मुजफ्फरनगर में श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य माहौल: ध्रुव, सती और नरसिम्हा अवतार की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

मुजफ्फरनगर शहर में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला. सनातन धर्म सभा भवन में आयोजित इस पावन कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा स्थल पर ऐसा दिव्य माहौल बना कि हर तरफ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों की गूंज सुनाई देने लगी। कथा सुनते समय श्रद्धालु भावविभोर होते दिखे और भक्ति के रस में डूबकर भगवान की महिमा का स्मरण करते रहे।

श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त अग्रवाल परिवार के तत्वाधान में किया जा रहा है। कथा सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। तीसरे दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने लायक था। श्रद्धालुओं ने कथा के साथ-साथ भजन-कीर्तन में भाग लेकर माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।


भक्ति और आस्था से सराबोर हुआ सनातन धर्म सभा भवन

सनातन धर्म सभा भवन में आयोजित हुआ मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा तीसरे दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। कथा स्थल को फूलों और धार्मिक सजावटों से सजाया गया था, जिससे माहौल और भी पवित्र हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रूप में मोहित मित्तल (श्री राधे इंडस्ट्रीज), राजेश जैन (गर्ग डुप्लेक्स), शैलेश कुच्छल, विच्युत अग्रवाल और संदीप गर्ग (एसके इंटरनेशनल) उपस्थित रहें। सभी यजमानों ने व्यास पीठ पर बैठे कथावाचक का स्वागत किया। हिमेश शास्त्री जी महाराज (मथुरा निवासी) से आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस मौके पर कार्तिक अग्रवाल सभी अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार किया गया। कथा की शुरुआत श्रीमद्भागवत की आराधना से हुई और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ कथा का आनंद लेते रहे।


सती चरित्र से आत्मसम्मान और गरिमा का संदेश मिला

कहानी कहने वाला हिमेश शास्त्री महाराज अपने उपदेश में सती चरित्र बहुत ही भावपूर्ण वर्णन किया है. उन्होंने बताया कि सती माता ने अपने स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए जो मिसाल कायम की वह आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने बताया कि सती का चरित्र मनुष्य को सिखाता है कि जीवन में स्वाभिमान और मर्यादा कितनी महत्वपूर्ण है। धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी भी अन्याय के सामने नहीं झुकता।

कथा के इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और कई श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं।


ध्रुवाख्यान: अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा

मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा इस दौरान ध्रुवाख्यान की कथा भी बड़े ही भावपूर्ण ढंग से सुनाई गई। कथावाचक ने बताया कि बालक ध्रुव की भक्ति और तपस्या अद्वितीय थी।

उन्होंने बताया कि ध्रुव ने छोटी उम्र में कठोर तपस्या कर भगवान विष्णु को प्रसन्न किया। ईश्वर की कृपा से उसे आकाश में ध्रुव तारे के रूप में अमरता प्राप्त हुई।

यह कथा यह संदेश देती है कि यदि मन में सच्ची भक्ति और अटूट विश्वास हो तो भगवान की कृपा अवश्य मिलती है।


भरत चरित्र: त्याग और भक्ति का अद्भुत उदाहरण

कथावाचक हिमेश शास्त्री महाराज भरत चरित्र इसका वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर के प्रति सच्चा प्रेम मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से मुक्त करा सकता है।

उन्होंने कहा कि भरत जी का जीवन बताता है कि जब मनुष्य अपने जीवन में ईश्वर को सर्वोच्च स्थान देता है तो वह सांसारिक बंधनों से ऊपर उठ जाता है।

इस प्रसंग से श्रद्धालुओं को सीख मिली कि भक्ति और त्याग से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।


नृसिंह अवतार: भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान का प्रकट होना

कहानी के दौरान नरसिम्हा अवतार प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथावाचक ने बताया कि जब अत्याचारी हिरण्यकशिपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की पूजा करने से रोकना चाहा तो भगवान ने नृसिंह अवतार लेकर अपने भक्त की रक्षा की।

