने ड्रेसिंग बॉक्स आईसीयू में उपलब्ध सामग्री की भी जांच की और अधिकारियों को सभी आवश्यक चिकित्सा सामग्री को समय-समय पर अद्यतन रखने का निर्देश दिया।


ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की उपस्थिति की समीक्षा की गयी

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति का भी जायजा लिया.

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। इमरजेंसी में आने वाले मरीज प्राथमिकता के आधार पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों को बेहतर एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है.


अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया

मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण इस दौरान सीएमओ ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है क्योंकि इससे मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं और संक्रमण का खतरा भी कम होता है।

उन्होंने अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।


स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना विभाग की प्राथमिकता है

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे कदम उठाए जाते रहते हैं। औचक निरीक्षण किया जाता रहेगा.

इसके जरिए अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है और जहां भी कमियां होती हैं, उन्हें तुरंत दूर करने के निर्देश दिए जाते हैं.


मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में किया गया यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता को दर्शाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी अस्पतालों में मरीजों को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके लिए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनका विश्वास मजबूत हो सके।

Source link

सपने में जीजा ने पकड़ लिया था… 7 साल बाद कोर्ट में पलटी साली, एयरफोर्स कर्मी बरी

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक एयरफोर्स कर्मी को अपनी ही नाबालिग साली से छेड़छाड़ के आरोप में करीब सात साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। इस दौरान उन्हें 19 दिन जेल में भी बिताने पड़े। शनिवार को अदालत ने उन्हें तब बरी कर दिया जब पीड़िता ने खुद अदालत में स्वीकार किया कि जो उसे बताया गया था वह वास्तव में एक सपना था। पीड़िता के इस बयान के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने एयरफोर्स कर्मी को बाइज्जत बरी कर दिया.

शादी के बाद भाभी भी घर में रहने आ गईं
जानकारी के मुताबिक, यह मामला कानपुर के बिठूर इलाके का है. आरोपी युवक फिलहाल पुणे में एयरफोर्स में कॉर्पोरल के पद पर तैनात है। फरवरी 2019 में उसकी शादी हो गई। शादी के कुछ दिन बाद उसकी 15 साल की नाबालिग भाभी भी उनके साथ रहने आ गई। बताया जा रहा है कि 8 मार्च 2019 की रात अचानक लड़की जोर-जोर से चिल्लाने लगी. उसने आरोप लगाया कि उसके जीजा ने उसे सोते समय पकड़ लिया और उसके साथ दुराचार किया। इस घटना के करीब पांच महीने बाद पीड़िता के पिता ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

कोर्ट में पीड़िता के बयान से बड़ा मोड़
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत में शुरू हुई. इसी बीच पीड़िता के बयान ने पूरे मामले को पलट दिया. लड़की ने कोर्ट को बताया कि उस रात करीब 9 बजे उसने एंटीबायोटिक दवा ली थी और सो रही थी. उसी दौरान उसे सपना आया कि उसके जीजा ने उसे पकड़ लिया है. तभी वो डर गयी और चिल्लाने लगी. उन्होंने कोर्ट से साफ कहा कि यह सिर्फ एक सपना था और हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ था.

परिवार ने भी माना कि भ्रम की स्थिति थी
मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब पीड़िता के पिता और उसकी बड़ी बहन यानी आरोपी की पत्नी ने भी कोर्ट में बयान दिए. उन्होंने माना कि उन्होंने सिर्फ भ्रम और गलतफहमी के आधार पर केस दायर किया था. बाद में उन्हें एहसास हुआ कि घटना वास्तव में नहीं हुई थी।

7 साल की कानूनी लड़ाई और 19 दिन जेल में
वरिष्ठ वकील करीम अहमद सिद्दीकी के मुताबिक, वायुसेना कर्मियों को इस गलतफहमी की भारी कीमत चुकानी पड़ी. नवंबर 2019 में उनके खिलाफ मारपीट, मानहानि और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों पर आरोप तय किए गए थे. इस दौरान उन्हें 19 दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा. हालांकि, अब कोर्ट ने सभी गवाहों और पीड़िता के बयान को देखते हुए उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया है.

