ऋषिकेश: अद्भुत स्थिति! ऋषिकेश: सरकारी अस्पताल में दवाएं नहीं, मरीज एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पैसे जुटा रहे हैं

क्या आपने कभी सुना है कि किसी सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को आपस में चंदा करना पड़ता हो? चौंकाने वाली यह तस्वीर उपजिला अस्पताल की है, जहां पिछले 15 दिनों से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं होने के कारण गरीब मरीज बाहर से दवा खरीदने को मजबूर हैं. विभाग की लापरवाही ऐसी है कि लोग अपनी जेब ढीली कर आपस में पैसे इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि किसी तरह इंजेक्शन का इंतजाम हो सके.

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उपजिला अस्पताल के वैक्सीन कक्ष में प्रतिदिन कुत्ते, बिल्ली, बंदर आदि के काटने से 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। बाजार में मेडिकल स्टोर पर एक एंटी रेबीज शीशी की कीमत करीब 400 रुपये है। एक शीशी में चार खुराक होती हैं।

एक शीशी खोलने के बाद फ्रीजर में इसकी समयावधि लगभग चार से पांच घंटे होती है। ऐसे में चार मरीज एक साथ 100-100 रुपये इकट्ठा कर मेडिकल स्टोर से एंटी-रेबीज की शीशी खरीदने को मजबूर हैं।

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अमेठी में 25 हजार रुपये का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. प्रदेश में लागू जीरो टॉलरेंस नीति के तहत वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इस कार्रवाई के दौरान अमेठी पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी शातिर अपराधी मनोज उर्फ ​​रामदत्त को गिरफ्तार किया है. पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है.

शिवरतनगंज पुलिस ने नैया पुल के पास से पकड़ा
यह गिरफ्तारी शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के नैया पुल के पास से हुई. थाना प्रभारी दयाशंकर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की जांच कर रही थी. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहनगंज थाना क्षेत्र के उजेहनी मजरे रास्ता मऊ निवासी सुरेश के पुत्र मनोज उर्फ ​​रामदत्त के रूप में हुई है।

कई संगीन मामलों में वांछित था
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मनोज उर्फ ​​रामदत्त एक शातिर और दुस्साहसी अपराधी है. उसके खिलाफ अमेठी के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वह काफी समय से फरार था, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था.

पुलिस टीम की तत्परता से मिली सफलता
इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी दयाशंकर मिश्रा सहित हेड कांस्टेबल अखिलेश तिवारी, हेड कांस्टेबल आशीष यादव और कांस्टेबल अभिमन्यु की अहम भूमिका रही. पुलिस टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली. इस उपलब्धि की जिले भर में सराहना हो रही है।

गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया
मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी दयाशंकर मिश्रा ने बताया कि 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर जेल भेजा जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा.

(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)

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मोरना में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का भव्य आयोजन: 91 जोड़ों का हुआ विवाह, सरकार ने उठाया पूरा खर्च, मिला आर्थिक सहयोग

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसके तहत उत्तर प्रदेश के मोरना क्षेत्र में सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया 91 जोड़ों का विवाह धार्मिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया. इस आयोजन से न केवल जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता मिली, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और भाईचारे की मिसाल भी कायम हुई।

शुक्रताल मार्ग पर स्थित है लव पैराडाइज़ बैंक्वेट हॉल कार्यक्रम के दौरान जहां आयोजित इस समारोह में हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया 51 हिंदू जोड़ों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न हुआवहीं 40 मुस्लिम जोड़ों का निकाह इस्लामिक परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ. इस प्रकार यह आयोजन सामाजिक सद्भाव एवं साम्प्रदायिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।


सरकार ने पूरा खर्च उठाया, नवविवाहितों को आर्थिक संबल मिला

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी सम्मानजनक तरीके से कराना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक दुल्हन इस कार्यक्रम में भाग ले रही है 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किया।

इसके अतिरिक्त, सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का घरेलू सामान भी दिया गया. इस किट में लगभग शामिल है. 24 आवश्यक वस्तुएँचाँदी के आभूषण, मिठाइयों की टोकरी और सूखे मेवों के पैकेट। नवविवाहित जोड़ों को उनके नए जीवन की शुरुआत में संबल प्रदान करने के लिए यह पहल की गई है।


कार्यक्रम में भव्यता और उत्साह देखने को मिला

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इस आयोजन में भव्य सजावट, पारंपरिक रीति-रिवाज और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला. दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक पोशाक पहने हुए थे और पूरा माहौल हर्ष और उल्लास से भरा हुआ था।

परिजनों व रिश्तेदारों के चेहरे पर संतुष्टि व खुशी साफ झलक रही थी. ऐसे कई परिवार, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों की शादी को लेकर चिंतित थे, इस योजना से राहत महसूस करते दिखे।


विशिष्ट अतिथियों ने आशीर्वाद दिया

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि अब गरीब परिवारों की लड़कियों को दी जाने वाली अनुदान राशि बढ़ाई जाएगी. एक लाख रुपये तक ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें.