उन्होंने बताया कि भगवान सदैव अपने भक्तों के साथ रहते हैं और जब भी धर्म पर संकट आता है तो वे किसी न किसी रूप में प्रकट होकर अधर्म का अंत करते हैं।

यह घटना भक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक थी और पूरे कथा स्थल पर “नृसिंह भगवान की जय” के नारे गूंज उठे।


भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे, पूरा परिसर गूंज उठा।

मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा इस दौरान जब भगवान श्रीकृष्ण के भजन गाए गए तो श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। भजन-कीर्तन के दौरान माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया।

कई भक्त भगवान के नाम का जाप करते हुए नाचते और तालियां बजाते नजर आए। कथा स्थल पर मौजूद हर कोई इस आध्यात्मिक माहौल में पूरी तरह डूब गया।

पूरा परिसर भगवान कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा और ऐसा लग रहा था मानो पूरा वातावरण भक्ति की ऊर्जा से भर गया हो।


आरती के साथ कथा दिवस का समापन हुआ

कथा के अंत में सभी भक्तों ने भगवान की आरती में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख, समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर आयोजक मो अभिनव अग्रवाल ने बताया कि मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा आयोजन प्रतिदिन भक्ति एवं उत्साह के साथ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर धर्मलाभ ले रहे हैं।


बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे

इस पावन आयोजन में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्य रूप से परमात्मा शरण अग्रवाल, प्रदीप गर्ग, किशन अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, दीप अग्रवाल, अभिनव गर्ग, कार्तिक अग्रवाल, दीपक गोयल, योगेश माहेश्वरी, अमित गर्ग, श्रुति अग्रवाल, निकिता अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, इनाक्षी अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, प्रीति टाय, रचना अग्रवाल और ममता अग्रवाल। सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

कथा सुनकर श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन हो गए और आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।


मुजफ्फरनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ने श्रद्धालुओं के मन में धर्म और भक्ति की नई चेतना जागृत की है। सनातन धर्म सभा भवन में प्रतिदिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि भगवान की कथा और भक्ति आज भी समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ने का काम कर रही है। आने वाले दिनों में भी कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था और नैतिकता का संदेश मिलता रहेगा, जिससे समाज में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण का विस्तार होगा.

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निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश को बड़ी राहत, राज्यपाल ने दिया बहाली का आदेश

निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बड़ी राहत मिली है. राज्यपाल ने उन्हें सेवा में बहाल करने का आदेश जारी कर दिया है. आदेश के मुताबिक अभिषेक प्रकाश 15 मार्च से अपनी सेवा में बहाल हो जायेंगे. हालांकि, उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी. जांच प्रक्रिया के दौरान सबूत जुटाने का काम जारी रहेगा. इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस मामले की खूब चर्चा हो रही है.

सोलर कंपनी से रिश्वत मांगने का आरोप था
अभिषेक प्रकाश पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था. शिकायत मिलने के बाद 20 मार्च 2025 को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. यह शिकायत SAEL सोलर P6 प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने की थी. कंपनी ने इस मामले की शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभिषेक प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गयी.

हाई कोर्ट से राहत
हाल ही में इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अभिषेक प्रकाश के खिलाफ दायर आरोप पत्र को रद्द कर दिया. कोर्ट के फैसले के बाद विभागीय स्तर पर उनकी बहाली की प्रक्रिया शुरू की गयी और अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया है.

बिचौलिए के माध्यम से कमीशन मांगने का आरोप
जांच के दौरान आरोप लगा कि अभिषेक प्रकाश ने एक बिचौलिए के जरिए कंपनी से 5 फीसदी कमीशन मांगा था. इसी आरोप के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. अभिषेक प्रकाश का जन्म 1982 में हुआ था और वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने आईआईटी रूड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने कई जिलों में जिलाधिकारी के पद पर भी काम किया है.