Source link

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर मुजफ्फरनगर में जागरूकता रैली, जिला जज वीरेंद्र कुमार सिंह ने दी हरी झंडी

राष्ट्रीय लोक अदालत मुजफ्फरनगर इसे लेकर जिला न्यायालय परिसर में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. अगली पंक्ति में राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च 2026 सफल आयोजन एवं जन जागरूकता के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर में एक विशेष रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्घाटन जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर वीरेंद्र कुमार सिंह हरी झंडी दे दी.

इस अवसर पर न्यायालय परिसर में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों ने लोक अदालत के महत्व एवं इसके माध्यम से मिलने वाले त्वरित न्याय का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया. रैली के माध्यम से लोगों को बताया गया कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां आपसी सहमति के आधार पर विवादों का निपटारा किया जाता है.


राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों को जागरूक करने की पहल

राष्ट्रीय लोक अदालत मुजफ्फरनगर इस रैली का आयोजन विशेष रूप से लोगों को इस आयोजन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था। रैली में शामिल प्रचार वाहन और न्यायालय से जुड़े प्रतिनिधि शहर के विभिन्न इलाकों में गये और नागरिकों को लोक अदालत के बारे में जानकारी दी.

रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से वे अपने पुराने और लंबित मामलों का निपटारा बहुत ही सरलता और कम समय में कर सकते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि लोक अदालत में फैसले आपसी सहमति के आधार पर लिये जाते हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य बना रहता है.


जिला जज वीरेंद्र कुमार सिंह ने लोक अदालत का महत्व बताया

रैली के शुभारंभ के अवसर पर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष बीरेंद्र कुमार सिंह सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत जहां न्याय व्यवस्था का एक माध्यम है हार-जीत का कोई सवाल ही नहीं हैबल्कि दोनों पक्ष आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अपने विवादों को सुलझाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जब वादकारी आपसी सहमति से विवाद का निपटारा करते हैं तो न केवल उनके बीच आपसी सौहार्द कायम रहता है बल्कि उनका कीमती समय और संसाधन भी बच जाते हैं।


त्वरित एवं आसान न्याय का सशक्त माध्यम

राष्ट्रीय लोक अदालत मुजफ्फरनगर इसकी जानकारी देते हुए जिला जज ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम जनता की मदद करना है. सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना होगा.

कई बार अदालतों में मुकदमों की लंबी प्रक्रिया के कारण लोगों को न्याय के लिए सालों तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में लोक अदालत एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरती है जहां बहुत कम समय में विवादों का समाधान संभव हो जाता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों को लोक अदालत में पेश कर आपसी सहमति से निपटायें.


राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को आयोजित होगी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बताया गया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत मुजफ्फरनगर संगठित 14 मार्च 2026, दूसरा शनिवार पर किया जाएगा.

यह आयोजन केवल जिला न्यायालय परिसर तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के विभिन्न न्यायिक केंद्रों पर भी आयोजित किया जायेगा. इसके अंतर्गत निम्नलिखित स्थानों पर लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा:

  • सिविल न्यायालय परिसर, मुजफ्फरनगर

  • बाह्य न्यायालय, बुढ़ाना

  • ग्राम न्यायालय, जानसठ

  • ग्राम न्यायालय, खतौली

  • कलक्ट्रेट परिसर, मुज़फ्फरनगर

इन सभी जगहों पर विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर किया जायेगा.


कई तरह के मामले सुलझेंगे

राष्ट्रीय लोक अदालत मुजफ्फरनगर इस दौरान कई तरह के मामले सुलझाए जाएंगे. इनमें आपराधिक मामलों से लेकर सिविल विवाद तक कई श्रेणियां शामिल हैं।

लोक अदालत में जिन मामलों का निपटारा किया जाएगा उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • आपराधिक मामलों से संबंधित विवाद

  • धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामले

  • बैंक वसूली संबंधी मामले

  • मोटर दुर्घटना मुआवज़ा याचिकाएँ

  • टेलीफोन, बिजली और पानी के बिल से संबंधित विवाद

  • वैवाहिक विवाद

  • भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले

  • राजस्व वाद

  • अन्य सिविल मामलों का समाधान

इन मुकदमों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाएगा, ताकि वादकारियों को जल्द राहत मिल सके।


रैली में कई न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे

इस अवसर पर कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में अपर जिला जज सीताराम, कनिष्क कुमार सिंह, काशिफ़ शेख, श्रीमती रेखा सिंह, श्रीमती दिव्या भार्गव, श्रीमती मंजुला भालोटिया, कमलापति प्रजापति, रवि कुमार दिवाकर (नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत) समेत कई न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे.