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी मो कमल किशोर कंडारकरजिला समाज कल्याण अधिकारी कमलेश दुबे,ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अपराजिता आर्यनब्लॉक प्रमुख अनिल राठीविधायक प्रतिनिधि सुप्रिया पाल कई अधिकारी व जन प्रतिनिधि मौजूद थे.


धार्मिक रीति-रिवाज के साथ शादियां कराई गईं

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इस आयोजन में धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया.

हिंदू जोड़ों के विवाह के लिए पंडित प्रभात कौशिक, अर्पित कपिल, -नीरज शर्मा और अमित वत्स वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न कराया गया। मुस्लिम जोड़ों के लिए काजी शौकत अली अंसारी विवाह की रस्म पूरी कराई।

यह आयोजन धार्मिक विविधता के बीच एकता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।


सामाजिक समरसता का संदेश

इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि सरकारी योजनाएँ न केवल आर्थिक मदद करती हैं बल्कि समाज में समानता और भाईचारे को भी बढ़ावा देती हैं।

एक ही मंच पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के जोड़ों का विवाह इस बात का संकेत है कि सामाजिक सद्भाव और एकजुटता आज भी मजबूत है.


योजना से गरीब परिवारों की तस्वीर बदल रही है

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इस तरह की योजनाएँ उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही हैं जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों की शादी करने में कठिनाई होती है।

इस योजना से न सिर्फ शादी का खर्च कम होता है, बल्कि नवविवाहित जोड़ों को एक सम्मानजनक शुरुआत भी मिलती है. इससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।


कार्यक्रम का सफल संचालन एवं सहयोग

इस सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन स्व आजादवीर सिंह कृत। इसके अलावा कार्यक्रम में कई स्थानीय प्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई.

कार्यक्रम में रामकुमार शर्मा, अरुण पाल, अंकुल चंद शर्मा, योगेन्द्र सिंह, मनोज वालिया, जोगेन्द्र सिंह, प्रांजल कुमार, योगेश धीमान, योगेश सहरावत, सुरजीत, प्रेम कुमार, अशरफ अंसारी, नवीन कुमार, मोहित गौतम, इंदु देशवाल, अजय कृष्ण शास्त्री, अंजुम प्रधान, आलोक प्रधान, सुरेंद्र प्रधान। सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।


समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित यह कार्यक्रम समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। यह न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करता है बल्कि समाज में समानता, सम्मान और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।


मोरना में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का यह भव्य कार्यक्रम न केवल 91 जोड़ों के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत लेकर आया, बल्कि यह समाज में एकता, सहयोग और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का एक मजबूत उदाहरण भी बना। आने वाले समय में इस तरह की पहल निश्चित रूप से समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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उत्तराखंड: सभी अस्पतालों को कैंसर के इलाज और मौतों का रिकॉर्ड जमा करना अनिवार्य, अधिसूचना जारी

कैंसर पर नियंत्रण और निगरानी के लिए अब सभी सरकारी, निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों को कैंसर से पीड़ित मरीजों, उपचार, कैंसर के प्रकार और मृत्यु का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है.

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स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कैंसर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है। लेकिन कैंसर रोग में रिपोर्टिंग सिस्टम की कमी है. रोग नियंत्रण, प्रबंधन और निदान के लिए निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली की आवश्यकता के लिए महामारी अधिनियम के तहत कैंसर को एक अधिसूचित बीमारी घोषित किया गया था।

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इसके चलते सरकारी, निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, लैब, नर्सिंग होम को हर नए मामले की जानकारी सरकार को देना अनिवार्य है। कैंसर मरीजों, इलाज और मौत का डेटा तैयार करने से नियंत्रण और निगरानी में मदद मिलेगी।

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सांसद किशोरी लाल शर्मा का तीन दिवसीय अमेठी दौरा, आस्था से लेकर जनसुनवाई तक रहेगा फोकस

अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा 19 मार्च से अपने संसदीय क्षेत्र के तीन दिवसीय सघन दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनका मुख्य फोकस धार्मिक आस्था, सामाजिक सरोकार और आम लोगों से सीधे संवाद पर रहेगा। नवरात्रि के शुभ अवसर पर वह मंदिरों में पूजा-अर्चना करेंगे और क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनेंगे. इस दौरे को सांसद की सक्रिय उपस्थिति को मजबूत करने के तौर पर भी देखा जा रहा है.