कई जिलों में जिलाधिकारी रहे हैं
आईएएस अभिषेक प्रकाश लखनऊ, लखीमपुर खीरी, अलीगढ़ और हमीरपुर जैसे जिलों में जिलाधिकारी रह चुके हैं। लखनऊ में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान सरोजिनी नगर में रक्षा गलियारा परियोजना के लिए भूमि भी अधिग्रहित की गई थी।

कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मामले में किसी भी तरह के पैसे के लेन-देन का कोई सबूत सामने नहीं आया है. न तो किसी तरह की संपत्ति या कीमती सामान दिए जाने का सबूत था और न ही किसी को धमकी देने का कोई सबूत था. इसके अलावा जांच के दौरान एक करोड़ रुपये की कथित नकदी भी बरामद नहीं हुई. कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो कि किसी लोक सेवक को अनुचित लाभ की पेशकश की गई हो. इन्हीं कारणों के आधार पर कोर्ट ने चार्जशीट रद्द कर दी और अभिषेक प्रकाश को राहत दे दी. हालांकि, उनके खिलाफ विभागीय जांच अभी भी जारी रहेगी.

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मुजफ्फरनगर में यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा: 17 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, एसपी सिटी ने किया निरीक्षण

मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग पूरी तरह से सक्रिय नजर आया. जिले में परीक्षा के दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गयी. इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिये.

मुजफ्फरनगर जिले में आयोजित इस महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है. परीक्षा के दूसरे दिन दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें जिले के अभ्यर्थी शामिल हुए कुल 17 परीक्षा केंद्र लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित हुए. परीक्षा के दौरान व्यवस्था सुचारू रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से निगरानी व्यवस्था मजबूत रखी.


सुरक्षा व्यवस्था का किया गया व्यापक निरीक्षण

पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत परीक्षा केंद्रों का दौरा किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की. वे केन्द्रों में लगे हुए हैं सीसीटीवी कैमरेप्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा बलों, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा केंद्रों के अंदर एवं बाहर सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित रूप से संचालित हों तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी देखा कि केंद्रों पर आने वाले अभ्यर्थियों के लिए पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं. अधिकारियों ने साफ किया कि परीक्षा के दौरान छात्रों की सुविधा और सुरक्षा दोनों का ख्याल रखना प्रशासन की प्राथमिकता है.


अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

यूपी पुलिस एसआई परीक्षा मुजफ्फरनगर के तहत आयोजित इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा देने के लिए कई अभ्यर्थी दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण इलाकों से भी आए थे.

इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. पुलिसकर्मियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होने दी जाये और अभ्यर्थियों को समय पर केंद्र तक पहुंचने में कोई बाधा नहीं आये.

इसके अलावा पुलिस बल को अभ्यर्थियों के साथ शालीन व्यवहार रखने और उन्हें आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराते रहने का निर्देश दिया गया.


स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की भी समीक्षा की गयी

परीक्षा के संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर स्ट्रांग रूम निरीक्षण भी किया। यहां प्रश्नपत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री सुरक्षित रखी जाती है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्ट्रांग रूम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत रखी जाये तथा वहां तैनात पुलिस बल पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभायें.

परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखना प्रशासन के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है, इसलिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है.


संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर ने अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखने का भी निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखे तो तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाये.

इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न होने दी जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित न हो और अभ्यर्थियों को सुरक्षित माहौल मिल सके.


सिटी कंट्रोल रूम से भी मॉनिटरिंग की गयी.

यूपी पुलिस एसआई परीक्षा मुजफ्फरनगर शहर में विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए सिटी कंट्रोल रूम से भी निगरानी की गयी.

नगर पुलिस अधीक्षक ने कंट्रोल रूम में लगे कैमरों के माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों की स्थिति देखी. इसके जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा के दौरान पूरे शहर में यातायात व्यवस्था और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे.

पुलिस सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम के जरिए शहर की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.


निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा राज्य की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसमें बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थी भाग लेते हैं, जो पुलिस सेवा में शामिल होकर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देना चाहते हैं.

इस कारण प्रशासन परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित इसे सही ढंग से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा एक विशेष रणनीति तैयार की गई है, जिसमें परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, ​​​​यातायात नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी शामिल है।


पुलिस और प्रशासन की संयुक्त तैयारी

जिले में आयोजित किया गया यूपी पुलिस एसआई परीक्षा मुजफ्फरनगर इसके सफल समापन के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला.