इसके अलावा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. देवेन्द्र सिंह फौजदार, डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी (सिविल जज सीडी/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर) और सोनम गुप्ता (अपर सिविल जज) कार्यक्रम में न्यायालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हुए।


लोक अदालत से लोगों को बड़ी राहत मिलती है

राष्ट्रीय लोक अदालत मुजफ्फरनगर ऐसे आयोजनों से आम लोगों को न्याय प्रक्रिया में बड़ी राहत मिलती है। लोक अदालत के माध्यम से न केवल मामलों का तेजी से निपटारा होता है बल्कि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या भी कम हो जाती है।

इसके अलावा वादकारियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और अधिक खर्च से भी राहत मिलती है। यही कारण है कि लोक अदालत को पूरे देश में न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी माध्यम माना जाता है।


मुजफ्फरनगर में आयोजित इस जागरूकता रैली को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामले प्रस्तुत करें और आपसी समझौते के आधार पर उनका निपटारा कराएं, ताकि न्याय प्रक्रिया सरल, तेज और प्रभावी हो सके और समाज में सद्भाव और विश्वास की भावना मजबूत हो सके।

Source link

चार्जशीट के पेज 231 ने बढ़ाई सनसनी… इंस्पेक्टर अरुण राय केस में सामने आया सुसाइड नोट, उलझी मौत की गुत्थी

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के चर्चित इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड में दाखिल की गई चार्जशीट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में हत्या के आरोप के साथ एक सुसाइड नोट का भी जिक्र किया गया है. बताया जा रहा है कि यह सुसाइड नोट घटना से आठ दिन पहले यानी 27 नवंबर 2025 का है. चार्जशीट के पेज नंबर 231 पर दर्ज इस सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अरुण राय ने चंचल चौबे नाम के शख्स पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात लिखी है. इस खुलासे के बाद पूरे मामले को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है.

आरोपी कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा कोर्ट में पेश हुईं
इस मामले में पुलिस ने समय सीमा के आखिरी दिन शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक खरे की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. सोमवार को आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को उरई जिला जेल से पुलिस वैन से कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के दौरान उन्होंने काली टी-शर्ट, गुलाबी लोअर और चप्पल पहन रखी थी. कोर्ट परिसर में पहुंचते ही उनके चेहरे पर घबराहट साफ झलक रही थी. कोर्ट में पेशी के बाद उसने अपना चेहरा मास्क से ढक लिया।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आपत्ति जताई
दोपहर करीब 3.02 बजे मीनाक्षी शर्मा को कोर्ट में पेश किया गया. तीन मिनट बाद उनके वकील शिवेश सिंह सेंगर ने बीएनएसएस की धारा 230 के तहत अर्जी दाखिल की. उन्होंने अदालत को बताया कि आरोप पत्र से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां उन्हें अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, इसलिए मामला सत्र न्यायालय को नहीं सौंपा जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से जवाब मांगा. अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सभी दस्तावेज पहले ही पेश किये जा चुके हैं.

चार सुनवाई के बाद कोर्ट का फैसला
मामले की कुल चार बार सुनवाई हुई. दोपहर करीब 3.29 बजे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मीनाक्षी शर्मा को अपने सामने बुलाया. वह करीब छह मिनट तक कोर्ट के सामने खड़ी रहीं. बाद में वह कोर्ट में रखी बेंच पर बैठ गईं और पुलिसकर्मियों से बात करती नजर आईं. सभी चार सुनवाई के बाद, अदालत ने शाम 4:05 बजे बचाव पक्ष के आवेदन को खारिज कर दिया और आरोप पत्र सत्र अदालत को सौंप दिया। अगली सुनवाई की तारीख 25 मार्च 2026 तय की गई है.