पहले दिन मंदिरों में दर्शन-पूजन
दौरे के पहले दिन यानी 19 मार्च को चैत्र नवरात्रि की शुरुआत पर सांसद शर्मा अमेठी के विभिन्न शक्तिपीठों और मंदिरों का दौरा करेंगे. वे विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करेंगे और क्षेत्र की खुशहाली व खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगे. इस दौरान वह मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं से भी मुलाकात करेंगे और उनका हालचाल पूछेंगे.

दूसरे दिन दिव्यांग सहायता शिविर पर फोकस
दौरे के दूसरे दिन 20 मार्च को सांसद का फोकस सेवा कार्यों पर रहेगा. वह क्षेत्र में आयोजित ‘दिव्यांग सहायता शिविर’ का निरीक्षण करेंगे. इसके साथ ही वह समापन समारोह को संबोधित करेंगे और लाभार्थियों को सहायक उपकरण भी वितरित करेंगे। जानकारी के मुताबिक, सांसद खुद वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे, ताकि हर जरूरतमंद तक मदद सही तरीके से पहुंच सके.

तीसरे दिन गांवों में जनसंपर्क अभियान
दौरे के आखिरी दिन 21 मार्च को सांसद किशोरी लाल शर्मा जनसंपर्क अभियान के तहत विभिन्न गांवों का दौरा करेंगे. इस दौरान वह किसी औपचारिक मुलाकात के बजाय सीधे ग्रामीणों के बीच बैठेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे. मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश देकर समस्याओं का समाधान करने की योजना है. इसके बाद वह रायबरेली के लिए रवाना होंगे।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दौरा
सांसद का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेना, दिव्यांग शिविर के माध्यम से जनसेवा करना और गांवों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करना यह दर्शाता है कि वह इस क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका को और मजबूत करना चाहते हैं। इस दौरे से जनता के बीच उनकी पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है.

(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)

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मुज़फ्फरनगर मुठभेड़: पुलिस पर फायरिंग करने वाला वांछित अभियुक्त दानिश ‘काला’ घायल अवस्था में गिरफ्तार, चोरी का माल बरामद.

मुजफ्फरनगर खतौली इलाके में पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ से इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से आरोपी को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे एक बड़ी आपराधिक घटना का भी खुलासा हो सका.

यह पूरी घटना 17 मार्च 2026 की बताई जा रही है, जब पुलिस टीम नियमित गश्त और चेकिंग अभियान में लगी हुई थी. इसी बीच एक अहम मुखबिर की सूचना ने पूरे ऑपरेशन को नई दिशा दे दी.


गश्त के दौरान मिली सूचना से ऑपरेशन शुरू हुआ

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गश्त के दौरान उन्हें सूचना मिली कि चोरी की घटना में शामिल एक वांछित आरोपी आवास विकास कॉलोनी, खतौली में मौजूद है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की.

जैसे ही पुलिस टीम आरोपियों के करीब पहुंची, स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई. खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने जान से मारने की नियत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.


पुलिस पर फायरिंग, टीम बाल-बाल बची

मुजफ्फरनगर एनकाउंटर आरोपियों द्वारा की गई फायरिंग बेहद गंभीर थी. हालांकि पुलिस टीम ने सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए खुद को सुरक्षित रखा.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी. पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल हो गया, जिसके बाद उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया.


घायल व्यक्ति गिरफ्तार, हथियार बरामद

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी को घायल हालत में हिरासत में लिया और उसे तत्काल इलाज के लिए भेजा. पुलिस ने मौके से आरोपी को पकड़ लिया। एक अवैध पिस्तौल (315 बोर), दो चले हुए कारतूस और एक जिंदा कारतूस। बरामद.