परीक्षा के दौरान पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को अनुशासन व सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के स्पष्ट निर्देश दिये गये. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था उत्पन्न न हो.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा अवधि के दौरान लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा सकता है.


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जमीन विवाद में बवाल, पीआरबी पुलिस की गाड़ी पर पथराव, टूटे शीशे

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बाघराय थाना क्षेत्र के देवरीहरदोपट्टी गांव में जमीन विवाद को लेकर शुक्रवार की शाम जमकर बवाल हुआ. मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस की पीआरबी गाड़ी पर कुछ लोगों ने ईंट-पत्थर फेंके, जिससे गाड़ी का पिछला शीशा टूट गया. घटना के दौरान पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपना पड़ा. सूचना पाकर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

जमीन विवाद को लेकर दो दिनों से तनाव चल रहा था
जानकारी के अनुसार, देवरीहरदोपट्टी गांव में कृष्ण कुमार और अजय कुमार के बीच जमीन को लेकर पिछले दो दिनों से विवाद चल रहा था. दो दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी. शुक्रवार की शाम करीब साढ़े आठ बजे अजय कुमार और उसके कुछ साथी कृष्ण कुमार के घर पहुंचे और घर को घेर लिया. आरोप है कि उसने जबरन मारपीट और अभद्रता शुरू कर दी। इस दौरान कृष्ण कुमार ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी और बताया कि 20 से 25 लोगों ने उसके घर को घेर लिया है और उसकी मां शिवदुलारी को बेरहमी से पीट रहे हैं.

पुलिस के पहुंचते ही हमलावर भाग गये
सूचना मिलने पर पीआरबी पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही हमलावर वहां से भाग निकले। इसके बाद कृष्ण कुमार की मां शिवदुलारी और पुलिसकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई. पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांत रहने को कहा और आश्वासन दिया कि हमलावर पकड़े जाएंगे. लेकिन इससे कृष्ण कुमार के परिजन नाराज हो गये. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विपक्षी दल से मिली हुई है और उनके सामने ही तोड़फोड़ कर हमलावर भाग गये.

गाड़ी पर पथराव, पुलिसकर्मियों ने छिपकर बचाई जान
गुस्साए परिजनों ने पीआरबी वाहन पर ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इससे कार का पिछला शीशा टूट गया। लोगों ने पुलिस को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके चलते पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए पास में छिपना पड़ा. पीआरबी में तैनात कांस्टेबल सत्यदेव मौर्य ने तत्काल घटना की जानकारी थाना प्रभारी श्रवण कुमार को दी।

भारी पुलिस बल के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ.
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष श्रवण कुमार तीन पीआरबी गाड़ियों व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को आता देख पथराव कर रहे लोग वहां से भाग गये. इसके बाद पीआरबी वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी सुरक्षित थाने पहुंच सके। सिपाही सत्यदेव मौर्य की शिकायत पर पुलिस ने देवरीहरदोपट्टी गांव के अरुण कुमार, कृष्ण कुमार, शिवदुलारी, बीनू और बिटाऊ समेत पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया कि पुलिस वाहन और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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मुजफ्फरनगर में ईद की खरीदारी कर लौट रहे युवकों को बाइक ने मारी टक्कर, भीषण सड़क हादसे में पांच घायल, एक की हालत गंभीर

मुजफ्फरनगर जिले में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया थाना ककरौली क्षेत्र आगे बढ़े, जहां दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. हादसा उस वक्त हुआ जब चार युवक ईद की खरीदारी कर अपने गांव लौट रहे थे. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इस हादसे के बाद आसपास के गांवों में चिंता और शोक का माहौल है. घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.


ईद की खरीदारी कर लौटते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ककरौली थाना क्षेत्र के गांव तेवड़ा निवासी नदीम, नसीम, ​​भूरा और शानूर। आसपास के कस्बे एक ही बाइक पर सवार हैं रोना गए थे। ईद का त्योहार नजदीक होने के कारण चारों युवक नए कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार पहुंचे थे.