287 पेज की केस डायरी में 38 गवाहों के बयान
पुलिस की ओर से दाखिल 287 पेज की केस डायरी और चार्जशीट में कुल 38 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं. इनमें इंस्पेक्टर अरुण राय की पत्नी माया राय, हेड इंस्पेक्टर प्रेम नारायण, उनके भाई अरविंद और भतीजे प्रशांत समेत कई अन्य के बयान शामिल हैं. आरोप पत्र में शामिल सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अरुण राय ने लिखा है कि उन्होंने अपने बहनोई और सहकर्मियों से पैसे लेकर महाराजगंज निवासी शिवभूषण चौबे उर्फ ​​चंचल चौबे को दिए थे. आरोप है कि उन्होंने मकान आवंटित करने और प्रॉपर्टी में निवेश करने का वादा किया था. लेकिन पैसे लेने के बाद उसने न तो रकम वापस की और न ही कोई जवाब दिया, जिससे इंस्पेक्टर मानसिक रूप से परेशान था.

सुसाइड नोट को लेकर अलग-अलग दावे
इस मामले में आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा के वकील शिवेश सिंह सेंगर का कहना है कि उनके मुवक्किल को गलत फंसाया गया है. उनका दावा है कि सुसाइड नोट से साफ है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है. उधर, जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार का कहना है कि सुसाइड नोट का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि यह जांच का हिस्सा है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी. फिलहाल पुलिस इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

Source link

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग-2 में रोमांचक मुकाबला: मेडिकल मेवरिक्स ने देवभूमि रॉयल्स को 2 विकेट से हराया

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रेमियों को एक और रोमांचक मैच देखने को मिला, जहां स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं ने मैदान पर दमदार प्रदर्शन किया और दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित किया गया मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग-2 मेडिकल मेवरिक्स के 27वें मैच में मेडिकल मेवरिक्स की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देवभूमि रॉयल्स को बेहद रोमांचक मुकाबले में हरा दिया. 2 विकेट से हार गई महत्वपूर्ण विजय प्राप्त की। मैच का नतीजा आखिरी ओवरों में निकला, जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की सांसें अटक गईं और पूरे मैदान में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.

यह मैच शुरू से ही काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा. दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने जीत हासिल करने के लिए मैदान पर पूरा दमखम दिखाया. बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच लगातार बदलते समीकरणों ने मैच को और भी रोमांचक बना दिया.


मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग में देवभूमि रॉयल्स की बल्लेबाजी

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरे देवभूमि रॉयल्स टीम ने संतुलित शुरुआत करने की कोशिश की. शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए टीम पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की, लेकिन मेडिकल मेवरिक्स के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा.

देवभूमि रॉयल्स टीम 18.4 ओवर में 139 रन इसे बनाने के बाद पूरी टीम आउट हो गई। टीम से मोहम्मद अरीब शानदार बल्लेबाजी और तेजतर्रार शैली का प्रदर्शन किया 21 गेंदों में 35 रन इसे बनाएं। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले, जिससे टीम का स्कोर तेजी से बढ़ा.

इसके अलावा बादल सिंह जिम्मेदारी भरी पारी भी खेली 28 रन योगदान दिया. दोनों बल्लेबाजों ने मध्यक्रम में टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन मेडिकल मावेरिक्स के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया.


यशु प्रधान की घातक गेंदबाजी

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग इस मैच में मेडिकल मावेरिक्स की जीत की नींव उनके गेंदबाजों ने रखी थी. विशेष रूप से यशु प्रधान उन्होंने शानदार गेंदबाजी की और विपक्षी बल्लेबाजों को परेशानी में डाल दिया.