यह बरामदगी इस बात की पुष्टि करती है कि आरोपी न केवल आपराधिक गतिविधियों में शामिल था, बल्कि पुलिस ऑपरेशन के दौरान हथियारों का इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकिचाता था।


चोरी का सामान भी बरामद कर लिया गया

मुजफ्फरनगर एनकाउंटर तलाशी के दौरान पुलिस को चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामान भी बरामद हुए।

पुलिस के मुताबिक आरोपी से

  • एक हार (लॉकेट सहित)

  • दो बालियाँ

  • पायल की एक जोड़ी

  • ₹4420 नकद

  • चल दूरभाष

बरामद किया है। ये सभी सामान खतौली की आवास विकास कॉलोनी में दिन के समय हुई चोरी की घटना से संबंधित बताए जा रहे हैं।

इस बरामदगी से न सिर्फ मुठभेड़ की पुष्टि हुई है बल्कि हाल ही में हुई चोरी की घटना का भी खुलासा हो गया है.


अभियुक्त की पहचान एवं आपराधिक इतिहास

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कर ली है दानिश उर्फ ​​काला पुत्र वारिस उर्फ ​​वसीमगली नं. निवासी 5, हुमायू नगर, थाना लिसाड़ी गेट। आरोपी की उम्र करीब 28 साल बताई जा रही है.

पुलिस रिकार्ड के मुताबिक आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं बीएनएस (भारतीय न्यायिक संहिता) और अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं.

इस जानकारी से यह भी पता चलता है कि आरोपी पहले से ही कानून की नजर में था और लंबे समय से वांछित था.


क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई

खतौली और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से चोरी और डकैती की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही थी. ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी खबर बनकर सामने आई है.

मुजफ्फरनगर एनकाउंटर इसके जरिए पुलिस ने न सिर्फ एक वांछित आरोपी को पकड़ा है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश भी दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं है.


पुलिस की रणनीति और तत्परता ने पेश की मिसाल

इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस की रणनीति और त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही. मुखबिर की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करना, घेराबंदी करना और जवाबी फायरिंग के दौरान संयम बनाए रखना- ये सभी पहलू इस मुठभेड़ को सफल बनाने में अहम रहे.

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराध पर नियंत्रण के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.


कानून व्यवस्था पर सख्ती के संकेत

मुजफ्फरनगर एनकाउंटर इससे साफ है कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है. खासकर हथियार चलाने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा रही है.

इस तरह की कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है और अपराधियों के मन में भय पैदा होता है.


मुजफ्फरनगर के खतौली इलाके में हुई यह मुठभेड़ पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आई है, जहां न सिर्फ एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया गया बल्कि एक चोरी की घटना का भी सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया. पुलिस की सतर्कता और तत्परता से एक संभावित बड़ी आपराधिक घटना टल गयी. उम्मीद है कि इस तरह की कार्रवाई से आने वाले समय में इलाके में कानून व्यवस्था और मजबूत होगी.

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हरिद्वार: ज्वालापुर में अंडरपास के पास खड़ी कार में लगी भीषण आग, लपटें देख मची अफरा-तफरी, वीडियो- हरिद्वार: ज्वालापुर में अंडरपास के पास खड़ी कार में लगी भीषण आग; आग की लपटें उठते ही दहशत फैल गई

ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में दुर्गा चौक अंडरपास के पास किनारे खड़ी कार में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कार जलने लगी. सूचना पाकर मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

जानकारी के मुताबिक अंडरपास के पास एक वाहन गैरेज है. बुधवार दोपहर सड़क किनारे खड़ी एक कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

आग की लपटें काफी ऊंची उठने के कारण आसपास के लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति मच गयी. चेतक कर्मी मौके पर पहुंचे और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। एफएसओ बीरबल सिंह का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। आग से कोई जनहानि नहीं हुई है.

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19 मार्च से अयोध्या में नौ दिवसीय रामकथा, कलश यात्रा शुरू हुई

अयोध्या में जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह के आवास सरायरासी में 19 मार्च से नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन किया जाएगा. इस धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. रामकथा 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी. आयोजन से पहले पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल देखा जा रहा है और दूर-दूर से श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.

महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली
रामकथा से पूर्व बुधवार को महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गयी. यह यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजा संपन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया.

कथा का वाचन गोविंद देव गिरी महाराज करेंगे
इस रामकथा का वाचन गोविंद देव गिरि जी महाराज करेंगे, जो श्रीराम जन्मभूमि के कोषाध्यक्ष भी हैं. उनका प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. नौ दिनों तक चलने वाली इस कथा में धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश दिए जाएंगे.