दोपहर के आसपास साढ़े बारह बजे जब वे खरीदारी कर अपने गांव लौट रहे थे, तभी तेवड़ा-चौरावाला मार्ग लेकिन सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से उसकी टक्कर हो गई। सामने वाली बाइक को चौरावाला निवासी युवक चालन कर रहा था।


जोरदार टक्कर से हड़कंप मच गया

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बाइकों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि टक्कर होते ही सभी बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद सड़क पर खून फैल गया और घायल युवक दर्द से कराहने लगा.

अचानक हुए इस हादसे से आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और राहगीर भी घबरा गए। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।


ग्रामीणों और पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया

मुज़फ्फरनगर सड़क हादसा जैसे ही सूचना मिलेगी ककरौली थाना मौके पर पहुंचे. इस दौरान घायलों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए पहुंचाया गया. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपा उन्हें ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।


तीन युवकों की हालत गंभीर

घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए भोपा स्वास्थ्य केंद्र पर प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें छुट्टी दे दी। जिला अस्पताल मुजफ्फरनगर निर्दिष्ट।

बताया जा रहा है कि घायलों में मो तीन युवकों की हालत गंभीर है वह मुजफ्फरनगर का रहने वाला है सिटी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया है. वहीं एक युवक की हालत काफी गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए भेज दिया गया. मेरठ का हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है.

डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादातर लोग घायल हैं सिर और पैर में गंभीर चोटें वह आ गई हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है.


दो गांवों में छाया मातम और चिंता

मुज़फ्फरनगर सड़क हादसा खबर फैलते ही तेवड़ा और चौरावाला गांव में चिंता और बेचैनी का माहौल पैदा हो गया. परिजन व ग्रामीण अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी लेते रहे।

ईद के त्योहार से पहले हुए इस हादसे ने अचानक परिवारों की खुशियों को चिंता में बदल दिया. कई लोग अस्पताल में घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करते दिखे.


ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा पर उठाए सवाल

ऐसा स्थानीय ग्रामीणों का कहना है तेवड़ा-चौरावाला मार्ग यह काफी संकरा है, लेकिन इसके बावजूद यहां से गुजरने वाले वाहन अक्सर तेज गति से गुजरते हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक इस मार्ग पर पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद यातायात नियंत्रण या सड़क सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं.

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर गति सीमा को सख्ती से लागू किया जाए और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं.


पुलिस ने जांच शुरू की

हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और संबंधित पहलुओं की जांच की जाएगी.

साथ ही इस समय पुलिस की प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखना है.


सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंता

मुज़फ्फरनगर सड़क हादसा यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और संकरी सड़कों पर लापरवाही से गाड़ी चलाना ऐसे हादसों का बड़ा कारण बन रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के प्रभावी उपाय किए जाएं और वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ाई जाए तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।


मुजफ्फरनगर के ककरौली इलाके में हुआ यह सड़क हादसा कई परिवारों के लिए गहरी चिंता का कारण बन गया है. ईद की खुशियों के बीच अचानक हुए इस हादसे से इलाके में सहानुभूति और चिंता का माहौल है. पुलिस और प्रशासन घायलों के बेहतर इलाज के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, वहीं स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.

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बच्चों को डराकर लहूलुहान कर देते थे… सामने आई देवरिया के ड्रैकुला गैंग की खौफनाक कहानी.

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कथित गिरोह पर नाबालिग बच्चों को डराकर उनका खून निकालकर बेचने का आरोप लगा है. घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों में जबरदस्त गुस्सा है. यह मामला देवरिया कोतवाली थाना क्षेत्र के उमा नगर कॉलोनी का बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछले कुछ समय से एक गिरोह सक्रिय है, जिसे लोग ‘ड्रैकुला गैंग’ कहते हैं. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

बच्चों को डराकर पैसे मांगने का आरोप
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य इलाके में नाबालिग बच्चों को रोकते थे और उनसे पैसे मांगते थे. जब बच्चे पैसे नहीं दे पाते थे तो उन्हें डराया-धमकाया जाता था। आरोप है कि गिरोह के सदस्य बच्चों से कहते थे कि अगर वे पैसे नहीं दे सकते तो उन्हें रक्तदान करके इसकी भरपाई करनी चाहिए। बताया जा रहा है कि बच्चों को हथियार दिखाकर डराया गया ताकि वे किसी से शिकायत न करें. इस वजह से कई बच्चे डर के मारे काफी देर तक चुप रहे.