यशु प्रधान अपने चार ओवर के स्पेल में 24 रन पर 5 विकेट हासिल किया. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और तेज गेंदों ने देवभूमि रॉयल्स के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

मैच के दौरान उन्होंने कई अहम विकेट लेकर विपक्षी टीम के मध्यक्रम को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया. उनकी शानदार गेंदबाजी के चलते देवभूमि रॉयल्स की टीम बड़ा स्कोर बनाने से चूक गई.

इसके अलावा आर्यन डोडल बेहतरीन गेंदबाजी का भी प्रदर्शन किया 3 विकेट अपना नाम बनाया और टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


लक्ष्य का पीछा करने के लिए मेडिकल विशेषज्ञ संघर्ष करते हैं

139 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेडिकल मावेरिक्स शुरुआत में टीम को कुछ झटके लगे, लेकिन टीम के बल्लेबाजों ने संयम और धैर्य से खेलते हुए मैच में वापसी की.

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग इस मैच में मेडिकल मावेरिक्स के कप्तान वैभव त्यागी उत्कृष्ट नेतृत्व का परिचय दिया. उन्होंने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की 43 गेंदों में 48 रन अहम पारी खेली.

उनकी पारी में कई आकर्षक चौके शामिल रहे और उन्होंने टीम को जीत की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई.

मध्यक्रम में दिनेश कुमार ने भी उपयोगी योगदान दिया 29 गेंदों में 24 रन इसे बनाएं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में संयम के साथ बल्लेबाजी की और टीम को लक्ष्य के करीब ले गये.


मयंक देशवाल की निर्णायक पारी

मैच के आखिरी चरण में जब मुकाबला काफी रोमांचक हो गया था मयंक देशवाल उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

वे नाबाद 28 रन टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया. उनकी पारी बेहद अहम साबित हुई क्योंकि आखिरी ओवरों में मैच किसी भी दिशा में जा सकता था.

अंततः मेडिकल मावेरिक्स की टीम 20 ओवर में 145 रन प्रतियोगिता मेरे नाम कर दी और 2 विकेट से जीत प्रविष्टि की।


देवभूमि रॉयल्स की गेंदबाजी

मैच में देवभूमि रॉयल्स के गेंदबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और मेडिकल मेवरिक्स के बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका नहीं दिया।

टीम से निगम चौधरी और हर्ष भाटी शानदार गेंदबाजी 2-2 विकेट हासिल किया. दोनों गेंदबाजों ने विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने की पूरी कोशिश की, लेकिन अंत में टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सके.


मैन ऑफ द मैच यशु प्रधान बने

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग इस मैच में शानदार गेंदबाजी के लिए. यशु प्रधान को मैन ऑफ द मैच चुना.

यह सम्मान उन्हें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा के हाथों प्रदान किया गया। यशु प्रधान के शानदार प्रदर्शन को दर्शकों और आयोजकों ने खूब सराहा।


हर्ष भाटी को फाइटर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला

मैच में जुझारू प्रदर्शन के लिए हर्ष भाटी को मैच का फाइटर पुरस्कृत किया गया।

यह सम्मान उन्हें मुजफ्फरनगर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव द्वारा उपलब्ध कराया गया। यह पुरस्कार उन्हें मैच के दौरान उनके जुझारू प्रदर्शन को देखते हुए दिया गया।


मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग से उभर रही हैं नई क्रिकेट प्रतिभाएं

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग यह स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा मंच बन रहा है। इस टूर्नामेंट के माध्यम से जिले के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है.

मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम में आ रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह भी बढ़ रहा है. स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले ऐसे टूर्नामेंट न केवल खेलों को बढ़ावा देते हैं बल्कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित भी करते हैं।


मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग-2 के इस रोमांचक मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्थानीय क्रिकेट में प्रतिभा और रोमांच की कोई कमी नहीं है। मेडिकल मावेरिक्स और देवभूमि रॉयल्स के बीच खेले गए इस मैच ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा. टूर्नामेंट के आगामी मैचों को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में काफी उत्साह है और उम्मीद है कि आने वाले मैचों में भी ऐसे ही रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे.