रामकथा से हमें संस्कृति और नैतिकता की सीख मिलती है।
रोली सिंह ने कहा कि रामकथा भारतीय संस्कृति और आस्था का अहम हिस्सा है। यह समाज में एकता, नैतिकता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं को समझने और उनसे जुड़ने का मौका मिलता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील भी की.

आयोजन के लिए विशेष व्यवस्था
कार्यक्रम प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। किसी को कोई परेशानी न हो इसके लिए स्वयंसेवक लगातार समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।

बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे
इस मौके पर पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, महंत राम जी शरण, मनीष दास, आशा गौड़, लक्ष्मी सिंह, प्रसून लता, एकादशी सिंह, शीतला प्रसाद सिंह, राम सेन सिंह, संजय निषाद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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मुजफ्फरनगर में SSP की सख्त समीक्षा बैठक: अपराधियों पर नकेल, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर बड़े निर्देश

मुजफ्फरनगर। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मो संजय कुमार वर्मा रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों से विस्तार से चर्चा की गयी तथा अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिये गये.

बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक मो सत्यनारायण प्रजापतपुलिस अधीक्षक ग्रामीण -आदित्य बंसलपुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थपुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चैबेसहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा समेत सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, एलआईयू व एसओजी अधिकारी मौजूद रहे।


अपराधियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश

बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले में मौजूदा अपराध की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टॉप-10 अपराधियों एवं हिस्ट्रीशीटरों पर निरन्तर निगरानी रखी जाय। और उनकी हर गतिविधि पर सतर्क नजर रखी जाए.

साथ ही असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.


अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज करने का आदेश

एसएसपी ने साफ कहा कि शराब, खनन, पशु तस्करी और अवैध हथियारों के कारोबार जैसे संगठित अपराधों के खिलाफ. विशेष अभियान चलाया जाए. गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों में अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई को भी प्राथमिकता देने को कहा गया.


महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में मिशन शक्ति 5.0 अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। एंटी रोमियो स्क्वायड और महिला पुलिसकर्मियों को स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने का निर्देश दिया गया।

महिलाओं को 1090, 181, 112, 1098 आदि हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।


पुलिस थानों में बेहतर व्यवहार और सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

एसएसपी थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ रहे सम्मानजनक और विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशनों में स्वच्छ वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जानी चाहिए, ताकि आम लोग बिना किसी डर के अपनी समस्याएं रख सकें.


गश्त और यातायात व्यवस्था पर फोकस करें

डायल-112 के अंतर्गत संचालित पीआरवी वाहनों की समीक्षा करते हुए नियमित एवं प्रभावी गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया.

इसके अलावा यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.


लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के आदेश

एसएसपी ने विशेषकर लंबित विवेचनाओं को नोट किया महिलाओं के खिलाफ अपराध, एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामलों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रकरणों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।


भ्रष्टाचार पर सख्त चेतावनी

बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गयी

आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए बाजारों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए. पुलिस टीमों को अलर्ट मोड में रहने और हर स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है.


उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित

बैठक के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्हें भविष्य में भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आयोजित इस समीक्षा बैठक से यह साफ संकेत मिल गया है कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय और सतर्क है. अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और जनता के प्रति संवेदनशीलता को लेकर दिये गये निर्देश आने वाले समय में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभायेंगे.

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चार धाम यात्रा 2026: 23 मार्च से बनने लगेंगे वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड, बिना बनवाए नहीं मिलेगी एंट्री

संवाद न्यूज एजेंसी,ऋषिकेश

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन बुधवार, 18 मार्च 2026 04:45 अपराह्न IST

चार धाम यात्रा 2026: 23 मार्च को सुबह 11 बजे से ग्रीन कार्ड जारी करने का काम औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा.


चार धाम यात्रा 2026 वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड जारी करना 23 मार्च से शुरू होगा

चारधाम यात्रा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा पर जाने वाले व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया 23 मार्च से शुरू की जाएगी.

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23 मार्च को सुबह 11 बजे से एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड जारी करने का कार्य विधिवत शुरू हो जाएगा। एआरटीओ रावत सिंह कटारिया ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर चलने वाले सभी व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य होगा।

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बिना ग्रीन कार्ड के किसी भी वाहन को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। एआरटीओ कटारियो ने बताया कि वाहन स्वामी व चालक 23 मार्च से सभी कार्य दिवसों पर समय से अपने वाहनों का निरीक्षण करा सकते हैं और आवश्यक वैध दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचकर ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

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