ब्लड बैंक में ले जाकर खून निकाला गया।
मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि गिरोह के सदस्य बच्चों को जबरन कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनूघाट स्थित एक ब्लड बैंक में ले जाते थे. वहां कथित तौर पर बच्चों का खून निकाला जाता था और बाद में उस खून को बेच दिया जाता था. जब बच्चों ने यह पूरी बात अपने परिवार वालों को बताई तो परिवार वाले हैरान और डर गए। कई बच्चों ने बताया कि गिरोह के सदस्य उन्हें रास्ते में रोककर पैसे मांगते थे. पैसे नहीं देने पर उन्हें जबरन उठा लिया जाता था और ब्लड बैंक में रक्तदान करने के लिए मजबूर किया जाता था.

इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई
घटना की जानकारी मिलने के बाद अभिभावकों ने सामूहिक रूप से जिला पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन से मुलाकात की और पूरे मामले की शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद एसपी ने तुरंत जांच के आदेश दिये. पुलिस टीम को मामले की गहनता से जांच कर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है.

इलाके में गुस्सा और डर बढ़ गया
घटना सामने आने के बाद उमा नगर कॉलोनी और आसपास के इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है. स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हो जायेगा.

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मुजफ्फरनगर में पारिवारिक विवाद ने लिया खतरनाक मोड़: शेरनगर गांव में भतीजे ने चाचा को मारी गोली, इलाके में दहशत

मुजफ्फरनगर आपसी विवाद में चली गोली से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना नई मंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों की है. शेरनगर बताया जा रहा है. फायरिंग की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गये.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत गांव पहुंची और पूरे मामले की जांच में जुट गई. घायल युवक को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर कर दिया.


गांव शेरनगर में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया

प्राप्त जानकारी के अनुसार शेरनगर गोलीकांड इसकी शुरुआत पारिवारिक विवाद से हुई. बताया गया कि वह गांव शेरनगर का रहने वाला है याकूब और उसका भतीजा नौमान किसी बात को लेकर उनके बीच बहस हो गई।

शुरुआत में यह विवाद सामान्य बहस के तौर पर शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति गंभीर हो गई. ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर भतीजे नौमान ने अपने चाचा याकूब पर गोली चला दी.

गोली लगते ही याकूब गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े.


फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई

जैसे ही गोलीबारी की घटना यह खबर गांव में फैल गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। लोग तेजी से आसपास के घरों से निकलकर घटना स्थल पर पहुंचने लगे।

कुछ ही देर में दर्जनों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। घायल युवक की हालत देखकर लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

ग्रामीणों ने बताया कि अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. लोग समझ नहीं पा रहे थे कि मामूली विवाद इतनी बड़ी घटना कैसे बन गयी.


घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया

घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उच्चतर केंद्र के लिए रेफर किया गया.

डॉक्टरों के मुताबिक गोली लगने से युवक को गंभीर चोटें आई हैं और उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की जरूरत है.

इस बीच परिजन व ग्रामीण भी घायल युवक को लेकर अस्पताल पहुंचे और उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करने लगे.


सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंच गई

सूचना मिलते ही नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आपसी विवाद का लग रहा है. हालांकि घटना के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है. पुलिस ने मौके से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए हैं और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.