Source link

तीन साल बाद खुला निर्यात बाजार, पश्चिम एशिया युद्ध से 1600 करोड़ का कारोबार खतरे में

तीन साल बाद उत्तर प्रदेश में गेहूं और गेहूं उत्पादों के निर्यात का रास्ता खुला था, लेकिन अब पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के कारण इस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. भारत सरकार ने वर्ष 2026 में सीमित मात्रा में गेहूं और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी थी। राज्य के व्यापारियों और आटा उद्योग को इससे काफी उम्मीदें थीं। लेकिन समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों, महंगे बीमा और शिपिंग संकट के कारण खाड़ी देशों को निर्यात अब अनिश्चित हो गया है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के गेहूं व्यापार और मिलिंग उद्योग पर पड़ रहा है.

युद्ध के कारण निर्यात सौदे स्थगित होने लगे
निर्यातक संगठनों के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है. इसके साथ ही युद्ध जोखिम बीमा की लागत भी काफी बढ़ गई है. इसी वजह से कई नए निर्यात सौदे फिलहाल टाल दिए गए हैं. भारत सरकार ने फरवरी 2026 में 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी थी। यह कदम 2022 में लगाए गए प्रतिबंध के बाद निर्यात की आंशिक बहाली जैसा था। सरकार का मानना ​​था कि अच्छे उत्पादन और पर्याप्त भंडार के कारण किसानों को निर्यात के माध्यम से बेहतर कीमत मिलेगी।

यूपी में आटा मिलों का बड़ा नेटवर्क
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव और यूपी रोलर मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक बजाज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक है। यहां आटा और मैदा बनाने वाली मिलों का एक बड़ा नेटवर्क है। गेहूं उत्पादों के निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 25 से 35 फीसदी मानी जाती है. उन्होंने कहा कि राज्य से लगभग 1500 से 1700 करोड़ रुपये के निर्यात की संभावना है.

कई जिलों के उद्योगों को फायदा होना था
अगर निर्यात सामान्य रूप से शुरू होता तो इसका सबसे ज्यादा फायदा कानपुर, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ और बरेली समेत करीब 20 जिलों को मिलता। इन क्षेत्रों में गेहूं आधारित प्रसंस्करण और निर्यात का एक बड़ा नेटवर्क है। यहां की मिलें लंबे समय से खाड़ी देशों को आटा, मैदा और सूजी की आपूर्ति करती रही हैं।

शिपिंग और बीमा लागत बढ़ने की उम्मीद है
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति जारी रही तो शिपिंग लागत 40 से 50 फीसदी तक बढ़ सकती है. साथ ही बीमा प्रीमियम भी दोगुना हो सकता है. ऐसे में तीन साल बाद खुलने जा रहा निर्यात बाजार एक बार फिर प्रभावित हो सकता है और उत्तर प्रदेश के आटा-मैदा उद्योग को बड़ा झटका लग सकता है.

Source link

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग-2 में देवभूमि रॉयल्स की शानदार जीत, आस मोहम्मद के शतक की बदौलत आरपीएल राइडर्स ने 39 रन से हराया।

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग 2 इसके तहत खेले जा रहे मुकाबलों में रोमांच चरम पर पहुंच गया है. यह सीरीज चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेली गई मिलान संख्या-25 देवभूमि रॉयल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आरपीएल राइडर्स को हरा दिया 39 रनों से हार गई इसे करें। इस मैच में बल्लेबाज आस मोहम्मद उनके विस्फोटक शतक ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और उन्होंने मैन ऑफ द मैच की उपाधि भी दी गई।

इस मैच को लेकर स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में काफी उत्साह था. दर्शकों की मौजूदगी और खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन ने मैच को काफी रोमांचक बना दिया.


देवभूमि रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग 2 इस अहम मुकाबले में देवभूमि रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर अपने फैसले को सही साबित किया.

देवभूमि रॉयल्स टीम दृढ़ संकल्पित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 220 रन बहुत बड़ा स्कोर बनाया. टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा.


आस मोहम्मद की धमाकेदार शतकीय पारी

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग 2 इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा आस मोहम्मद की शानदार पारी की हुई. उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया 75 गेंदों में नाबाद 119 रन इसे बनाएं।

उनकी इस पारी में 13 चौके और 5 छक्के शामिल रहें. आस मोहम्मद ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेलकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया.

