लखनऊ डकैती कांड का खुलासा, मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के बाद भी नहीं भाग पाए आरोपी

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां चोरों ने 6.35 लाख रुपये की डकैती की और इसके बाद मंदिर में जाकर भगवान को 15 हजार रुपये चढ़ाए. लेकिन इसके बावजूद आरोपी पुलिस से बच नहीं सका. मदेयगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो को मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया.

चाकू की नोंक पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 25 मार्च को हर्ष जयसवाल नाम के कलेक्शन एजेंट से चाकू की नोक पर 6.35 लाख रुपये लूट लिए थे. आरोपियों ने उसे रोककर चाकू मारने की भी कोशिश की थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी.

मुठभेड़ में पकड़ा गया मुख्य आरोपी
मुख्य आरोपी आलोक तिवारी और उसके साथी सजीत सिंह को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया. इस दौरान आलोक तिवारी के पैर में गोली लग गयी. बाकी छह आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग जगहों से पकड़ लिया. गिरफ्तार किये गये अन्य आरोपियों में निर्भय तिवारी, भूपेन्द्र सिंह, पुष्पेन्द्र कुमार उर्फ ​​राज पांडे, मिलन द्विवेदी, कन्हैया दीक्षित और आदर्श तिवारी शामिल हैं।

मंदिर पहुंचकर 15 हजार रुपये चढ़ाए
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि डकैती के तुरंत बाद सभी आरोपी राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम जी मंदिर पहुंचे थे. वह वहां गया और लूटी गई रकम में से 15,000 रुपये दानपेटी में डाल दिए. पुलिस का कहना है कि आरोपी धार्मिक यात्रा के बहाने भागने की फिराक में थे.

5 लाख रुपये और हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 5 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं. इसके अलावा घटना में प्रयुक्त चाकू, बाइक और पिस्तौल भी जब्त कर लिया गया है. पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर कुछ ही दिनों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया.

आगे की जांच जारी है
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने पुलिस टीम की सराहना की है. उन्होंने कहा कि तकनीकी सबूतों के सही इस्तेमाल से केस जल्दी सुलझ गया. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है.

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