आपसी विवादों के कारण अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि कई बार छोटी-मोटी नोकझोंक या पारिवारिक विवाद अचानक हिंसक रूप ले लेता है। ऐसे में गुस्से में उठाया गया एक कदम पूरे परिवार और समाज पर भारी पड़ सकता है. शेरनगर गोलीकांड यह भी एक ऐसा ही मामला माना जा रहा है, जहां एक पारिवारिक विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया।

सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से यह भी पता चलता है कि विवादों को बातचीत और समझ से सुलझाना कितना जरूरी है.


घटना को लेकर ग्रामीणों में चिंता

घटना के बाद गांव शेरनगर में लोग चर्चा करते दिखे कि ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आमतौर पर शांति का माहौल है, लेकिन ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं.

कई ग्रामीणों ने कहा कि पारिवारिक विवादों को बढ़ने से पहले ही सुलझा लेना चाहिए ताकि ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके.


पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विस्तृत जांच की जा रही है. घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने लाने के लिए जांच टीम सक्रिय है.पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो जायेगी.

अधिकारियों ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


मुजफ्फरनगर के शेरनगर गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि अगर समय रहते आपसी विवादों को शांतिपूर्वक नहीं सुलझाया गया तो ये गंभीर परिणाम दे सकते हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायल युवक का इलाज चल रहा है. गांव के लोग भी इस घटना के बाद शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते नजर आ रहे हैं, ताकि इलाके में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके.

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फ़तेहपुर के होलापुर में भयानक हादसा, नशे में धुत युवक ने चार लोगों पर चढ़ाया ट्रैक्टर

उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर जिले के औंग थाना क्षेत्र के होलापुर गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवक ने शराब के नशे में अपनी पत्नी समेत चार लोगों पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. इस घटना में चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जबकि आरोपी की पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है.

आरोपी नशे का आदी बताया जा रहा है
जानकारी के मुताबिक, होलापुर गांव निवासी महेश नाम का युवक शराब पीने का आदी बताया जा रहा है. कहा जाता है कि वह अक्सर शराब के नशे में अपना आपा खो देते हैं। बताया गया कि घटना की रात भी वह नशे में था. इसी बीच गुस्से में आकर उसने अपनी 45 वर्षीय पत्नी आशा देवी समेत चार लोगों पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया.

चार लोग घायल
इस घटना में महेश की पत्नी आशा देवी के अलावा गांव निवासी भगवान दास, अंशिका देवी और कल्लू भी घायल हो गये. भगवान दास की उम्र करीब 62 साल बताई जा रही है. अंशिका देवी संतोष कुमार की 14 वर्षीय पुत्री और कल्लू रंजीत कुमार का 22 वर्षीय पुत्र है. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत घायलों को इलाज के लिए गोपालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया.

जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
गोपालगंज सीएचसी में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद सभी को सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने सभी घायलों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, महेश की पत्नी आशा देवी की हालत गंभीर बनी हुई है.

मैंने पहले भी ऐसा किया है
घायल भगवान दास के बेटे नीरज ने बताया कि महेश शराब पीने का आदी है और पहले भी इस तरह की घटना को अंजाम दे चुका है. हालांकि उस वक्त किसी को चोट नहीं आई थी. बकौल नीरज, इस बार भी उसने वही हरकत दोहराई, जिससे चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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50 हजार से कम में नहीं मानेंगे साहब…अधिकारी के नाम पर क्लर्क ने मांगी रिश्वत, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा एक विवादित मामला सामने आया है. बीएसए कार्यालय में तैनात एक वरिष्ठ बाबू का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में बड़े बाबू कथित तौर पर नोटिस रद्द कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद विभाग की छवि पर सवाल उठ रहे हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं. हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

नोटिस खत्म कराने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को बीएसए कार्यालय में तैनात बड़े बाबू उदयवीर सिंह का एक वीडियो सामने आया है. वीडियो में वह एक शिक्षक से नोटिस रद्द कराने के नाम पर पचास हजार रुपये की मांग करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में बड़े बाबू कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह और बीएसए एक-दूसरे के काफी करीब हैं। वह सामने वाले से कहता है कि पचास हजार रुपये दोगे तो नोटिस निपट जाएगा।

वीडियो में सौदेबाजी की भी चर्चा की गई है
वायरल वीडियो में यह भी सुनाई दे रहा है कि सामने वाला शख्स चालीस हजार रुपये में मामला रफा-दफा करने की बात करता है. इस पर बड़े बाबू कहते हैं कि अधिकारी पचास हजार रुपये से कम नहीं मानेंगे। इसके बाद सामने वाला शख्स कहता है कि वह सोमवार तक पचास हजार रुपये का इंतजाम कर देगा और मामला रफा-दफा करने की बात करता है. बड़े बाबू भी इस बात से सहमत हो जाते हैं और कहते हैं कि ठीक है.