उनकी पारी ने देवभूमि रॉयल्स को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और टीम को बड़ा स्कोर बनाने में अहम भूमिका निभाई.


अन्य बल्लेबाजों का भी सहयोग मिला

देवभूमि रॉयल्स की पारी में आस मोहम्मद के अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी अहम योगदान दिया.

बादल सिंह वहीं 35 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया हर्ष भाटी 25 रनों की उपयोगी पारी खेली. टीम के कुल स्कोर को 220 रन तक पहुंचाने में इन दोनों बल्लेबाजों के योगदान ने अहम भूमिका निभाई.


आरपीएल राइडर्स गेंदबाजी करते हुए

आरपीएल राइडर्स की ओर से गेंदबाजी में मनीष कश्यप दो विकेट लिए. इसके अलावा आतिफ राणा एक विकेट अपने नाम किया.

हालांकि विपक्षी बल्लेबाजों के आक्रामक प्रदर्शन के सामने गेंदबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा और वे टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से नहीं रोक सके.


221 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरपीएल राइडर्स.

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग 2 इस मैच में 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरपीएल राइडर्स की टीम ने भी जोरदार प्रयास किया.

टीम ने निर्धारित 20 ओवर खेले। 4 विकेट के नुकसान पर 191 रन बनाएँ, लेकिन उद्देश्य के साथ 39 रन पीछे रह गया.


विश्वेंद्र की शानदार शतकीय पारी

आरपीएल राइडर्स की ओर से विश्वेंद्र शानदार बल्लेबाजी की 69 गेंदों में 117 रनों की नाबाद पारी खेला. उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट्स शामिल थे.

हालांकि विश्वेंद्र की ये शानदार पारी टीम को जीत दिलाने के लिए काफी साबित नहीं हो सकी. उनसे अलग नवीन मिश्रा 17 रनों का योगदान दिया.


देवभूमि रॉयल्स की प्रभावी गेंदबाजी

रॉयल्स की ओर से गेंदबाजी में देवभूमि हर्ष भाटी, मोहम्मद शारिक और अर्णव सोधम एक-एक विकेट लिया.

गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर आरपीएल राइडर्स के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और टीम को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया.


आस मोहम्मद मैन ऑफ द मैच बने

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग 2 के इस मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए आस मोहम्मद को मैन ऑफ द मैच चुना. उन्हें यह पुरस्कार मिला पूर्व लॉन टेनिस खिलाड़ी विजय वर्मा द्वारा उपलब्ध कराया गया।

वहीं मैच का फाइटर का शीर्षक विश्वेंद्र को दिया गया था. यह सम्मान उन्हें शशांक जैन (क्रिस्टल बालाजी) द्वारा उपलब्ध कराया गया।


मैच के दौरान कई गणमान्य लोग मौजूद थे

इस मौके पर देवभूमि टीम के मालिक मो सुमित रोहालउद्योगपति अमित गर्ग उनके समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे.

इसके अलावा मुजफ्फरनगर क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ा भूपेन्द्र यादव, संजय शर्मा, ओम देव सिंह, विकास राठी, रोहित चौधरी, इंद्र माथुर, रोहन त्यागी, अक्षय चौधरी और विनीत चौधरी। मैच के दौरान सहित अन्य लोग भी मौजूद थे.

इन सभी ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की और स्थानीय क्रिकेट को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की.


टूर्नामेंट में देवभूमि रॉयल्स की स्थिति मजबूत

मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग 2 इस जीत के साथ देवभूमि रॉयल्स ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

टीम के प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है और खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतर रहे हैं. क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले मैचों में भी ऐसे ही रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे.


मुजफ्फरनगर प्रीमियर लीग-2 का यह मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक साबित हुआ, जिसमें देवभूमि रॉयल्स ने बेहतरीन बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी के दम पर आरपीएल राइडर्स को 39 रन से हराकर यादगार जीत दर्ज की। इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण अस मोहम्मद का नाबाद शतक रहा, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया और टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बना दिया.

Source link