बीएसए ने दिए जांच के आदेश
वीडियो सामने आने के बाद उन्नाव जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश पांडे ने मामले का संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि यह बात सामने आयी है कि विभाग का एक सहायक एक शिक्षक से पैसे की मांग कर रहा था, जिससे विभाग की छवि खराब हुई है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. साथ ही संबंधित बाबू से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जाता है कि बाबू कई वर्षों से तैनात है
सूत्रों के मुताबिक आरोपी बड़ा बाबू कई वर्षों से बीएसए कार्यालय में तैनात बताया जा रहा है। फिलहाल विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अगर आरोप सही पाए गए तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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अस्पताल की लैब बनी पार्टी हॉल…ड्यूटी के दौरान शराब पीते दिखे कर्मचारी वाराणसी

उत्तर प्रदेश समाचार: सरकार की ओर से अक्सर यह दावा किया जाता है कि पिछले कुछ सालों में राज्य के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है. लेकिन समय-समय पर सामने आने वाली घटनाएं इन दावों पर सवाल खड़े करती हैं. ऐसा ही एक मामला वाराणसी के दीन दयाल उपाध्याय जिला अस्पताल से सामने आया है. यहां की पैथोलॉजी लैब में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की कथित कॉकटेल पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में अस्पताल कर्मचारी ड्यूटी के दौरान लैब के अंदर शराब और चिकन की पार्टी करते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

पैथोलॉजी लैब में ड्यूटी के दौरान पार्टी करने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के दीन दयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में कुछ कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान शराब और खाने की पार्टी शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि यह घटना उस वक्त हुई जब अस्पताल में मरीजों के ब्लड सैंपल और जांच रिपोर्ट से जुड़ा काम चल रहा था. वायरल वीडियो में कुछ लोग लैब के अंदर बैठकर शराब पीते और खाना खाते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि ये लोग लैब टेक्नीशियन और सैंपलिंग करने वाले कर्मचारी हो सकते हैं. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वीडियो में नजर आ रहे लोग कौन हैं.

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है. अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस राम ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दे दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि एक कमेटी बनाई गई है जो वीडियो की जांच करेगी और पता लगाएगी कि पार्टी में कौन-कौन कर्मचारी शामिल थे. जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुराना वीडियो बताया जा रहा है
सीएमएस डॉ. आरएस राम ने यह भी बताया कि यह वीडियो पिछले साल जून या जुलाई का बताया जा रहा है और वह उस वक्त यहां पोस्ट नहीं थे. हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल की प्रतिष्ठा और अनुशासन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जांच कमेटी वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करेगी और पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी.

अश्वनी तिवारी

अश्वनी तिवारी यूपी न्यूज नेटवर्क में उप-संपादक हैं। वह राजनीति, अपराध, खेल, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। उन्हें मीडिया जगत में 2 साल का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ उन्हें वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। सुमनटीवी ने हैदराबाद (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ काम किया है और ZEE न्यूज़ और इंडिया वॉच जैसे प्रतिष्ठित समाचार संगठनों में इंटर्नशिप का अनुभव प्राप्त किया है। पिछले 1 वर्ष से वह यूपी न्यूज नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी से पढ़ाई कर चुके अश्विनी तिवारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं जो दर्शकों को तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, जमीनी मुद्दे और सटीक जानकारी प्रदान करती है। उनका जन्मस्थान वाराणसी है, जबकि अपने काम के दौरान उन्होंने कई शहरों में रहकर पत्रकारिता की है।

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